पहले पिलाई बीयर, फिर पिता-सौतेली मां का कत्ल: चीखें सुन पहुंचीं दादी-बहन को भी नहीं छोड़ा, जानिए अजमेर हत्याकांड की पूरी कहानी

अजमेर में पूर्व सरपंच रामसिंह, उसकी दूसरी पत्नी, मां और रिश्ते की युवती की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है।

May 29, 2026 - 17:11
पहले पिलाई बीयर, फिर पिता-सौतेली मां का कत्ल: चीखें सुन पहुंचीं दादी-बहन को भी नहीं छोड़ा, जानिए अजमेर हत्याकांड की पूरी कहानी

राजस्थान के अजमेर जिले में सामने आया पूर्व सरपंच परिवार का सामूहिक हत्याकांड पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाला है। जिस घटना को शुरुआत में सड़क हादसा और कार में आग लगने का मामला माना जा रहा था, वह अब एक खौफनाक पारिवारिक साजिश बनकर सामने आई है।

इस हत्याकांड में पूर्व सरपंच रामसिंह, उसकी दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी, मां पूसी देवी और रिश्ते में बहन लगने वाली महिमा की निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात की साजिश रामसिंह का नाबालिग बेटा कई महीनों से रच रहा था।

परिवार में लंबे समय से चल रहा था विवाद

पुलिस जांच के मुताबिक रामसिंह अपनी पहली पत्नी सुनीता और उसके बच्चों के साथ अक्सर मारपीट और दुर्व्यवहार करता था। शराब के नशे में आए दिन घर में झगड़े होते थे।

रामसिंह अपनी दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी के ज्यादा करीब था, जिससे परिवार में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा था। पहली पत्नी सुनीता, उसका बेटा और बेटी मानसिक रूप से बेहद परेशान थे।

रामसिंह खेत में बने फार्महाउस पर रहता था। घर में सभी लोग एक ही परिसर में रहते थे, लेकिन परिवार तीन हिस्सों में बंटा हुआ था।

  • रामसिंह और उसकी दूसरी पत्नी अलग कमरे में रहते थे।
  • पहली पत्नी सुनीता अपने बेटे-बेटी के साथ दूसरे हिस्से में रहती थी।
  • मां पूसी देवी और महिमा अलग कमरे में सोती थीं।

हत्या से पहले खरीदा था ऑनलाइन छुरा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक नाबालिग बेटे ने करीब एक महीना पहले ऑनलाइन छुरा खरीदा था। उसने किसी व्यक्ति से 50 हजार रुपए में पिस्टल खरीदने की डील भी की थी, हालांकि हथियार उसे नहीं मिल पाया।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेटे ने पहले भी पिता को जहर देकर और माइंस में धक्का देकर मारने की कोशिश की थी।

वारदात वाली रात क्या हुआ?

बुधवार सुबह रामसिंह ने किसी बात को लेकर अपने नाबालिग बेटे की पिटाई की थी। इसके बाद शाम करीब 8 बजे बेटा पास के गांव से दो बीयर की बोतल खरीदकर लाया।

शराब ठेके के सेल्समैन ने पुलिस को बताया कि नाबालिग लड़का खुद बुलेट बाइक पर आया था और 380 रुपए देकर दो बीयर खरीदी थी।

रात में रामसिंह और उसकी दूसरी पत्नी सुरज्ञान साथ बैठकर बीयर पी रहे थे। इसी दौरान रामसिंह ने अपनी पहली पत्नी सुनीता को भी जबरदस्ती शराब पिलाने की कोशिश की। मना करने पर घर में झगड़ा शुरू हो गया।

काफी देर तक विवाद चलता रहा। इसके बाद सभी लोग सो गए, लेकिन नाबालिग बेटा अंदर ही अंदर गुस्से में था। उसने खाना भी नहीं खाया और पूरी रात सो नहीं पाया।

रात 4 बजे बना खूनी प्लान

रात करीब 4 बजे नाबालिग बेटे ने पिता और सौतेली मां की हत्या का फैसला कर लिया। उसने अपनी मां सुनीता और बहन को जगाकर पूरी योजना बताई।

सबसे पहले खुले आंगन में सो रहे रामसिंह के गले पर धारदार छुरे से हमला किया गया। अचानक हुए हमले से रामसिंह चीख उठा। आवाज सुनकर पास में सो रही सुरज्ञान देवी जाग गई, लेकिन वह संभल पाती उससे पहले उस पर भी ताबड़तोड़ वार किए गए।

चीखें सुनकर पहुंची दादी और महिमा भी बनीं शिकार

हमले की आवाज सुनकर 90 वर्षीय पूसी देवी और महिमा वहां पहुंच गईं। उन्होंने पूरी घटना अपनी आंखों से देख ली थी।

पुलिस के मुताबिक इसी वजह से सुनीता और उसकी बेटी ने दोनों को पकड़ लिया, जबकि नाबालिग बेटे ने उन पर भी हमला कर दिया।

घर के आंगन और दीवारों पर हर तरफ खून फैल गया। रामसिंह, पूसी देवी और महिमा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुरज्ञान देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थी।

शवों को स्कॉर्पियो में डालकर लगाई आग

हत्या के बाद आरोपियों ने पूरे मामले को हादसे का रूप देने की कोशिश की।

सभी घायलों और शवों को स्कॉर्पियो गाड़ी में डाला गया। नाबालिग बेटे ने ट्रैक्टर से डीजल निकाला और घर से करीब 500 मीटर दूर जाकर स्कॉर्पियो में आग लगा दी।

हालांकि पुलिस जांच में सामने आया कि सुरज्ञान देवी उस समय जिंदा थी। आग लगने के दौरान गाड़ी का दरवाजा खुल गया और वह अधजली हालत में बाहर गिर गई। बाद में इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई।

सुबह टोल कर्मचारियों ने देखी जलती स्कॉर्पियो

सुबह करीब 5:45 बजे पास के टोल बूथ कर्मचारियों ने जलती हुई स्कॉर्पियो देखी और पुलिस को सूचना दी।

घटना के बाद घर पर मौजूद सुनीता, बेटा और बेटी रोने-बिलखने का नाटक करते रहे और खुद को घटना से अनजान बताते रहे।

पूछताछ में टूटा नाबालिग बेटा

शुरुआत में परिवार ने पुलिस को बताया कि दादी की तबीयत खराब थी और उन्हें अस्पताल ले जाते समय हादसा हुआ।

लेकिन पुलिस ने जब तीनों से अलग-अलग पूछताछ की तो बयान बदलने लगे। सख्ती के बाद सबसे पहले नाबालिग बेटा टूट गया और पूरी वारदात कबूल कर ली।

हत्या से पहले फेसबुक पर 24 पोस्ट

जांच में यह भी सामने आया कि हत्या से पहले रामसिंह ने सिर्फ दो घंटे में फेसबुक पर 24 पोस्ट किए थे। कई पोस्ट में उसने अपनी जान को खतरा बताया था और पुलिस सुरक्षा की मांग की थी।

कुछ पोस्ट राजनीतिक थे, जबकि कुछ में उसने विरोधियों को अप्रत्यक्ष चुनौती दी थी।

पुलिस पहले भी पहुंची थी घर

वारदात से कुछ घंटे पहले ही बोराड़ा थाना पुलिस रामसिंह के घर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि पारिवारिक विवाद को लेकर खुद रामसिंह ने पुलिस को बुलाया था।

पूर्व जिला परिषद सदस्य जसराज चौधरी के अनुसार रामसिंह को अनहोनी की आशंका थी। उसने पहले भी सुरक्षा की मांग की थी और हाईकोर्ट के आदेश पर उसे सुरक्षा मिली हुई थी, जिसे बाद में हटा लिया गया था।

राजनीति से भी जुड़ा था रामसिंह

रामसिंह ने 2013 में किशनगढ़ विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था। बाद में वह कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में भी शामिल हुआ था। हाल के दिनों में उसका झुकाव बीजेपी की तरफ बताया जा रहा था।

सुरज्ञान ने किया था LLB, RJS की भी तैयारी

रामसिंह की दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी पढ़ी-लिखी थी। उसने LLB की पढ़ाई की थी और एक बार RJS परीक्षा भी दी थी, हालांकि चयन नहीं हो पाया था।

पूरे इलाके में सनसनी

इस सामूहिक हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस अब इस मामले में हत्या की साजिश, हथियार खरीद और परिवार के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।

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