केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल का बड़ा बयान: सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान को नहीं दिया जाएगा, भारत के हित में किया जाएगा उपयोग – राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली को मिलेगा बड़ा फायदा
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने जयपुर में घोषणा की कि सिंधु नदी का पानी अब पाकिस्तान को नहीं दिया जाएगा, बल्कि इसे भारत के हित में डायवर्ट कर राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में उपयोग किया जाएगा। DPR तैयार हो चुकी है। साथ ही यमुना जल परियोजना तेज होगी, जिससे राजस्थान को विशेष लाभ मिलेगा और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों को भी यमुना का पानी पहुंचेगा। परियोजना की लागत 77 हजार करोड़ से 1 लाख करोड़ तक अनुमानित है। मंत्री ने अर्थव्यवस्था की प्रगति पर भी बात की।
जयपुर: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि सिंधु नदी का पानी अब पाकिस्तान को नहीं दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी को रोककर इसे भारत के हित में उपयोग किया जाएगा। इस फैसले से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली जैसे राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा, जहां पानी की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
मंत्री पाटिल ने शनिवार को जयपुर में बीजेपी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार इस दिशा में एक कार्य योजना तैयार कर रही है। पाकिस्तान जाने वाले पानी को डायवर्ट करने के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा चुकी है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि सिंधु जल संधि के तहत मजबूरी में छोड़े जाने वाले पानी (जैसे न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह या अन्य तकनीकी बाध्यताओं) पर क्या रुख अपनाया जाएगा।
यमुना जल परियोजना पर तेजी से काम होगा
मंत्री ने यमुना जल परियोजना पर भी महत्वपूर्ण अपडेट दिए। उन्होंने कहा कि यमुना के पानी पर राजस्थान का अधिकार पहले से था, लेकिन पिछली सरकारों ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए। अब हरियाणा और राजस्थान सरकारों के बीच DPR तैयार करने पर सहमति बन चुकी है और जल्द ही इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा।
इस परियोजना की अनुमानित लागत 77 हजार करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपये तक हो सकती है। पाइपलाइन के माध्यम से पानी लाने की इस योजना से राजस्थान को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। वर्तमान में राजस्थान के पास सबसे कम पानी उपलब्ध है, लेकिन आने वाले समय में स्थिति उलट जाएगी और यहां सबसे अधिक पानी पहुंचेगा। मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से लगातार संवाद कर रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम जल्द सामने आएंगे।
शेखावाटी क्षेत्र को भी यमुना का पानी मिलेगा
पाटिल ने विशेष रूप से राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के तीन जिलों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र को यमुना का पानी उपलब्ध कराने पर सहमति दे दी है। अब DPR बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सरप्लस पानी का हिस्सा राजस्थान को मिले, इसके लिए तकनीकी स्तर पर काम चल रहा है। संशोधित योजना की DPR मंत्रालय को मिल चुकी है और उसका परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
ईआरसीपी और पानी के उपयोग का उद्देश्य
ईआरसीपी (Eastern Rajasthan Canal Project) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यह फैसला केंद्रीय कैबिनेट स्तर पर लिया जाता है। उनका मुख्य उद्देश्य यह है कि खेती और पेयजल के लिए जनता को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो, चाहे निवेश किसी भी सरकार द्वारा किया जाए।
अर्थव्यवस्था पर भी बोले मंत्री
बयान के दौरान पाटिल ने देश की आर्थिक स्थिति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर गति से आगे बढ़ी है और सरकार ने महंगाई को प्रभावी ढंग से नियंत्रित रखा है। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री होने के बावजूद उनके कार्यकाल में भारत की वैश्विक रैंकिंग 10-11वें स्थान से आगे नहीं बढ़ सकी, जबकि आज भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। कर सुधारों का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।