जयपुर में 1.10 करोड़ का घोटाला: कंपनी के अकाउंटेंट ने पत्नी-रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किए पैसे, ऑडिट में खुला राज

जयपुर में एक निजी कंपनी के सीनियर अकाउंटेंट ने बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर करीब 1.10 करोड़ रुपए का गबन कर लिया।

May 29, 2026 - 17:14
जयपुर में 1.10 करोड़ का घोटाला: कंपनी के अकाउंटेंट ने पत्नी-रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर किए पैसे, ऑडिट में खुला राज

राजधानी जयपुर में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी और गबन का बड़ा मामला सामने आया है। जयपुर साउथ पुलिस ने एक निजी कंपनी से करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपए की हेराफेरी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी कंपनी में सीनियर अकाउंटेंट एक्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत था और उसी के पास कंपनी के बैंकिंग लेन-देन की जिम्मेदारी थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने पद और बैंकिंग सिस्टम का गलत इस्तेमाल करते हुए कंपनी के खाते से करोड़ों रुपए पत्नी, रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। मामले का खुलासा वित्तीय ऑडिट के दौरान हुआ।

ऑडिट में सामने आया करोड़ों का गबन

डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि 26 मई को पीड़ित नरेश गुप्ता ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। नरेश गुप्ता जयपुर बायो फर्टिलाइजर्स कंपनी में चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के पद पर कार्यरत हैं।

रिपोर्ट के अनुसार आरोपी अभिषेक खंडेलवाल 1 अप्रैल 2025 से 4 मई 2026 तक कंपनी में सीनियर अकाउंटेंट एक्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत था। कंपनी के बैंकिंग ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन फाइनेंशियल ऑपरेशन की जिम्मेदारी उसी के पास थी।

25 मई 2026 को वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऑडिट के दौरान पता चला कि कंपनी के खाते से बिना अनुमति करीब 1 करोड़ 3 लाख 72 हजार 881 रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए गए हैं।

पत्नी और परिचितों के खातों में भेजी रकम

जांच में सामने आया कि आरोपी ने रकम अपनी पत्नी नाजिया बानो सहित रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों के खातों में ट्रांसफर की थी। जिन खातों में पैसा भेजा गया, उनका कंपनी के किसी भी व्यवसायिक लेन-देन से कोई संबंध नहीं था।

पुलिस के अनुसार आरोपी ने कई फर्जी ट्रांजैक्शन कर रकम को अलग-अलग खातों में बांटा ताकि लंबे समय तक किसी को शक न हो।

आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी

गिरफ्तार आरोपी की पहचान अभिषेक खंडेलवाल (28) पुत्र रतन लाल बनिया निवासी गांव खेलना, थाना प्रागपुरा, जयपुर के रूप में हुई है। फिलहाल वह जयपुर के करधनी थाना क्षेत्र स्थित एबीएम कनकपुरा अपार्टमेंट में रह रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के फरार होने की आशंका थी। इसके बाद सोड़ाला थाना पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया और तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्य जुटाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में कबूला अपराध

जांच अधिकारी द्वारा हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी अभिषेक खंडेलवाल ने गबन और धोखाधड़ी की बात स्वीकार कर ली। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे और ट्रांसफर की गई रकम कहां-कहां इस्तेमाल की गई।

पहले भी दर्ज हैं धोखाधड़ी के मामले

पुलिस के अनुसार आरोपी अभिषेक खंडेलवाल पहले भी धोखाधड़ी के दो अन्य मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। ऐसे में पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है।

बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस मामले ने निजी कंपनियों के बैंकिंग और अकाउंटिंग सिस्टम की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक कर्मचारी द्वारा लंबे समय तक करोड़ों रुपए ट्रांसफर किए जाने के बावजूद कंपनी को इसकी जानकारी नहीं लगना सुरक्षा और मॉनिटरिंग सिस्टम की बड़ी कमजोरी माना जा रहा है।

पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और रकम के उपयोग की जांच कर रही है।

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