ट्रांसमिशन लाइन से तार चोरी के दौरान टॉवर से गिरा युवक, मौके पर मौत; दो साथी मृतक को अस्पताल छोड़कर फरार, पुलिस ने किया गिरफ्तार

बालोतरा के गिड़ा में ट्रांसमिशन टावर से तार चोरी करते वक्त एक युवक नीचे गिरकर मारा गया। दो साथी उसे अस्पताल छोड़कर फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। चोरी का माल, पिकअप और मोबाइल बरामद। एक की मौत, दो जेल में!

Feb 1, 2026 - 12:05
ट्रांसमिशन लाइन से तार चोरी के दौरान टॉवर से गिरा युवक, मौके पर मौत; दो साथी मृतक को अस्पताल छोड़कर फरार, पुलिस ने किया गिरफ्तार

राजस्थान के बालोतरा जिले के गिड़ा थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां ट्रांसमिशन लाइन से तार चोरी करने के दौरान एक युवक हाई टावर से नीचे गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके दो साथी घायल (मृत) साथी को पिकअप वाहन में डालकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित करने के बाद वे वहां से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी का माल, पिकअप गाड़ी सहित अन्य सामान बरामद किया है।

घटना का विवरण

यह पूरा मामला केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड कंपनी की एफ-3 बीटीएल ट्रांसमिशन लाइन से जुड़ा है, जिसका निर्माण कार्य भारत सरकार की केंद्रीय लाइट प्राधिकरण द्वारा एलॉट किया गया था। कंपनी का अधिकांश काम पूरा हो चुका था, लेकिन टॉवर संख्या 32/6 पर 23-24 जनवरी की रात को चोरों ने वारदात को अंजाम दिया।कंपनी के सीनियर इंजीनियर रामतीर्थ पुत्र राजवंत (निवासी सुलतानपुर, उत्तर प्रदेश), जो केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड में कार्यरत हैं, ने 26 जनवरी को गिड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार चोरों ने करीब 50 मीटर लाइट तार चुरा लिया और लगभग 350 मीटर तार, सस्पेंशन फिटिंग, इंसुलेटर तथा 7 स्पेसर को क्षतिग्रस्त कर दिया। नुकसान की अनुमानित राशि 1.65 लाख रुपये आंकी गई है।

चोरी के दौरान हादसा

बालोतरा एसपी रमेश के अनुसार जांच में पता चला कि 23-24 जनवरी की रात को तीन आरोपी—तनवीरसिंह उर्फ कमलेश पुत्र निंबाराम (निवासी उतरणी, गिड़ा), खुशहाल पुत्र मोहनलाल (निवासी बालोतरा) और उनका साथी मुकेश पुत्र पदमाराम (निवासी परेऊ)—मिलकर टावर पर चढ़कर तार चोरी कर रहे थे। इसी दौरान मुकेश टावर से नीचे गिर गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

अस्पताल में छोड़कर फरार

हादसे के बाद तनवीरसिंह और खुशहाल ने मुकेश को पिकअप गाड़ी में लादकर सीएचसी हॉस्पिटल गिड़ा ले जाकर छोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों आरोपी पिकअप लेकर मौके से फरार हो गए, जिससे मामला और रहस्यमय हो गया।

पुलिस की स्पेशल टीम और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए गिड़ा थानाधिकारी दलपतसिंह के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम गठित की गई। टीम ने गिड़ा, खोखसर, परेऊ और आसपास के इलाकों में गहन तलाश की। तकनीकी जांच और सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान की और उन्हें डिटेन कर लिया।

पूछताछ में दोनों ने तार चोरी की वारदात को स्वीकार किया। पुलिस रिमांड के दौरान उनकी निशानदेही पर चोरी में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी (RJ216F1556), मृतक मुकेश का मोबाइल फोन, चुराए गए लाइट तार, टावर पर चढ़ने के लिए इस्तेमाल की गई रस्सी, तार गलाने वाला केमिकल और लोहे का कटर बरामद किया गया।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया। यह मामला "ऑपरेशन अश्ववेग" के तहत भी दर्ज किया गया है, जिसमें बालोतरा पुलिस ने विद्युत ट्रांसमिशन टावर से तार चोरी के ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.