जयपुर कोर्ट्स में बम धमकी की घटना: एक झूठी अफवाह ने मचाया हड़कंप
जयपुर सेशन कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल पर सुबह धमकी भरा मेल आया, जिसमें राजस्थान हाईकोर्ट में RDX रखकर तीन ब्लास्ट करने और जजों के चेंबर-बाथरूम में बम प्लांट करने की बात कही गई। धमकी मिलते ही दोनों कोर्ट परिसर खाली करवाए गए और ढाई घंटे तक बम निरोधक दस्ते व डॉग स्क्वॉड से सर्चिंग की गई, लेकिन कुछ संदिग्ध नहीं मिला। यह धमकी झूठी साबित हुई, हालांकि इस महीने हाईकोर्ट को ऐसी धमकियां कई बार मिल चुकी हैं।
जयपुर में आज सुबह एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों और अदालती कार्यवाही को प्रभावित किया। यह धमकी जयपुर सेशन कोर्ट की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर आई, जिसमें दावा किया गया कि राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर बेंच) में RDX रखा गया है और तीन ब्लास्ट होंगे। ई-मेल में लिखा था: "जयपुर हाईकोर्ट में RDX रखा है, तीन ब्लास्ट होंगे। जजों के चेंबर और बाथरूम में बम प्लांट किए गए हैं। दोपहर 2 बजे तक हाईकोर्ट को खाली करवा लो।"
धमकी मिलते ही त्वरित कार्रवाई धमकी भरा ई-मेल सुबह करीब 7:15 बजे सेशन कोर्ट की ऑफिशियल ई-मेल पर आया। जानकारी मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। शुरुआत में जल्दबाजी में ई-मेल को पूरी तरह पढ़े बिना सेशन कोर्ट को ही धमकी समझ लिया गया, इसलिए दोनों जगह (हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट) को तुरंत खाली करवाया गया। सुबह 8 बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ, जो करीब 10:30 बजे तक चला। कुल ढाई घंटे की गहन तलाशी में डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड), सिविल डिफेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां शामिल हुईं। अशोक नगर के ACP बालाराम ने बताया कि हाईकोर्ट परिसर में किसी तरह की कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। सेशन कोर्ट में भी कुछ नहीं पाया गया। धमकी झूठी साबित होने पर राहत की सांस ली गई।
बार-बार मिल रही धमकियां पुलिस अधिकारियों के अनुसार, राजस्थान हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी पहले भी कई बार मिल चुकी है। इस महीने (दिसंबर 2025) में ही हाईकोर्ट को ऐसी धमकियां छह बार मिल चुकी हैं, जिनमें से कुछ में RDX और IED का जिक्र था। हाल के दिनों में जयपुर में स्कूलों, होटलों, स्टेडियम और अन्य सार्वजनिक जगहों पर भी इसी तरह की ई-मेल धमकियां आई हैं, लेकिन सभी झूठी साबित हुईं। इन धमकियों में अक्सर विदेशी सर्वर या VPN का इस्तेमाल होता है, जिससे भेजने वाले का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। पुलिस साइबर टीम और केंद्रीय एजेंसियां (जैसे IB, NIA) जांच में जुटी हैं।
प्रभाव और सुरक्षा व्यवस्था धमकी के कारण दोनों कोर्ट परिसरों में न्यायिक कार्य कुछ घंटों के लिए ठप हो गया। वकील, स्टाफ और मुकदमेबाजों को बाहर निकाला गया। ऐसे बार-बार के होक्स थ्रेट से अदालती कार्यवाही बाधित हो रही है, जिस पर वकीलों ने नाराजगी जताई है। कुछ ने सुझाव दिया कि कोर्ट परिसर में स्थायी डॉग स्क्वॉड और बम डिटेक्शन टीम तैनात की जाए। पुलिस ने कहा कि हर धमकी को गंभीरता से लिया जा रहा है, लेकिन ज्यादातर मामलों में यह शरारत या पैनिक क्रिएट करने की कोशिश लगती है।