अस्पताल में बड़ा लापरवाही मामला: महिला मरीज को चढ़ा दी एक्सपायर्ड ड्रिप, शिकायत के बाद मचा हड़कंप
डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक महिला मरीज को एक्सपायर्ड डेट की ड्रिप चढ़ाने का मामला सामने आया है। निवर्तमान पार्षद की शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
राजस्थान के डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज से जुड़े श्री हरिदेव जोशी जिला अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां सर्जिकल महिला वार्ड में भर्ती एक महिला मरीज को एक्सपायर्ड डेट की ड्रिप चढ़ा दी गई। मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
महिला मरीज नगर परिषद डूंगरपुर के निवर्तमान पार्षद नरेश यादव की पत्नी बताई जा रही हैं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनकी पत्नी को किसी प्रकार की परेशानी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।
पेट दर्द के बाद कराया गया था भर्ती
निवर्तमान पार्षद नरेश यादव ने बताया कि उनकी पत्नी को पेट में तेज दर्द की शिकायत थी। इसके बाद 27 मई को उन्हें डूंगरपुर के श्री हरिदेव जोशी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों ने अपेंडिक्स की समस्या बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी।
गुरुवार को डॉक्टरों ने महिला का अपेंडिक्स ऑपरेशन किया और बाद में उन्हें महिला सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। दिनभर इलाज के दौरान नरेश यादव अस्पताल में मौजूद रहे, लेकिन रात को छोटी बच्ची घर पर अकेली होने के कारण वे घर चले गए।
सुबह एक्सपायर्ड ड्रिप देखकर चौंके परिजन
नरेश यादव के अनुसार शुक्रवार सुबह अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी को ड्रिप चढ़ाई जा रही थी। इसी दौरान उनकी नजर ड्रिप की बोतल पर लिखी एक्सपायरी डेट पर पड़ी।
ड्रिप पर मार्च 2026 की एक्सपायरी डेट अंकित थी, जबकि वह ड्रिप मरीज को चढ़ाई जा चुकी थी। बताया जा रहा है कि सोडियम क्लोराइड ग्लूकोज की यह ड्रिप एक्सपायर्ड थी।
यह देखते ही परिजनों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने तुरंत नर्सिंग स्टाफ व अस्पताल अधीक्षक से शिकायत की। शिकायत के बाद अस्पताल कर्मियों ने जल्दबाजी में ड्रिप हटाने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने विरोध जताते हुए ड्रिप हटाने से रोक दिया।
अस्पताल प्रशासन ने गठित की जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. कौस्तुभ सिंह ने बताया कि महिला मरीज की डॉक्टरों द्वारा जांच की गई है और फिलहाल उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह गंभीर लापरवाही है और यह पता लगाया जाएगा कि एक्सपायर्ड ड्रिप मरीज तक कैसे पहुंची। इसके लिए एक जांच समिति गठित की गई है। समिति यह जांच करेगी कि ड्रिप किसने चढ़ाई, स्टॉक की निगरानी में कहां चूक हुई और जिम्मेदार कौन है।
इसके साथ ही अस्पताल में मौजूद एक्सपायर्ड दवाइयों और ड्रिप के स्टॉक की भी जांच शुरू कर दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और दवा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों में भी डर और नाराजगी का माहौल है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इस तरह की लापरवाही मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है।
अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।