RDPL शेयर ट्रांसफर पर फिर बढ़ा विवाद: राजस्थान सरकार ने केंद्र को चौथी बार भेजा पत्र, कानूनी मुश्किलों की चेतावनी

राजस्थान सरकार ने RDPL के 25.45 लाख शेयर ट्रांसफर नहीं होने पर केंद्र सरकार को चौथी बार पत्र भेजा है।

May 29, 2026 - 17:19
RDPL शेयर ट्रांसफर पर फिर बढ़ा विवाद: राजस्थान सरकार ने केंद्र को चौथी बार भेजा पत्र, कानूनी मुश्किलों की चेतावनी

राजस्थान सरकार और केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के बीच राजस्थान ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (RDPL) के शेयर ट्रांसफर को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार को चौथी बार रिमाइंडर भेजते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।

राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMSCL) की चेयरमैन और स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने हाल ही में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है कि RDPL के 25.45 लाख शेयर अब तक राजस्थान के राज्यपाल के नाम ट्रांसफर नहीं किए गए हैं। इससे राज्य सरकार को गंभीर कानूनी और वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार ने जमा करवा दी बकाया राशि

गायत्री राठौड़ ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि शेयर ट्रांसफर से जुड़ी सभी बकाया राशि पहले ही औषधि विभाग में जमा करवाई जा चुकी है। इसमें 25 लाख 45 हजार रुपए शेयर मूल्य के और भारत सरकार के लोन के करीब 21 करोड़ रुपए शामिल हैं।

इसके बावजूद अब तक शेयर ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इस कारण RDPL का स्वामित्व राजस्थान सरकार को हस्तांतरित नहीं हो पा रहा है।

कानूनी मामलों में बढ़ रही परेशानी

पत्र में चेतावनी देते हुए कहा गया है कि कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) पोर्टल पर शेयर ट्रांसफर लंबित होने के कारण सरकार को कई कानूनी मामलों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा लेनदारों के प्रति अतिरिक्त ब्याज देनदारियां भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में राज्य सरकार को और अधिक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

10 साल से बंद पड़ा है RDPL

जयपुर के सीकर रोड स्थित विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद राजस्थान ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड (RDPL) पिछले करीब 10 वर्षों से बंद पड़ा है।

यह कंपनी पहले सरकारी अस्पतालों के लिए दवाइयों का निर्माण करती थी। लेकिन उत्पादन बंद होने के बाद राजस्थान सरकार को दवाइयों की सप्लाई बाहरी कंपनियों से करवानी पड़ रही है।

पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने RDPL को दोबारा शुरू करने का निर्णय कैबिनेट में लिया था। इसके तहत कंपनी का स्वामित्व और संचालन राजस्थान सरकार के अधीन लाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

केंद्र और राज्य के बीच अटका मामला

हालांकि शेयर ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण मामला अब तक अटका हुआ है। राजस्थान सरकार लगातार केंद्र सरकार से इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग कर रही है।

सूत्रों के अनुसार यदि यह मामला जल्द नहीं सुलझा तो आने वाले समय में यह राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

सरकारी अस्पतालों की दवा सप्लाई पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि RDPL दोबारा शुरू होता है तो राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में कम कीमत पर दवाइयों की उपलब्धता बेहतर हो सकती है। साथ ही राज्य सरकार को दवा खरीद में आर्थिक राहत भी मिल सकती है।

लेकिन शेयर ट्रांसफर में लगातार हो रही देरी के कारण यह परियोजना लंबे समय से ठप पड़ी हुई है।

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