जसोल धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब: त्रयोदशी पर हजारों भक्तों ने किए राणीसा भटियाणीसा के दर्शन

प्रथम ज्येष्ठ (अधिक मास) शुक्ल पक्ष त्रयोदशी पर पश्चिम राजस्थान के प्रसिद्ध जसोल धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों भक्तों ने श्री राणीसा भटियाणीसा के दर्शन कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

May 29, 2026 - 17:29
जसोल धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब: त्रयोदशी पर हजारों भक्तों ने किए राणीसा भटियाणीसा के दर्शन

पश्चिम राजस्थान के प्रसिद्ध आस्था केंद्र जसोल धाम में प्रथम ज्येष्ठ (अधिक मास) शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के अवसर पर श्रद्धालुओं का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। अलसुबह मंगला आरती के साथ ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई, जो देर रात तक लगातार जारी रही। राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने मां श्री राणीसा भटियाणीसा के चरणों में शीश नवाकर सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।

त्रयोदशी के पावन अवसर पर मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में नजर आया। मंदिर में गूंजते जयकारे, मंत्रोच्चार और भजनों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। श्रद्धालुओं ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाई सिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी और श्री काला-गौरा भेरुजी के मंदिरों में विधिवत दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

कन्या पूजन महोत्सव बना आकर्षण का केंद्र

त्रयोदशी के अवसर पर मंदिर संस्थान की ओर से विशेष कन्या पूजन महोत्सव का आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के अनुरूप विभिन्न समाजों की कन्याओं का विधिविधान से पूजन कर सम्मान किया गया। कन्याओं को फल, प्रसाद, अन्न प्रसादी और दक्षिणा अर्पित की गई। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और कन्या पूजन की परंपरा को आध्यात्मिक उत्सव के रूप में मनाया गया।

श्रद्धालुओं के लिए की गई विशेष व्यवस्थाएं

भीषण गर्मी और भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर संस्थान ने व्यापक और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं कीं। संस्थान के प्रवक्ता कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल के निर्देशन में दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लाइनिंग सिस्टम लागू किया गया। श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन के लिए पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम लगाया गया, जिससे समय-समय पर आवश्यक सूचनाएं प्रसारित की जाती रहीं।

गर्मी से राहत देने के लिए मंदिर परिसर में मिस्टिंग सिस्टम (शीतल जल फुहार व्यवस्था) और बड़े छायादार शेड लगाए गए। वहीं पेयजल, भोजन प्रसादी और बैठने की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं ने श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाई। मंदिर संस्थान के कर्मचारी और स्वयंसेवक पूरे दिन सेवा कार्यों में समर्पित भाव से जुटे रहे।

सीसीटीवी कैमरों से रखी गई सुरक्षा पर नजर

मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, जिनके जरिए पूरे परिसर की लगातार निगरानी की गई। प्रशासनिक स्तर पर भी भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।

भक्ति में डूबा रात्रि जागरण

त्रयोदशी की पूर्व संध्या पर आयोजित विशेष रात्रि जागरण श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना। स्थानीय भजन गायकों और भजन मंडलियों ने मां जसोल की महिमा का गुणगान करते हुए एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियां दीं। देर रात तक चले इस भक्ति आयोजन में श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में लीन नजर आए।

सोशल मीडिया पर लाइव हुई संध्या आरती

मंदिर संस्थान द्वारा प्रतिदिन आयोजित संध्या आरती का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सीधा प्रसारण भी किया गया। इससे देश-विदेश में बसे करोड़ों भक्त घर बैठे मां जसोल के दर्शन और आरती का पुण्य लाभ प्राप्त कर सके। संस्थान की इस पहल को भक्तों ने खूब सराहा।

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