जयपुर में युवक के पेट से निकाले गए 7 टूथब्रश और 2 लोहे के पाने: डॉक्टर भी रह गए हैरान
जयपुर के एक निजी अस्पताल में भीलवाड़ा के 26 वर्षीय मानसिक रूप से कमजोर युवक के पेट से सर्जरी कर 7 टूथब्रश और 2 लोहे के पाने निकाले गए। युवक 26 दिसंबर 2025 को तेज पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचा था। अल्ट्रासाउंड में विदेशी वस्तुएं दिखने पर 2 घंटे से अधिक चली ओपन सर्जरी की गई। डॉ. तन्मय पारीक की टीम ने सफल ऑपरेशन किया और मरीज की जान बचाई।
राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक चौंकाने वाली मेडिकल घटना सामने आई है। एक 26 वर्षीय युवक के पेट से सर्जरी के दौरान 7 टूथब्रश और 2 लोहे के पाने (रेंच) निकाले गए। यह घटना 26 दिसंबर 2025 की है, जब भीलवाड़ा निवासी यह युवक तेज पेट दर्द की शिकायत लेकर जयपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचा था। जांच के बाद डॉक्टरों को पता चला कि उसके पेट में ये विदेशी वस्तुएं मौजूद हैं, जिसके बाद तुरंत ऑपरेशन किया गया।
घटना का विवरण मरीज की स्थिति: भीलवाड़ा से आए 26 साल के युवक को पेट में असहनीय दर्द हो रहा था। वह 26 दिसंबर को जयपुर के एक प्राइवेट अस्पताल (कुछ रिपोर्ट्स में एसआर काला अस्पताल का जिक्र) में भर्ती हुआ।जांच में खुलासा: अस्पताल के सीनियर गैस्ट्रो सर्जन डॉ. तन्मय पारीक ने मरीज की सोनोग्राफी (अल्ट्रासाउंड) और अन्य जांच करवाई। रिपोर्ट देखकर पूरी मेडिकल टीम हैरान रह गई। पेट में बड़ी संख्या में टूथब्रश और लोहे की पाने जैसी सख्त वस्तुएं नजर आईं। ये वस्तुएं आमाशय (पेट) की दीवार तक पहुंच चुकी थीं, जो किसी भी समय गंभीर संक्रमण या छिद्र का कारण बन सकती थीं।एंडोस्कोपी असफल: डॉ. पारीक ने बताया कि इन वस्तुओं को एंडोस्कोपी (कैमरे वाली ट्यूब से) निकालना संभव नहीं था, क्योंकि वे नुकीली और सख्त थीं। इसलिए ओपन सर्जरी (खुली सर्जरी) का फैसला लिया गया।सर्जरी की: 26 दिसंबर को ही करीब 2 घंटे से अधिक समय तक चली सर्जरी में मरीज के पेट से कुल 7 टूथब्रश और 2 लोहे के पाने सफलतापूर्वक निकाले गए। सर्जरी में एनेस्थेटिस्ट डॉ. आलोक वर्मा सहित अन्य मेडिकल स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑपरेशन सफल रहा और मरीज की जान बच गई। वर्तमान में मरीज रिकवरी में है।
संभावित कारण कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, युवक मानसिक बीमारी (मेंटल इलनेस) से ग्रसित था, जिसके कारण वह ऐसी असामान्य वस्तुओं को निगल गया हो सकता है। ऐसी स्थिति को मेडिकल भाषा में पिका डिसऑर्डर या विदेशी वस्तुएं निगलने की आदत कहा जाता है, जो अक्सर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी होती है। हालांकि, इस मामले में आधिकारिक रूप से कारण की पुष्टि नहीं हुई है।यह मामला भारत में विदेशी वस्तुएं निगलने की दुर्लभ लेकिन गंभीर घटनाओं की श्रृंखला में शामिल हो गया है। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में चम्मच, टूथब्रश या लोहे की वस्तुएं पेट से निकालने के मामले सामने आ चुके हैं।