प्रसिद्ध हास्य कवि केशर देव मारवाड़ी (केसरीमल) की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत: शादी से लौटते समय झपकी लगने से कार ट्रक में घुसी, मौके पर ही चली गई जान
राजस्थान के प्रसिद्ध हास्य कवि और सरकारी शिक्षक केशर देव मारवाड़ी (केसरीमल) की 10 फरवरी 2026 को सीकर के रींगस में दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। शादी समारोह से जयपुर लौटते समय रात करीब 2 बजे नींद की झपकी आने से उनकी कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। मौके पर ही उनकी जान चली गई, जबकि पत्नी चंदा देवी को हल्की चोट आई। वे झोटवाड़ा सरकारी स्कूल में टीचर थे और टीवी शोज़ जैसे इंडिया लाफ्टर चैंपियन में भाग ले चुके थे। उन्हें 'मारवाड़ रत्न' और 'मारवाड़ का गौरव' जैसी उपाधियां मिली थीं। इस घटना से साहित्य, शिक्षा और हास्य जगत में शोक की लहर है।
राजस्थान के साहित्य और हास्य जगत में एक बड़ा सदमा पहुंचा है। प्रसिद्ध हास्य कवि और सरकारी शिक्षक केशर देव मारवाड़ी (केसरीमल प्रजापत) की सोमवार रात सीकर जिले के रींगस में एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। वे 59 वर्ष के थे और अपनी पत्नी के साथ चूरू के रतनगढ़ में एक शादी समारोह से जयपुर लौट रहे थे। हादसा रात करीब 2 बजे RSWM मिल तिराहे (खाटूश्यामजी मार्ग) पर हुआ, जब नींद की झपकी आने के कारण उनकी कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई।
हादसे का विवरण
घटना का समय और स्थान: सोमवार रात लगभग 2 बजे, रींगस के मिल तिराहे पर।कारण: प्रारंभिक जांच में नींद की झपकी को मुख्य वजह बताया जा रहा है। केशर देव स्वयं कार चला रहे थे।हादसे की तीव्रता: कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और परखच्चे उड़ गए। हादसे में कवि की मौके पर ही मौत हो गई।पत्नी की स्थिति: पत्नी चंदा देवी (55 वर्ष) को हल्की चोटें आईं। उनका जयपुर के कांवटिया अस्पताल में इलाज हुआ और अब वे स्वस्थ हैं।
पुलिस कार्रवाई: रींगस एसआई दिलीप सिंह के अनुसार, शव को रींगस के राजकीय उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। रात में शव मोर्चरी में रखा गया और सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने कार और ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
केशर देव मारवाड़ी का जीवन परिचय
केशर देव मारवाड़ी (केसरीमल) लाडनूं (नागौर जिला) के मूल निवासी थे, लेकिन वर्तमान में जयपुर के मुरलीपुरा में रहते थे। वे झोटवाड़ा स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान सराहनीय रहा है।
वे राजस्थानी और मारवाड़ी भाषा में हास्य कविताओं के लिए बहुत लोकप्रिय थे। उन्होंने कई प्रमुख टीवी शो में भाग लिया, जैसे:इंडिया लाफ्टर चैंपियन (सोनी टीवी),लाफ इंडिया लाफ (लाइफ ओके),हंसने का मुखिया कौन (स्टार वन)। वे मुकेश अंबानी के पारिवारिक कार्यक्रमों में भी अपनी प्रस्तुति दे चुके थे। मारवाड़ी संस्कृति और भाषा को बढ़ावा देने के लिए उन्हें राजस्थान की विभिन्न संस्थाओं द्वारा 'मारवाड़ रत्न' और 'मारवाड़ का गौरव' जैसी प्रतिष्ठित उपाधियां प्रदान की गई थीं। शिक्षा विभाग में उनके कार्य के लिए भी उन्हें स्थानीय और जिला स्तर पर कई सम्मान मिले थे।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
परिवार: उनकी दो बेटियां हैं – दिव्या (28 वर्ष) और भव्या (25 वर्ष), दोनों की शादी हो चुकी है।वे छह भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। उनके बड़े भाई बेगाराम प्रजापत ने बताया कि उनके आकस्मिक निधन से पूरा परिवार सदमे में है।हास्य कवि के रूप में वे मंच पर अपनी मारवाड़ी शैली की हास्य कविताओं से दर्शकों को खूब हंसाते थे, लेकिन आज उनकी मौत ने साहित्य, शिक्षा और हास्य प्रेमियों को गहरा दुख पहुंचाया है।