शादी के चंद हफ्ते बाद ही 'पति-पत्नी' IPS जोड़े को अलग-अलग जिलों में 'रिलीव'!
हाल ही में शादी रचाने वाले IPS दंपति अनुष्ठा कालिया और विशाल जांगिड़ को 34 अधिकारियों के बड़े तबादले में अलग-अलग जिलों में भेजा गया – अनुष्ठा ने बीकानेर सदर सीओ का पदभार संभाला, विशाल श्रीगंगानगर रवाना; जॉइनिंग के बाद कलेक्टर नम्रता व IAS सोहन लाल से मुलाकात कर नई पारी शुरू!
बीकानेर, 28 अक्टूबर 2025: राजस्थान पुलिस महकमे में इन दिनों तबादलों का दौर चल रहा है, लेकिन इस बार की कहानी थोड़ी फिल्मी सी लग रही है। हाल ही में शादी के बंधन में बंधे आईपीएस दंपति अनुष्ठा कालिया और विशाल जांगिड़ को महज कुछ हफ्तों बाद ही अलग-अलग जिलों में तैनाती मिल गई है। पत्नी अनुष्ठा ने बीकानेर सदर सर्कल का जिम्मा संभाला, तो पति विशाल को श्रीगंगानगर सर्कल भेज दिया गया। यह 'रिलीव' वाला ट्विस्ट न केवल पुलिसिया फेरबदल का हिस्सा है, बल्कि एक युवा दंपति की प्रोफेशनल जिंदगी की अनोखी चुनौती भी बन गया है।
तबादला का बैकग्राउंड: 34 आईपीएस अधिकारियों का बड़ा फेरबल
राजस्थान सरकार ने 22 अक्टूबर 2025 को एक झटके में 34 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। यह फेरबदल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली सरकार का ताजा कदम है, जिसमें जयपुर के नए पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। इस लिस्ट में अनुष्ठा कालिया को सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के रूप में बीकानेर सदर सर्कल की कमान सौंपी गई, जबकि विशाल जांगिड़ को एएसपी वृत श्रीगंगानगर में पदस्थापित किया गया। दोनों ही 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जो अपनी मेहनत और समर्पण के लिए जाने जाते हैं।पिछले साल सितंबर 2024 में भी इनका नाम तबादला लिस्ट में आ चुका था, जब विशाल को बीकानेर सदर में पोस्टिंग मिली थी। लेकिन अब यह नया आदेश आते ही दंपति की जिंदगी में नया मोड़ आ गया। सरकारी आदेश के मुताबिक, ये तबादले तत्काल प्रभाव से लागू हैं, और अधिकारियों को जल्द से जल्द जॉइनिंग करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस विभाग के सूत्रों की मानें तो यह फेरबदल राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।
हाल ही में बंधा ब्याह, अब जुदाई की नौबत
सबसे दिलचस्प हिस्सा तो यह है कि अनुष्ठा और विशाल का विवाह महज कुछ हफ्ते पहले ही हुआ था। दोनों की मुलाकात पुलिस ट्रेनिंग के दौरान हुई, जहां उनकी केमिस्ट्री ने सबको प्रभावित किया। शादी के बाद दोनों एक ही जगह तैनात होने की उम्मीद थी, लेकिन तबादला आदेश ने इस सपने को तोड़ दिया। अब अनुष्ठा बीकानेर की गलियों में अपराध पर नकेल कसेंगी, तो विशाल श्रीगंगानगर की सीमाओं पर नजर रखेंगे। दूरी महज 200 किलोमीटर की है, लेकिन व्यस्त पुलिसिया जिंदगी में यह 'लॉन्ग डिस्टेंस' रिलेशनशिप जैसी चुनौती बन सकती है।दंपति ने इस बदलाव को सकारात्मक लिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "ये युवा अधिकारी बेहद उत्साही हैं। शादी के बाद अलग तैनाती मिलना मुश्किल तो है, लेकिन यह उनकी प्रोफेशनल ग्रोथ के लिए अच्छा है।" राजस्थान पुलिस में ऐसी कहानियां नई नहीं हैं, जहां पति-पत्नी जोड़े को अलग जिलों में भेजा जाता है, लेकिन इस बार की ताजगी ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा छेड़ दी है।
जॉइनिंग के बाद औपचारिक मुलाकातें: कलेक्टर और आईएएस से मिला समर्थन
जॉइनिंग के तुरंत बाद अनुष्ठा कालिया ने बीकानेर के जिला कलेक्टर नम्रता पाठेय से मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने जिले की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर विस्तृत चर्चा की। कलेक्टर नम्रता ने अनुष्ठा को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया, खासकर बीकानेर सदर जैसे संवेदनशील इलाके में जहां अवैध शराब तस्करी और छोटे-मोटे अपराध आम हैं।मुलाकात के कुछ ही घंटों बाद आईएएस अधिकारी सोहन लाल भी सदर सीओ कार्यालय पहुंचे। सोहन लाल, जो स्थानीय प्रशासन में अहम भूमिका निभाते हैं, ने अनुष्ठा के साथ मिलकर आने वाले दिनों की रणनीति पर बात की। उन्होंने कहा, "अनुष्ठा जैसी युवा अधिकारी जिले के लिए वरदान हैं। हम सब मिलकर बीकानेर को अपराध-मुक्त बनाने में जुटेंगे।" विशाल जांगिड़ ने भी श्रीगंगानगर पहुंचते ही स्थानीय अधिकारियों से कोऑर्डिनेशन शुरू कर दिया है, जहां सीमा क्षेत्र होने के कारण सतर्कता जरूरी है।
क्या कहते हैं आंकड़े और चुनौतियां?
राजस्थान में आईपीएस अधिकारियों की तैनाती अक्सर रोटेशनल होती है, ताकि कोई एक जगह पर लंबे समय तक न रहे। 2025 में अब तक तीन बड़े तबादला राउंड हो चुके हैं, जिनमें 100 से ज्यादा अधिकारी प्रभावित हुए। अनुष्ठा के बीकानेर सदर में आने से महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर विशेष फोकस बढ़ने की उम्मीद है। जिले में पिछले साल 1,200 से ज्यादा केस दर्ज हुए थे, जिनमें 40% महिला-संबंधी थे। वहीं, श्रीगंगानगर में ड्रग तस्करी और सीमा विवाद प्रमुख मुद्दे हैं।दंपति की यह कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि पुलिस सेवा में निजी जीवन अक्सर पीछे छूट जाता है। अनुष्ठा ने एक अनौपचारिक बातचीत में कहा, "यह चुनौती है, लेकिन हम इसे प्यार से स्वीकार करेंगे।"