इटली से राजस्थान तक: मार्को और जूई की वैदिक शादी में संस्कृतियों का अनोखा संगम – फूलों की होली ने मोह लिया विदेशी मेहमानों का दिल
राजस्थान के मंडावा में इटली के मार्को और मुंबई की जूई अंबानी का वैदिक रीति से भव्य विवाह संपन्न हुआ। 13 देशों के 200 मेहमानों ने संस्कृत मंत्रों (अंग्रेजी अनुवाद सहित) के साथ सात फेरों में हिस्सा लिया। पारंपरिक रिसेप्शन की जगह फूलों की होली खेली गई, जिसमें राधा-कृष्ण नृत्य भी शामिल थे। तीन दिनों तक चली रस्मों में बहन ऊर्जा ने धार्मिक अनुष्ठान निभाया, जो लैंगिक समानता का संदेश देता है। इंडो-इटैलियन फ्यूजन भोजन और सांस्कृतिक मेल ने इसे यादगार बनाया।
राजस्थान की ऐतिहासिक और रंग-बिरंगी धरती मंडावा इन दिनों एक अंतरराष्ट्रीय प्रेम कहानी की गवाह बनी। झुंझुनूं जिले के प्रसिद्ध हेरिटेज होटल में 8 फरवरी 2026 को इटली के नागरिक मार्को और मुंबई की जूई अंबानी का विवाह वैदिक रीति-रिवाजों से संपन्न हुआ। यह शादी न केवल दो व्यक्तियों का मिलन थी, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति और यूरोपीय सहभागिता का एक सुंदर उदाहरण भी बनी।
शादी का भव्य आयोजन और वैदिक परंपराएं
शादी के मुख्य समारोह 8 फरवरी को हुए, जहां दोपहर करीब 3 बजे तक अग्नि के सात फेरे पूरे किए गए। विवाह में 9 ब्राह्मणों ने संस्कृत मंत्रों के उच्चारण के साथ रस्में निभाईं। सबसे खास बात यह रही कि हर संस्कृत मंत्र का अंग्रेजी अनुवाद भी मेहमानों के लिए उपलब्ध कराया गया, ताकि विदेशी अतिथि भी इन मंत्रों के गहन अर्थ को समझ सकें।
इस अवसर पर इटली सहित 13 देशों से लगभग 200 मेहमान शामिल हुए। भारतीय परंपराओं में विदेशी मेहमानों की भागीदारी ने पूरे आयोजन को और भी यादगार बना दिया। मेहमानों ने न केवल फेरों को देखा, बल्कि अग्नि के चारों ओर घूमते हुए भारतीय संस्कृति की गहराई को महसूस किया।
पारंपरिक रिसेप्शन की जगह फूलों की होली
शादी के बाद कोई पारंपरिक रिसेप्शन नहीं रखा गया। इसके बजाय रात में ब्रज परंपरा के अनुसार फूलों की होली खेली गई। गुलाल या रंगों की जगह ताजे फूलों की पंखुड़ियों से होली मनाई गई, जिसमें राधा-कृष्ण के जीवन से जुड़े भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किए गए। विदेशी मेहमानों को पहले इस परंपरा के सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी गई, ताकि वे इसे केवल मनोरंजन न समझें, बल्कि प्रेम, भक्ति और भारतीय संस्कृति के प्रतीक के रूप में ग्रहण करें।
इसके बाद सभी मेहमानों ने उत्साह से फूलों की होली में हिस्सा लिया। रंग-बिरंगे फूलों की वर्षा और नृत्यों ने माहौल को रोमांटिक और आध्यात्मिक बना दिया। यह रस्म भारतीय परंपराओं को वैश्विक मंच पर जीवंत करने का एक शानदार उदाहरण बनी।
दुल्हन-दूल्हे की पृष्ठभूमि और मुलाकात
दुल्हन जूई अंबानी मुंबई निवासी हैं और भावना एवं जतिन अंबानी की बेटी हैं। वे रोम में कंजर्वेशन आर्किटेक्ट (संरक्षण वास्तुकार) के रूप में ICCR-OM के साथ कार्यरत हैं। दूल्हा मार्को इटली का नागरिक है, जिसके पिता का नाम मास्सिमो और माता का नाम फुलविया है। दोनों की मुलाकात कला और वास्तुकला से जुड़े प्रोजेक्ट के दौरान हुई थी। इसी साझा रुचि और जुड़ाव के कारण विवाह के लिए राजस्थान के मंडावा को चुना गया, जो अपनी हवेलियों और हेरिटेज के लिए प्रसिद्ध है।
प्रगतिशील संदेश: बहन ने निभाई धार्मिक रस्म
अंबानी परिवार ने इस विवाह के माध्यम से समाज को एक मजबूत प्रगतिशील संदेश दिया। विवाह में 'जव ताल होम अर्पण' जैसी रस्म, जो सामान्यतः भाई द्वारा निभाई जाती है, यहां दुल्हन की बहन ऊर्जा अंबानी ने पूरी जिम्मेदारी से निभाई। इस कदम से परिवार ने स्पष्ट किया कि बेटा और बेटी में कोई भेदभाव नहीं है, और धार्मिक अनुष्ठानों में दोनों का अधिकार समान है।
तीन दिनों तक चली रस्में
विवाह केवल एक दिन का आयोजन नहीं था, बल्कि तीन दिनों तक चला भव्य संस्कार समारोह था:6 फरवरी: सगाई और हल्दी-हाथ बान की रस्में। परिवार के करीबी सदस्यों और मेहमानों ने दोनों परिवारों को औपचारिक रूप से जोड़ा।7 फरवरी: महिला संगीत की रस्म। परिवार की महिलाओं और मेहमानों ने पारंपरिक गीत गाए और लोक संगीत पर प्रस्तुतियां दीं। विदेशी मेहमानों ने भी इस रस्म को करीब से देखा और समझा।8 फरवरी: मुख्य विवाह समारोह – बारात का आगमन, फेरे, फूलों की होली और अन्य रस्में।
खाने में भारत-इटली का स्वादिष्ट फ्यूजन
होटल मालिक अरविंद पारीक और मधुसूदन खेमानी के अनुसार, लगभग 200 मेहमानों के लिए इंडो-इटैलियन फ्यूजन भोजन की व्यवस्था की गई। राजस्थानी और भारतीय व्यंजनों के साथ-साथ यूरोपीय डिशेज भी परोसी गईं, ताकि सभी मेहमान अपने स्वाद के अनुसार आनंद ले सकें।