गुरुग्राम में शगुन कुमार मौत का रहस्य: लव मैरिज एंगल से जुड़ा चौंकाने वाला मामला, अरावली जंगल में मिला कंकाल

गुरुग्राम के सोहना में अरावली पहाड़ियों के जंगल से 24 वर्षीय शगुन कुमार का कंकाल मिला, जो 14 जनवरी से लापता था। परिवार ने सोचा था वह अपनी पसंद की लड़की से लव मैरिज करके गया है, इसलिए 24 दिन तक गुमशुदगी रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई। शव के पास गीला-फटा सुसाइड नोट और मोबाइल मिला। मौत से पहले बाइक बेची और 10 हजार रुपये एडवांस लिए थे। पुलिस सुसाइड और मर्डर दोनों एंगल पर जांच कर रही है, फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार।

Feb 10, 2026 - 14:03
गुरुग्राम में शगुन कुमार मौत का रहस्य: लव मैरिज एंगल से जुड़ा चौंकाने वाला मामला, अरावली जंगल में मिला कंकाल

गुरुग्राम जिले के सोहना-तावड़ू रोड पर अरावली की पहाड़ियों में एक युवक का कंकाल मिलने से सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान 24 वर्षीय शगुन कुमार पुत्र सोहन सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से राजस्थान के अलवर जिले के जटीयाणा शाहपुर गांव का निवासी था। वह कई सालों से सोहना की नहर कॉलोनी में अपनी मां के साथ किराए के मकान में रह रहा था। शगुन सोहना के एक केले के गोदाम में नौकरी करता था।

लव मैरिज का एंगल और परिवार की अनजान सोच

परिवार ने पुलिस को बताया कि शगुन पिछले कुछ समय से अपनी मां और रिश्तेदारों से बार-बार कहता था, "मैं अपनी पसंद की लड़की से लव मैरिज करूंगा।" 14 जनवरी 2026 को जब वह घर नहीं लौटा, तो परिवार ने उसके मोबाइल पर कई बार कॉल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। परिवार ने यही मान लिया कि वह अपनी पसंद की लड़की के साथ कहीं चला गया होगा और शायद शादी करके बाद में लौट आएगा। इसी वजह से परिवार ने न तो उसकी कोई तलाश की और न ही पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

शगुन के चाचा मुकेश ने बताया, "हमने सोचा था कि शगुन अपनी पसंद की लड़की के साथ कहीं चला गया है।" हालांकि, परिवार को यह भी नहीं पता था कि शगुन का प्रेम संबंध किसी खास लड़की से था। शगुन पिछले कुछ समय से काफी परेशान रहता था, लेकिन उसने किसी को परेशानी का कारण नहीं बताया।

24 दिन बाद जंगल से बरामद हुआ कंकाल

8 फरवरी 2026 को अरावली पहाड़ियों के जंगल में शगुन का शव कंकाल के रूप में मिला। शव कई दिनों तक जंगल में पड़ा रहा, जिसके कारण जंगली जानवरों ने उसे नोच-खा लिया। केवल सिर और हड्डियों का ढांचा बचा था, मांस के टुकड़े बिखरे हुए मिले। पुलिस ने शव को समेटकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भेजा, जहां डॉक्टरों ने विसरा और अन्य सैंपल लेकर फोरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिए।

सुसाइड नोट और मोबाइल मिला, लेकिन सबूत गीले-फटे

शव की जेब से एक मोबाइल फोन और चार पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ। दोनों ही गीले और फटे हुए थे, स्याही बह गई थी जिससे नोट पढ़ना मुश्किल हो गया। मोबाइल भी ऑन नहीं हो रहा है। पुलिस ने दोनों को फोरेंसिक लैब में भेज दिया है ताकि उन्हें डीकोड किया जा सके। अगर सुसाइड नोट फर्जी या प्लांटेड निकला, तो हत्या का एंगल मजबूत हो सकता है।

मौत से पहले बाइक बेची और 10 हजार रुपये एडवांस लिए

शगुन ने लापता होने से कुछ दिन पहले अपनी बाइक बेच दी थी। परिवार ने वजह पूछी, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। परिवार ने इसे लव अफेयर से जोड़कर चुप रहना मुनासिब समझा। इसके अलावा, उसने अपने मालिक से 10 हजार रुपये एडवांस में लिए थे। परिवार को नहीं पता कि उसे इतने पैसे की अचानक जरूरत क्यों पड़ी।

पुलिस जांच: सुसाइड या मर्डर?

जांच अधिकारी सतबीर ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सटीक कारण और समय पता चलेगा। पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों एंगल पर जांच कर रही है। स्थानीय निवासियों, सहकर्मियों से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज की जांच भी चल रही है।

प्रारंभिक जांच में संदेह है कि शगुन ने पेड़ की टहनी से फांसी लगाने की कोशिश की, लेकिन टहनी टूट गई और वह जमीन पर गिर पड़ा, जहां सिर पत्थर से टकराने से मौत हो गई। 24 दिन जंगल में पड़े रहने से जानवरों ने शरीर को नष्ट कर दिया, जिससे हत्या के संभावित सबूत (जैसे संघर्ष के निशान, गला दबाने के चिह्न या मारपीट) मिट गए।

संदिग्ध परिस्थितियां और सवाल

24 दिन तक कोई गुमशुदगी रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज कराई गई?बाइक बेचकर और पैसे लेकर अचानक रुपयों की जरूरत क्यों?सुसाइड नोट फटा-गीला होने से क्या यह असली है या प्लांटेड?परिवार की चुप्पी और लव मैरिज वाली बातें क्या छिपा रहीं हैं?  यह मामला अभी रहस्यमयी बना हुआ है। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट से ही सच्चाई सामने आएगी कि यह आत्महत्या थी या कोई साजिश। परिवार और पुलिस दोनों के लिए यह एक बड़ा झटका है, जहां लव मैरिज का एंगल मौत के पीछे की वजह बन सकता है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.