भरतपुर में वैन ड्राइवर की लापरवाही से 6 साल के मासूम हर्ष की दर्दनाक मौत: 4 दिन पहले धमकी दे चुका था – "सामने आया तो उड़ा दूंगा"
भरतपुर जिले के चिकसाना थाना क्षेत्र के चारलीगांज गांव में सोमवार शाम एक तेज रफ्तार वैन ने सड़क किनारे खड़े 6 वर्षीय बच्चे हर्ष को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। ड्राइवर मानवेंद्र सिंह पर अत्यधिक स्पीड, शराब पीकर वाहन चलाने और 4 दिन पहले धमकी देने का आरोप है। उसने ताऊ को टोकने पर कहा था- "सामने आया तो उड़ा दूंगा"। ड्राइवर फरार हो गया, पुलिस ने केस दर्ज किया। यह घटना सड़क सुरक्षा और बच्चों की जान के प्रति लापरवाही का दर्दनाक उदाहरण है।
राजस्थान के भरतपुर जिले में एक बेहद हृदयविदारक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। चिकसाना थाना क्षेत्र के चारलीगांज गांव में सोमवार शाम करीब 5 बजे एक तेज रफ्तार वैन ने सड़क किनारे खड़े 6 वर्षीय मासूम हर्ष को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वैन चालक मानवेंद्र सिंह पर लापरवाही, अत्यधिक गति और संभवतः शराब पीकर वाहन चलाने का गंभीर आरोप लगा है।
हादसे का पूरा विवरण
परिवार के अनुसार, हर्ष दूसरी कक्षा में पढ़ता था। वह दुकान से कुछ सामान लेकर घर लौट रहा था और सड़क के किनारे खड़ा हो गया था। इसी दौरान रेलवे पुलिया की ओर से तेज गति से आ रही वैन ने उसे चपेट में ले लिया। वैन के दोनों पहिए हर्ष की छाती से होकर निकल गए, जिस कारण उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लोग चिल्लाने लगे, लेकिन तब तक ड्राइवर मानवेंद्र सिंह वहां से फरार हो चुका था।
परिजनों ने तुरंत हर्ष को चिकसाना के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां से शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भरतपुर के आरबीएम अस्पताल शिफ्ट किया गया। मंगलवार को हर्ष के परिजनों ने चिकसाना थाने में वैन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
4 दिन पहले भी दी थी खौफनाक धमकी
हर्ष के ताऊ मेघसिंह ने पुलिस को दी गई रिपोर्ट में बताया कि यह पहली बार नहीं था जब ड्राइवर ने लापरवाही दिखाई। चार दिन पहले (शुक्रवार को) भी मानवेंद्र सिंह गांव में तेज गति से वैन लेकर आया था। उस समय वह शराब के नशे में था। मेघसिंह ने उसे हाथ के इशारे से रोका और टोकते हुए कहा, "भाई, गांव के रास्तों पर छोटे बच्चे और ग्रामीण चलते हैं। गाड़ी इतनी स्पीड में मत चलाया करो।"
इस पर ड्राइवर ने न केवल टालमटोल किया, बल्कि धमकी भरे लहजे में कहा, "स्पीड तो ऐसी ही रहेगी। तू और तेरे परिवार के लोग मुझसे सावधान रहना। अगर कोई मेरी गाड़ी के सामने आया तो मैं उसे उड़ा दूंगा।" इसके बाद वह जान से मारने की धमकी देकर चला गया। ताऊ ने बताया कि सोमवार को भी ड्राइवर शराब पीकर ही तेज गति से वैन चला रहा था।
परिवार की दर्द भरी स्थिति
हर्ष के पिता चंद्रकांत आश्रम में काम करते हैं। हर्ष का एक बड़ा भाई रुद्रप्रताप है, जो चौथी कक्षा में पढ़ता है। पूरा परिवार इस सदमे से गुजर रहा है कि एक मासूम बच्चे की जिंदगी इतनी बेरहमी से छीन ली गई। परिजन न केवल हादसे से व्यथित हैं, बल्कि ड्राइवर की पूर्व धमकी को लेकर भी आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो शायद यह हादसा टल सकता था।
पुलिस कार्रवाई और सवाल
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। ड्राइवर की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा, तेज गति, शराब पीकर वाहन चलाने और बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीण इलाकों में ऐसी घटनाएं आम हो रही हैं, जहां वाहन चालक लापरवाही बरतते हैं और छोटे-छोटे बच्चों की जान जा रही है।