शादी के नाम पर ठगी: विवाहिता को अविवाहित बताकर हड़पे 3 लाख, रात में भागते समय छत से गिरी
शादी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया, जहां नंदकिशोर सोनी और उनके साथियों ने फर्जी आधार कार्ड और साजिश रचकर भरत पारीक से 2.7 लाख रुपये हड़पे। सुमन पाण्डे, जो पहले से शादीशुदा थी, को अविवाहित बताकर धोखाधड़ी की गई।
जोधपुर के बनाड़ थाना क्षेत्र में शादी के नाम पर धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सारण नगर निवासी भरत पारीक ने अपने परिवार के साथ मिलकर नंदकिशोर सोनी और उनके साथियों पर शादी के बहाने 2 लाख 70 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। इस मामले में फर्जी आधार कार्ड, सुनियोजित साजिश, और पहले से शादीशुदा महिला को अविवाहित बताकर ठगी करने की बात सामने आई है।
कैसे शुरू हुआ धोखे का खेल?
भरत पारीक के पिता प्रेमसुख को 27 जून 2025 को उनके परिचित नंदकिशोर सोनी ने फोन किया। नंदकिशोर ने दावा किया कि वह भरत की शादी एक अच्छे खानदानी परिवार की लड़की से करवा सकते हैं, जो बिहार से हैं और ब्राह्मण जाति से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में उनके लायक लड़के नहीं मिल रहे, इसलिए वे राजस्थान में अपनी बेटी की शादी करना चाहते हैं। नंदकिशोर ने यह भी बताया कि लड़की वाले उस दिन जयपुर में हैं और शाम तक जोधपुर आ जाएंगे।
उसी दिन शाम को नंदकिशोर अपनी पत्नी के साथ दो लड़कियों, सुमन पाण्डे और रूबी, और उनके कथित रिश्तेदार संदीप शर्मा और रवि के साथ प्रेमसुख के घर पहुंचे। नंदकिशोर ने सुमन पाण्डे को शादी के लिए पसंद करने पर जोर दिया और कहा कि शादी के खर्चे के लिए करीब 3 लाख रुपये लगेंगे। प्रेमसुख ने भरोसा करते हुए 1 लाख 70 हजार रुपये नकद और 1 लाख रुपये संदीप शर्मा के खाते में गूगल पे के जरिए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आर्य समाज के रीति-रिवाज से भरत और सुमन की शादी करवा दी गई।