बाड़मेर में ईद-उल-अजहा का जश्न: ईदगाह में अदा हुई विशेष नमाज, हजारों मोमीनों ने मांगी अमन-चैन की दुआ
बाड़मेर में बकरीद का त्योहार पूरे धार्मिक उत्साह और अकीदत के साथ मनाया गया। ईदगाह में हजारों लोगों ने नमाज अदा कर देश की खुशहाली और अमन-चैन की दुआ मांगी।
राजस्थान के बाड़मेर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार पूरे धार्मिक उत्साह और अकीदत के साथ मनाया गया। शहर के गेहूं रोड स्थित ईदगाह में सुबह 7:30 बजे विशेष नमाज अदा की गई, जिसमें हजारों की संख्या में नमाजी शामिल हुए।
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया। पूरे माहौल में अमन, मोहब्बत और एकता की झलक देखने को मिली।
कुर्बानी और त्याग का संदेश
इस मौके पर पेश इमाम हाजी मौलाना हाजी लाल मोहम्मद सिद्दीकी ने मोमीनों को संबोधित करते हुए कहा कि ईद-उल-अजहा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि कुर्बानी, त्याग, सब्र और अल्लाह की रजा हासिल करने का पवित्र पर्व है।
उन्होंने कहा कि कुर्बानी का असली मकसद इंसान के अंदर अल्लाह की राह में अपनी सबसे प्रिय चीज को समर्पित करने का जज्बा पैदा करना है। साथ ही उन्होंने बताया कि माहे जुल हिज्जा के पहले दस दिन इस्लाम में बरकत और रहमत वाले माने जाते हैं।
हजारों शीश झुके इबादत में
गुरुवार की सुबह से ही बाड़मेर की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। नए कपड़ों में सजे बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में ईदगाह पहुंचे और सामूहिक रूप से नमाज अदा की। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर भाईचारे और मोहब्बत का संदेश दिया। शहर में पूरे दिन ईद की रौनक बनी रही।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। ईदगाह और शहर के प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी डिप्टी एसपी और शहर कोतवाल ने स्वयं संभाली, जिससे पूरे आयोजन के दौरान कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।
अमन-चैन और खुशहाली की दुआ
नमाज के दौरान देश और समाज की खुशहाली के लिए विशेष दुआएं की गईं। लोगों ने आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।