नाबालिग से अश्लील हरकत पर शिक्षा मंत्री का कठोर रुख, आरोपी शिक्षक को तुरंत हटाने का आदेश
सातवीं की छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक राजेंद्र शर्मा को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बर्खास्त करने और पुलिस को तुरंत गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं, जबकि एक महीने से पुलिस कार्रवाई नहीं हुई थी।
राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने धौलपुर जिले में एक नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ अश्लील हरकत और छेड़छाड़ के आरोपी संविदा शिक्षक के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। 12 सितंबर 2025 को, मंत्री ने प्राथमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट को आरोपी शिक्षक को तत्काल नौकरी से बर्खास्त करने और पुलिस को उसे गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता के परिजनों ने जयपुर में मंत्री के आवास पर पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी दी। इस घटना ने शिक्षा विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि पुलिस ने एक महीने से अधिक समय तक कोई कार्रवाई नहीं की।
धौलपुर जिले के बरौली स्थित उच्च प्राथमिक किड्स पब्लिक स्कूल की है, जहां सातवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा पढ़ती है। पीड़िता स्कूल के बाद उसी विद्यालय में शाम को ट्यूशन पढ़ने जाती थी। आरोपी शिक्षक, राजेंद्र शर्मा, जो धौलपुर के बरौली का निवासी और यादराम चौबे का पुत्र है, इस छात्रा को ट्यूशन पढ़ाता था।
4 अगस्त 2025 को, जब छात्रा ट्यूशन के लिए स्कूल गई, तो राजेंद्र शर्मा ने उसे रोक लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। उसने छात्रा को धमकाया कि वह इस घटना के बारे में अपने परिजनों को कुछ न बताए। डरी हुई छात्रा ने घर पहुंचकर रोते हुए अपनी मां को पूरी घटना बताई। परिजनों ने तुरंत इसकी शिकायत धौलपुर के सरमथुरा पुलिस थाने में दर्ज कराई। हालांकि, एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
पुलिस की निष्क्रियता और आरोपी का कबूलनामा
हैरानी की बात यह है कि घटना के बाद आरोपी राजेंद्र शर्मा पीड़िता के घर गया और स्थानीय पंचायत के सामने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। इस कबूलनामे का वीडियो पीड़िता के परिजनों के पास उपलब्ध है। इसके बावजूद, सरमथुरा पुलिस थाना कोई कार्रवाई करने में नाकाम रहा, जिससे परिजनों में आक्रोश बढ़ा। इस निष्क्रियता ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और मामले को और गंभीर बना दिया।
परिजनों की शिकायत और मंत्री का त्वरित एक्शन
पीड़िता के परिजनों ने हार न मानते हुए जयपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की और पूरी घटना की जानकारी दी। मंत्री ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट को आरोपी शिक्षक राजेंद्र शर्मा को तुरंत नौकरी से बर्खास्त करने का आदेश दिया। साथ ही, उन्होंने पुलिस उपमहानिरीक्षक को आरोपी को गिरफ्तार करने और सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहा।
आरोपी का दोहरा चेहरा
आरोपी राजेंद्र शर्मा न केवल बरौली के उच्च प्राथमिक किड्स पब्लिक स्कूल में संविदा शिक्षक के रूप में कार्यरत था, बल्कि वह एक निजी विद्यालय का संचालन भी करता था। इस दोहरे रोल ने मामले को और गंभीर बना दिया, क्योंकि यह सवाल उठता है कि एक शिक्षक, जिस पर बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा की जिम्मेदारी है, इस तरह की हरकत कैसे कर सकता है। शिक्षा मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की अनैतिक गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
शिक्षा मंत्री का सख्त रुख
मदन दिलावर ने पहले भी भ्रष्टाचार और अनैतिक गतिविधियों में लिप्त शिक्षकों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति अपनाने की बात कही थी। अगस्त 2025 में, उन्होंने घोषणा की थी कि ऐसे दोषी व्यक्तियों की जांच रिपोर्ट उनके घरों के बाहर चस्पा की जाएगी, ताकि उनके परिवार और समाज को उनकी करतूतों का पता चले। इस मामले में भी, उन्होंने त्वरित और सख्त कार्रवाई का निर्देश देकर अपनी जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराया।