बाड़मेर के बायतु में किसानों का उग्र प्रदर्शन: मुआवजे की मांग पर पुलिस से झड़प, महिलाओं ने दिखाया जोरदार विरोध
राजस्थान के बाड़मेर जिले के बायतु क्षेत्र में 765 kV की डबल ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के काम के दौरान किसानों को उचित मुआवजा न मिलने से आक्रोशित किसान और महिलाएं बाड़मेर कलेक्ट्रेट जा रहे थे। पुलिस ने टोल प्लाजा पर क्रेन से ट्रैक्टर रोके, जिसके बाद पैदल आगे बढ़ने पर महिला पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और झड़प हुई। किसान NH-25 पर धरने पर बैठ गए। आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री से वार्ता और उचित मुआवजा दिलवाने की मांग की। प्रशासन समझाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले के बायतु क्षेत्र में 765 kV की डबल ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के काम को लेकर किसानों में भारी रोष है। इस हाई-टेंशन लाइन के कारण किसानों के खेत प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है। इसी मांग को लेकर सैकड़ों किसान और ग्रामीण महिलाएं सोमवार शाम को बायतु से बाड़मेर जिला कलेक्ट्रेट की ओर कूच कर रहे थे, ताकि प्रशासन से बातचीत कर मुआवजे का समाधान निकाला जा सके।
रास्ते में निम्बोणियों की ढाणी टोल प्लाजा (NH-25 पर) पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस ने क्रेन खड़ी करके ट्रैक्टरों का काफिला रोक दिया, जिसके बाद किसान और महिलाएं पैदल ही बाड़मेर की ओर बढ़ने लगे। महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को रोकने की कोशिश की और लाठियां आगे कर दीं। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और महिलाओं ने विरोध जताते हुए महिला पुलिसकर्मियों से भिड़ंत की। धक्का-मुक्की हुई, महिलाओं ने लाठियां पकड़कर पुलिस को धकेला और आगे बढ़ने की कोशिश की।
इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर किसानों को आगे नहीं बढ़ने दिया। आक्रोशित किसानों ने यहीं टोल प्लाजा पर धरना शुरू कर दिया। वे NH-25 पर सड़क किनारे ट्रैक्टर खड़े करके बैठ गए और घोषणा की कि मुआवजे की मांग पूरी न होने तक वे यहीं डटे रहेंगे।
प्रशासन की कोशिशें जारी
बाड़मेर SDM यशार्थ शेखर, डीएसपी रमेश कुमार शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। किसानों के प्रतिनिधिमंडल में बायतु प्रधान सिमरथा राम बेनीवाल, बायतु भीमजी सरपंच किशनाराम मेघवाल, बोड़वा सरपंच चैनाराम गोदारा, आरएलपी नेता जालाराम पालीवाल, भाजपा युवा नेता जोगा राम भोजासर आदि शामिल हैं।
आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल का बयान
आरएलपी सुप्रीमो और सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस मामले पर X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बायतु क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक गांवों में 765 kV की डबल सरकारी ट्रांसमिशन लाइन का काम बिना मुआवजा दिए जबरन किया जा रहा है, जो अनुचित है। उन्होंने कहा कि किसानों को पुलिस के जरिए डराने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की कि आंदोलित किसानों के साथ वार्ता के लिए प्रशासन को निर्देश दें और उचित मुआवजा दिलवाया जाए। बेनीवाल ने जिला कलेक्टर से भी फोन पर बात की है।
आरएलपी युवा नेता का आरोप
आरएलपी युवा नेता जालाराम पालीवाल ने कहा कि स्थानीय प्रशासन समाधान निकालने के बजाय चुप है। किसान एकसमान और उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।
पृष्ठभूमि
यह ट्रांसमिशन लाइन बायतु के एक दर्जन से अधिक गांवों से गुजर रही है, जिसके कारण किसानों की खेती प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि कंपनी और सरकार ने मुआवजा देने में लापरवाही बरती है। यह घटना राजस्थान में किसानों के लंबे समय से चले आ रहे मुआवजा विवादों का हिस्सा है, जहां हाई-वोल्टेज लाइनों से खेतों में स्थायी नुकसान होता है, लेकिन मुआवजा अपर्याप्त या विलंबित रहता है।