कुचामन में मदन राठौड़ के घेराव पर सियासी संग्राम, BJP बोली- हिसाब होगा; बेनीवाल का जवाब- लाठी-गोली से नहीं डरते
डीडवाना-कुचामन में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाने के बाद राजस्थान की राजनीति गरमा गई है।
राजस्थान की राजनीति में इन दिनों बीजेपी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। डीडवाना-कुचामन जिले में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के दौरे के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। काले झंडे दिखाने से शुरू हुआ विवाद अब आरोप-प्रत्यारोप, धमकियों और तीखे बयानों तक पहुंच गया है।
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार को बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ कुचामन सिटी में आयोजित पार्टी के प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसी दौरान राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और मदन राठौड़ को काले झंडे दिखाए।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग किए जाने के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रंग ले गया।
BJP की चेतावनी- ‘हिसाब होगा’
घटना के बाद बीजेपी ने विरोध प्रदर्शन को लेकर कड़ा रुख अपनाया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए RLP कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी।
उन्होंने कहा कि अगर RLP कार्यकर्ता यह समझते हैं कि उन्होंने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष का विरोध कर कोई बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है, तो वे गलतफहमी में हैं। राजस्थान की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका हिसाब होगा।
इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई।
हनुमान बेनीवाल का पलटवार
बीजेपी की प्रतिक्रिया के बाद नागौर सांसद और RLP सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पहुंचे कार्यकर्ताओं पर पुलिस बल का प्रयोग करवाया गया।
बेनीवाल ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक दबाव में की गई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ता सत्ता की लाठी और गोली से डरने वाले नहीं हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन RLP कार्यकर्ता पीछे हटने वाले नहीं हैं।
मदन राठौड़ का बेनीवाल पर व्यक्तिगत हमला
विवाद यहीं नहीं रुका। शनिवार को बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने सांसद हनुमान बेनीवाल पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें ‘विष का पौधा’ करार दिया।
राठौड़ ने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी गलती यह थी कि उसने कभी हनुमान बेनीवाल को अपने साथ जोड़ा था। उन्होंने कहा कि विष के पौधे को पानी देने से वह केवल जहर ही उगलता है।
राठौड़ ने बेनीवाल की राजनीति को ओछी मानसिकता की राजनीति बताते हुए कहा कि ऐसे नेताओं का समाज में बहिष्कार होना चाहिए।
राजस्थान की राजनीति में बढ़ी तल्खी
राजस्थान में बीजेपी और RLP के रिश्ते पहले भी कई बार टकराव के दौर से गुजर चुके हैं, लेकिन कुचामन की घटना के बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक दूरी और बढ़ती दिखाई दे रही है।
एक तरफ बीजेपी विरोध प्रदर्शन को अराजकता और गुंडागर्दी बता रही है, वहीं दूसरी ओर RLP इसे लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार बता रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है।
आगे क्या?
कुचामन विवाद के बाद दोनों दलों के नेताओं के तीखे बयान लगातार सामने आ रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावी समीकरणों और क्षेत्रीय राजनीति को देखते हुए यह टकराव आने वाले समय में और तेज हो सकता है। फिलहाल राजस्थान की राजनीति में BJP और RLP के बीच सियासी जंग खुलकर सामने आ चुकी है।