किरोड़ी लाल मीणा ने कैसे पकड़ा 9 करोड़ का फसल बीमा फर्जीवाड़ा: यूपी-बिहार के फर्जी किसानों के नाम पर ट्रांसफर की चल रही थी तैयारी...
हनुमानगढ़ में फसल बीमा योजना के तहत 9 करोड़ के फर्जी क्लेम का खुलासा हुआ है। 162 ऐसे किसानों के नाम सामने आए जिनकी कोई जमीन ही नहीं है, अब बैंक की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के पल्लू क्षेत्र स्थित एसबीआई बैंक शाखा में 162 फर्जी किसानों के नाम पर करीब 9 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम पास किए जाने का मामला सामने आया है।
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने खुद मौके पर पहुंचकर जांच की और इसे किसानों के हक पर “सीधा डाका” बताया। जांच के दौरान यह सामने आया कि जिन लोगों के नाम पर क्लेम पास हुआ, उनकी न तो कोई जमीन है और न ही वैध जमाबंदी रिकॉर्ड मौजूद है, जबकि फसल बीमा योजना के लिए भूमि दस्तावेज अनिवार्य होते हैं।
मंत्री ने बैंक अधिकारियों से जब दस्तावेज मांगे तो कोई भी वैध रिकॉर्ड पेश नहीं किया जा सका। इससे बैंक की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। जानकारी के अनुसार, इन खातों में करीब 9 करोड़ रुपए ट्रांसफर होने वाले थे, लेकिन समय रहते मामला उजागर हो गया।
इसी तरह का एक और मामला बीकानेर के गजनेर क्षेत्र में भी सामने आया है, जहां 6 करोड़ रुपए के फर्जी क्लेम की तैयारी थी।
कृषि मंत्री ने इसे बेहद शर्मनाक और चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार नहीं बल्कि अन्नदाता के साथ विश्वासघात है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।