बाड़मेर में बिना नंबर की क्रेटा से निकली 2 पिस्टल, हिस्ट्रीशीटर समेत दो आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान के बाड़मेर में पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक क्रेटा कार से 2 अवैध पिस्टल, मैग्जीन और एक कारतूस बरामद किया है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सदर थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध क्रेटा कार को रोककर तलाशी ली, जिसमें से दो अवैध पिस्टल, मैग्जीन और एक कारतूस बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक बाड़मेर ग्रामीण थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर निकला है।
अवैध हथियारों के खिलाफ विशेष अभियान
बाड़मेर पुलिस अधीक्षक (एसपी) चूनाराम जाट ने बताया कि पुलिस मुख्यालय और जोधपुर रेंज आईजी के निर्देश पर जिलेभर में अवैध हथियारों की रोकथाम, वांटेड अपराधियों की धरपकड़ और अपराध नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य और डीएसपी रमेश कुमार शर्मा के सुपरविजन में सदर थाना प्रभारी करतार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था।
नाकाबंदी के दौरान पुलिस को मिली सफलता
पुलिस टीम महाबार क्षेत्र में नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिया के पास बाईपास रोड पर एक सफेद रंग की क्रेटा कार संदिग्ध स्थिति में आती दिखाई दी।
पुलिस ने कार को रुकने का इशारा किया, लेकिन वाहन चालक के व्यवहार को देखकर टीम को संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने कार का पीछा कर उसे रोक लिया और उसमें सवार दोनों युवकों से पूछताछ शुरू की।
तलाशी में मिले अवैध हथियार
पूछताछ के दौरान युवकों ने अपनी पहचान जयसिंह पुत्र हिरसिंह निवासी जीवराजसिंह की ढाणी, पारो (बाड़मेर ग्रामीण) और प्रवीण सिंह पुत्र सरदारसिंह निवासी डंडकला रणजीतपुरा, जिला बीकानेर के रूप में बताई।
जब पुलिस ने कार की गहन तलाशी ली तो दोनों आरोपियों के कब्जे से 2 पिस्टल, उनकी मैग्जीन और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। बरामद हथियारों के संबंध में आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
अवैध हथियार मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ सदर थाना बाड़मेर में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार कहां से खरीदे गए थे और इन्हें किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। जांच में यह भी खंगाला जा रहा है कि कहीं आरोपी किसी बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क से तो जुड़े नहीं हैं।
हिस्ट्रीशीटर निकला एक आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी जयसिंह बाड़मेर ग्रामीण थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ पहले से चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और हालिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
हथियारों की खरीद-फरोख्त के एंगल पर जांच
पुलिस का फोकस अब इस बात पर है कि बरामद पिस्टल और कारतूस किस माध्यम से आरोपियों तक पहुंचे। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार किसी स्थानीय सप्लायर से खरीदे गए थे या फिर किसी अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के जरिए बाड़मेर तक पहुंचाए गए।
यदि जांच में किसी बड़े गिरोह की भूमिका सामने आती है तो पुलिस आगे और गिरफ्तारियां भी कर सकती है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में कांस्टेबल शंकरसिंह की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। इसके अलावा सुरेश कुमार, नरेश कुमार, भरत कुमार, नरेंद्र कुमार और डीसीआरबी प्रभारी भूपेंद्र सिंह सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों ने भी अभियान को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।
बाड़मेर पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।