हनुमानगढ़ में तनावपूर्ण माहौल एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में इंटरनेट सेवाएं बंद, 7 जनवरी को संगरिया में किसान महापंचायत.

हनुमानगढ़ में ड्यून एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध को लेकर एक बार फिर माहौल तनावपूर्ण हो गया है। 7 जनवरी को संगरिया में प्रस्तावित किसान महापंचायत को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और पुलिस ने बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। किसान पर्यावरण, जल स्रोत और कृषि भूमि पर संभावित दुष्प्रभावों को लेकर फैक्ट्री का विरोध कर रहे हैं।

Jan 6, 2026 - 19:38
हनुमानगढ़ में तनावपूर्ण माहौल एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में इंटरनेट सेवाएं बंद, 7 जनवरी को संगरिया में किसान महापंचायत.

हनुमानगढ़:- जिले में ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री को लेकर विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। संभावित आंदोलन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। वहीं पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

जानकारी के अनुसार, एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ लंबे समय से चल रहे विरोध के तहत 7 जनवरी (बुधवार) को संगरिया में किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी। इस महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना जताई जा रही है। इसे लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।

क्यों हो रहा है विरोध

किसानों का कहना है कि प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री से क्षेत्र के पर्यावरण, जल स्रोतों और कृषि भूमि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। भूजल स्तर गिरने, प्रदूषण बढ़ने और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर खतरे जैसी आशंकाओं को लेकर किसान लगातार आवाज उठा रहे हैं। किसानों की मांग है कि फैक्ट्री को लेकर उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाए और जब तक समाधान नहीं होता, तब तक परियोजना को रोका जाए।

प्रशासन की तैयारी

किसान महापंचायत से पहले किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद की गई हैं। इसके साथ ही प्रमुख चौराहों, प्रवेश मार्गों और आयोजन स्थल के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

किसानों का रुख

किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन वे अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसान नेताओं का कहना है कि यह महापंचायत किसानों की एकजुटता का प्रतीक होगी और सरकार व प्रशासन तक उनकी बात मजबूती से पहुंचाई जाएगी।

बढ़ती हलचल

महापंचायत को लेकर जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं।

फिलहाल, हनुमानगढ़ में माहौल संवेदनशील बना हुआ है और 7 जनवरी की किसान महापंचायत पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।