बाड़मेर में जागरूकता कैंप में अफसरों की अनुपस्थिति पर सीजेएम भड़कीं: 12 में से मात्र 4 विभाग पहुंचे, नाराज जज ने जारी किए नोटिस, कल कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी के आदेश

बाड़मेर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित जागरूकता कैंप में 12 विभागों में से मात्र 4 के अधिकारी ही पहुंचे। इससे नाराज सीजेएम कृष्णा गुप्ता ने अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया और उन्हें व्यक्तिगत रूप से अगले दिन कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए। कैंप का उद्देश्य लोक अदालत गठन और आमजन की समस्याओं (बिजली, पानी, सड़क आदि) का समाधान था, लेकिन अफसरों की अनदेखी पर जज ने सख्त रुख अपनाया।

Feb 10, 2026 - 10:54
बाड़मेर में जागरूकता कैंप में अफसरों की अनुपस्थिति पर सीजेएम भड़कीं: 12 में से मात्र 4 विभाग पहुंचे, नाराज जज ने जारी किए नोटिस, कल कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी के आदेश

बाड़मेर, राजस्थान: सोमवार को बाड़मेर नगर परिषद परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित जागरूकता कैंप में विभागीय अधिकारियों की बड़ी संख्या में अनुपस्थिति पर जिला सत्र न्यायालय की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कृष्णा गुप्ता बेहद नाराज हो गईं। उन्होंने अनुपस्थित रहे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और उन्हें व्यक्तिगत रूप से मंगलवार को कोर्ट में पेश होने के लिए नोटिस जारी करवाए।

यह कैंप जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजिताभ आचार्य के निर्देशानुसार लगाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य बाड़मेर जिले में स्थानीय लोक अदालत का गठन करना और आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। चूंकि बाड़मेर नया जिला है, इसलिए लोक अदालत से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए यह कैंप महत्वपूर्ण माना जा रहा था।

कैंप में बिजली, पानी, सड़क, परिवहन, राजस्व, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कुल 12 विभागों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों को विशेष रूप से बुलाया गया था। लोगों को इन विभागों से जुड़ी शिकायतें दर्ज करने और समस्याओं का समाधान पाने का मौका मिलना था। सुबह से कैंप शुरू होने के बाद सीजेएम कृष्णा गुप्ता स्वयं मौके पर पहुंचीं और आमजन की समस्याएं सुनना शुरू किया।

हालांकि, लोगों की बड़ी संख्या में शिकायतें लेकर पहुंचने के बावजूद विभागीय अफसरों की तरफ से खासा रुचि नहीं दिखाई गई। कुल 12 विभागों में से मात्र 4 विभागों के अधिकारी ही कैंप में उपस्थित हुए, जबकि बाकी 8 विभागों के प्रतिनिधि अनुपस्थित रहे। इस स्थिति पर सीजेएम का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

सीजेएम कृष्णा गुप्ता ने मौके पर ही सख्त लहजे में कहा,

"सुबह से कैंप चल रहा है। अगर मैं यहां नहीं होती, तो इसका मतलब अधिकारी नहीं आएंगे। जो आज अधिकारी नहीं आए हैं, उन्हें कोर्ट में बुला दो। कल मंगलवार को साढ़े दस बजे का समय दे दो। यहां क्यों नहीं हैं? क्या कारण है? मात्र तीन-चार विभाग के अधिकारी हैं।"

उन्होंने आगे मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया,

"हमारे जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देशानुसार अजिताभ आचार्य के आदेश पर यह कैंप आयोजित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोक अदालत का गठन करना है। क्योंकि बाड़मेर नया जिला बना है, लोक अदालत से संबंधित समस्याओं को लेकर यह कैंप लगाया गया। बिजली, पानी, सड़क, परिवहन समेत जो भी हमारी समस्याएं हैं, लोग उन्हें बता सकते हैं। 12 विभागों को बुलाया गया था, लेकिन सिर्फ चार विभाग ही आए हैं। सबको पहले से सूचित किया गया था, इसके बावजूद अनदेखी की गई है।"

सीजेएम ने अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए और उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने को कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में ऐसे कैंपों में विभागीय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.