जयपुर सेंट्रल जेल में फिर बरामद हुआ मोबाइल: बैरक के बाहर जंगले में छिपाकर रखा था, गश्ती दल को सर्च अभियान में मिला
जयपुर सेंट्रल जेल में गश्ती दल को वार्ड 7 के बैरक 5 के बाहर जंगले में छिपा मोबाइल सिम सहित मिला; जब्त कर लालकोटी पुलिस को सौंपा गया, FIR दर्ज, जांच जारी।
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर की सेंट्रल जेल में एक बार फिर मोबाइल फोन बरामद होने का मामला सामने आया है। जेल प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सघन सर्च अभियान के दौरान गुरुवार देर शाम वार्ड नंबर 7 के बैरक नंबर 5 के बाहर जंगले में छिपाकर रखा गया एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। मोबाइल में सिम कार्ड भी लगा हुआ मिला, जिससे जेल के अंदर अवैध संचार की आशंका गहरा गई है। जेल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जब्त मोबाइल को लालकोटी थाना पुलिस को सौंप दिया और इस संबंध में FIR दर्ज कराई गई।
घटना का विवरण; जयपुर सेंट्रल जेल के प्रहरी महेश कुमार ने लालकोटी थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि पिछले काफी समय से जेल परिसर में अवैध वस्तुओं की तलाशी के लिए विशेष सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को देर शाम वार्ड नंबर 7 में ड्यूटी पर तैनात प्रहरी महेश कुमार गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान बैरक नंबर 5 के बाहर लगे जंगले (ग्रिल) के पास संदिग्ध गतिविधि नजर आई। सतर्कता बरतते हुए जब उन्होंने जंगले की जांच की, तो वहां एक मोबाइल फोन छिपाकर रखा हुआ मिला। मोबाइल की प्रारंभिक जांच में पता चला कि इसमें एक सिम कार्ड भी लगा हुआ है। यह स्पष्ट रूप से जेल नियमों का उल्लंघन है, क्योंकि कैदियों को मोबाइल फोन रखने या उपयोग करने की सख्त मनाही है। प्रहरी महेश कुमार ने तुरंत इसकी सूचना जेल अधिकारियों को दी, जिसके बाद मोबाइल को जब्त कर लिया गया।
पुलिस कार्रवाई और FIR; लालकोटी थाने के SHO प्रकाश राम बिश्नोई ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जयपुर सेंट्रल जेल के प्रहरी महेश कुमार द्वारा दी गई शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। जब्त मोबाइल को पुलिस को सौंप दिया गया है, जहां इसकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। SHO ने कहा, "मोबाइल में सिम कार्ड होने से यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा था। जेल के अंदर से बाहर संचार या किसी अपराधी गतिविधि से जुड़ा हो सकता है। जांच जारी है।"
जेल में बढ़ती समस्या;
यह कोई पहला मामला नहीं है। जयपुर सेंट्रल जेल में पहले भी कई बार मोबाइल फोन, सिम कार्ड, ड्रग्स और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं बरामद हो चुकी हैं। जेल प्रशासन ने हाल के महीनों में सर्च अभियान को और सघन कर दिया है, जिसमें डॉग स्क्वॉड, मेटल डिटेक्टर और सीसीटीवी कैमरों का सहारा लिया जा रहा है। फिर भी, कैदी या जेल स्टाफ की मिलीभगत से ऐसी वस्तुएं अंदर पहुंच रही हैं, जो सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन रही है। जेल सूत्रों के अनुसार, मोबाइल फोन का उपयोग कैदी अक्सर बाहर के संपर्कों से बात करने, धमकी देने या अवैध कारोबार चलाने के लिए करते हैं। इससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जेल अधीक्षक ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी वार्डों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं।