बाड़मेर के आलमसर गांव में भूखंड विवाद पर कातिलाना हमला: हाथ-पैर तोड़े, सिर फोड़े; घायल दलित पीड़ित स्ट्रेचर-व्हीलचेयर पर कलेक्ट्रेट पहुंचे, एसपी ने शेष आरोपियों की गिरफ्तारी का दिया आश्वासन
बाड़मेर जिले के आलमसर गांव में 1 जनवरी की रात भूखंड विवाद में दलित पक्ष पर कथित कातिलाना हमला हुआ, जिसमें रामाराम, खेराज और फोटाराम जैसे लोगों के हाथ-पैर तोड़े गए और सिर फोड़ा गया। गंभीर घायल पीड़ित स्ट्रेचर-व्हीलचेयर पर कलेक्ट्रेट पहुंचे और एसपी से शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने दोनों पक्षों से 10 लोगों को गिरफ्तार किया, एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज है, जांच एएसपी को सौंपी गई और एसपी ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। जमीन कुर्क कर दी गई है।
बाड़मेर जिले के धनाऊ थाना क्षेत्र के आलमसर गांव में 1 जनवरी 2026 की रात को एक पुराने भूखंड विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस झगड़े में दोनों पक्षों के बीच लाठियां चलीं, जिसके परिणामस्वरूप कुल पांच लोग घायल हुए। दलित (एससी-एसटी) पक्ष के लोगों को गंभीर चोटें आईं, जिसमें हाथ-पैर तोड़ दिए गए और सिर पर हमला कर फोड़ा गया। पीड़ितों को पहले बाड़मेर में प्राथमिक उपचार दिया गया, फिर गंभीर हालत में जोधपुर रेफर कर दिया गया। जोधपुर में इलाज के बाद जब वे छुट्टी पर आए, तो घायल रामाराम, खेराज और फोटाराम जैसे पीड़ित स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर बैठकर बाड़मेर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे।
यहां उन्होंने आरोपियों की शेष गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) नरेंद्र सिंह मीना से मुलाकात की। एसपी ने चैंबर से बाहर आकर घायलों की बात सुनी और आश्वासन दिया कि जल्द ही शेष आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसडीएम यशार्थ शेखर भी मौजूद रहे और उन्होंने भी पीड़ितों को न्याय का भरोसा दिलाया।
विवाद की जड़ क्या थी?
पुलिस के अनुसार, यह जमीन केवाराम पुत्र फोटाराम (दीनगढ़) और उनके भाइयों की थी। भाइयों ने इसे मुसलमानों को बेच दिया था, जिन्होंने बाद में इसे मूलाराम पुत्र दूदाराम (दीनगढ़ निवासी) को बेच दिया। कब्जे को लेकर दोनों पक्षों (एक दलित एससी-एसटी वर्ग और दूसरा गैर-एससी-एसटी) में लंबे समय से विवाद चल रहा था। 1 जनवरी की रात को दलित पक्ष को सूचना मिली कि दूसरा पक्ष भूखंड पर अतिक्रमण कर रहा है। इस पर 3-4 लोग मौके पर पहुंचे, तो उन पर कथित तौर पर कातिलाना हमला कर दिया गया। मारपीट के दौरान सिर फोड़े गए, हाथ-पैर तोड़े गए।
दलित नेता उदाराम मेघवाल ने बताया कि एससी-एसटी वर्ग का यह भूखंड था। पीड़ित पक्ष को अतिक्रमण की जानकारी मिलने पर वे मौके पर गए, लेकिन हमलावरों ने लाठियों-डंडों से हमला बोल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरू में धनाऊ थानाधिकारी ने रिपोर्ट को नजरअंदाज किया और गंभीर धाराएं नहीं लगाईं। बाद में सीईओ चौहटन की जांच में गंभीर धाराएं जोड़ी गईं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज की।एक पक्ष (दलित) की शिकायत पर एससी-एसटी एक्ट (नंबर 1 एससी-एसटी) के तहत मामला दर्ज हुआ।दूसरे पक्ष की शिकायत पर मारपीट समेत अन्य धाराओं में केस।जांच के दौरान कुल 10 आरोपी गिरफ्तार किए गए (एक पक्ष से 6, दूसरे से 4)। सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया।जमीन को विवाद के कारण कुर्क कर दिया गया।शुरुआती जांच सीईओ चौहटन ने की, अब एएसपी नितेश आर्य को सौंपी गई है।एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने कहा कि एससी-एसटी पक्ष को ज्यादा चोटें आई हैं। धनाऊ थानाधिकारी द्वारा गंभीर धाराएं न लगाने पर भी जांच होगी। शेष आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द कार्रवाई होगी।
पीड़ितों की स्थिति
रामाराम: हाथ-पैर टूटे, गंभीर हालत।खेराज: पैर तोड़े गए।फोटाराम: सिर पर गंभीर हमला।ये सभी दलित पक्ष से हैं और इलाज के बाद भी पूरी तरह ठीक नहीं हुए। उनके परिजन और समाज के लोग स्ट्रेचर-व्हीलचेयर पर कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की गुहार लगाने को मजबूर हुए।