बीकानेर के खाजूवाला में सब्जी मंडी में भीषण आग: शॉर्ट सर्किट से लगी आग, 11 हजार केवी लाइन के नीचे बनी अस्थाई दुकानें जलकर राख

बीकानेर के खाजूवाला में गोगामेड़ी सब्जी मंडी में देर रात शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई, जिससे 11 हजार केवी हाई टेंशन लाइन के नीचे बनी चार अस्थाई दुकानें (सब्जी-फल और चाय की) जलकर राख हो गईं। आग तेजी से फैली, लेकिन पुलिस और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से गैस सिलेंडर सुरक्षित निकाले गए और बड़ा विस्फोट टला। गरीब दुकानदारों को लाखों का नुकसान हुआ।

Feb 9, 2026 - 18:30
बीकानेर के खाजूवाला में सब्जी मंडी में भीषण आग: शॉर्ट सर्किट से लगी आग, 11 हजार केवी लाइन के नीचे बनी अस्थाई दुकानें जलकर राख

बीकानेर जिले के खाजूवाला कस्बे में रविवार (8 फरवरी 2026) देर रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब गोगामेड़ी के पास स्थित सब्जी मंडी में अचानक भीषण आग लग गई। यह आग इतनी तेजी से फैली कि कई अस्थाई दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। घटना के समय इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन स्थानीय लोगों, पुलिस और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।

हादसे का समय और शुरुआत

हादसा रविवार रात करीब 12 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, गोगामेड़ी सब्जी मंडी में अचानक आग की लपटें उठीं, जो दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं। ये दुकानें मुख्य रूप से खोखा-छप्पर और कपड़े से बनी अस्थाई संरचनाएं थीं, जो आग को बहुत तेजी से फैलने में सहायक बनीं। आग लगने की मुख्य वजह 11 हजार केवी की हाई टेंशन विद्युत लाइन के नीचे बनी इन दुकानों में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। ये लाइनें ठीक दुकानों के ऊपर से गुजर रही थीं, जिससे आग लगते ही खतरा कई गुना बढ़ गया था।

आग कैसे फैली और क्या-क्या जलकर राख हुआ

आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कपड़े और छप्पर वाली संरचनाओं ने उन्हें और भड़का दिया। सब्जी, फल और अन्य सामग्री रखी गई चार अस्थाई दुकानें पूरी तरह जल गईं। इनमें सब्जी की दुकानें, फल-फ्रूट की दुकानें और एक चाय की दुकान शामिल थी। चाय की दुकान में गैस से भरे कई सिलेंडर रखे हुए थे। अगर आग इन सिलेंडरों तक पहुंच जाती तो विस्फोट हो सकता था, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए रात में ही इन सिलेंडरों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

राहत कार्य और आग पर काबू

देर रात गश्त पर निकली खाजूवाला पुलिस टीम सबसे पहले मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी जल्दी पहुंचीं और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया, हालांकि देर रात तक रुक-रुक कर लपटें नजर आती रहीं।

दुकानदारों को भारी नुकसान

यह दुकानें गरीब और छोटे व्यापारियों की थीं, जो रोजाना सब्जी-फल बेचकर गुजारा करते हैं। आग में उनकी सारी सब्जी, फल, कीमती सामान और दुकान की संरचना जलकर राख हो गई। लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। दुकानदारों को अब दोबारा दुकानें तैयार करनी पड़ेंगी और नई सब्जी-फल लाकर व्यवसाय शुरू करना होगा। कई दुकानदारों का कहना है कि यह उनके लिए बहुत बड़ा आर्थिक झटका है।

सुरक्षा चिंताएं और सबक

यह घटना एक बार फिर बिजली लाइनों के नीचे अस्थाई दुकानें लगाने के खतरे को उजागर करती है। ऐसी जगहों पर शॉर्ट सर्किट या कोई छोटी चिंगारी भी बड़ा हादसा बन सकती है। प्रशासन को ऐसी दुकानों पर सख्ती बरतने और वैकल्पिक सुरक्षित जगह उपलब्ध कराने की जरूरत है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.