बकरा कटते देखा है?' कहने वाला हत्यारा असद एनकाउंटर में ढेर...पीड़ित मां ने की बुलडोजर की मांग

गाजियाबाद के खोड़ा में बकरीद के दिन हुए सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने इंदिरापुरम में एक मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया है। इस एनकाउंटर के बाद मृतक सूर्या की मां ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई और असद के शव को देखने की मांग की है। जानिए क्या है पूरी घटना और क्या थे आरोपी के आखिरी शब्द।

May 31, 2026 - 10:34
बकरा कटते देखा है?' कहने वाला हत्यारा असद एनकाउंटर में ढेर...पीड़ित मां ने की बुलडोजर की मांग

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बकरीद के दिन 17 वर्षीय किशोर सूर्या चौहान की निर्मम हत्या करने वाले मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने एक मुठभेड़ (Encounter) में मार गिराया है। रविवार तड़के गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अभय खंड में खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त टीम ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

इस मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई, जिसमें यूपी पुलिस का एक कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हो गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपी असद पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।

पैसा लेने खोड़ा आया था असद, घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचा

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हत्याकांड को अंजाम देने के बाद असद शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। इसी बीच पुलिस को खुफिया जानकारी मिली कि असद अपने एक दोस्त से पैसे लेने के लिए खोड़ा इलाके में आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में जाल बिछाया और सख्त निगरानी शुरू कर दी।

इसी दौरान पुलिस टीम को असद अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल पर आता हुआ दिखाई दिया। जब पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, तो उसने सरेंडर करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी।

50 राउंड की फायरिंग और एनकाउंटर

पुलिस के अनुसार, खुद को घिरा पाकर बदमाशों ने रुकने के बजाय बाइक की रफ्तार बढ़ा दी और गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई (Self-Defense) में गोलियां चलाईं। दोनों ओर से करीब 50 राउंड फायरिंग हुई। इस भीषण मुठभेड़ में असद गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इस दौरान घायल हुए पुलिस कांस्टेबल को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। हालांकि, अंधेरे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर असद का बाइक चला रहा साथी मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। घटनास्थल से एक पिस्तौल और मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

"मुझे असद की लाश दिखाई जाए और घर पर चले बुलडोजर" - सूर्या की मां

असद के एनकाउंटर की खबर मिलते ही मृतक सूर्या चौहान की मां सरोज बेहद भावुक हो गईं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सिर्फ एनकाउंटर ही काफी नहीं है, बल्कि असद और उसके मददगार साथियों के घरों पर तुरंत बुलडोजर चलाया जाना चाहिए।

सरोज (सूर्या की मां) ने कहा:

"जिस तरह मेरे बच्चे को बेरहमी से मारा गया, इन अपराधियों को भी वैसी ही सजा मिलनी चाहिए। मैं अभी तक अपने बेटे का चेहरा ठीक से देख भी नहीं पाई हूं, मेरा सब कुछ उजड़ गया। मुझे असद की लाश की तस्वीर दिखाई जानी चाहिए।"

बचपन के दोस्त थे सूर्या और असद: जानिए क्या थी हत्या की वजह?

असद और सूर्या चौहान कोई अजनबी नहीं थे, बल्कि वे कभी बेहद करीबी दोस्त हुआ करते थे। गाजियाबाद के नवनीत विहार की गली नंबर 1 और 2 में हिंदू-मुस्लिम परिवार लंबे समय से सौहार्द के साथ रहते आ रहे हैं। असद का परिवार पहले सूर्या के घर वाली गली में ही रहता था, लेकिन करीब छह महीने पहले उन्होंने अपना घर बेच दिया और दूसरी गली में शिफ्ट हो गए। इसके बावजूद असद का उस गली में आना-जाना लगा रहता था।

  • 8 महीने पुराना विवाद: पुलिस जांच में सामने आया कि करीब 8 महीने पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जो मारपीट में बदल गई थी। उस वक्त स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था। समझौते के बाद भी दोनों के बीच संबंध सामान्य नहीं हो पाए और छोटी-मोटी झड़पें होती रहीं।

  • साजिश के तहत बुलाया: आरोप है कि बकरीद के दिन असद अपने चार दोस्तों और पिता के साथ एक सोची-समझी साजिश के तहत पुरानी गली के पास आया था।

"क्या कभी बकरा कटते देखा है? आओ दिखाता हूं"

सूर्या के दोस्तों (आयुष और विक्की) के अनुसार, वारदात वाले दिन असद ने सूर्या को फोन करके बुलाया था। फोन पर असद ने सूर्या से विवादित लहजे में कहा— "क्या कभी बकरा कटते देखा है? आओ, आज तुम्हें दिखाता हूं।"

जब सूर्या ने उसकी इस बात का विरोध किया, तो दोनों के बीच बहस बढ़ गई। इसी दौरान असद ने अचानक चाकू निकाला और सूर्या के पेट पर एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ वार कर दिए।

200 मीटर तक लहूलुहान भागा था सूर्या

पेट में चाकू लगने के बाद गंभीर रूप से घायल सूर्या अपनी जान बचाने के लिए सड़क पर करीब 200 मीटर तक भागा। लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण वह सड़क पर ही गिरकर बेहोश हो गया। परिजन उसे तुरंत नोएडा के एक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद सूर्या के घर के बाहर मांस से भरी एक थैली भी फेंकी गई थी, जिससे पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश फैल गया था।

परिवार का इकलौता सहारा था सूर्या

सूर्या के परिवार में दो भाई और एक बहन हैं। उसका बड़ा भाई दिव्यांग (Disabled) है, जिसके कारण 17 वर्षीय सूर्या ही अपने परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद और भविष्य का सहारा था। बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। शुरुआत में न्याय की मांग को लेकर परिवार शव का अंतिम संस्कार न करने पर अड़ा था और उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई थी। बाद में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समझाने और निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।

फिलहाल, इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और पुलिस असद के फरार साथी समेत इस साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

Web Desk Web Desk The Khatak