देहरादून में विकास की नई उड़ान: पीएम मोदी ने बताया प्रगति, प्रकृति और संस्कृति’ का शानदार संगम
देहरादून में आयोजित उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के विकास पर विस्तृत संबोधन दिया। उन्होंने उत्तराखंड को “प्रगति, प्रकृति और संस्कृति की त्रिवेणी” बताते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों में राज्य ने तेजी से विकास किया है। पीएम मोदी ने बताया कि राज्य का बजट कई गुना बढ़ा है, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है और शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा विस्तार हुआ है। उन्होंने ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना और दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं को विकास की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन और धार्मिक आस्था राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं, जबकि “वोकल फॉर लोकल” और GI टैग से स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिल रही है। पीएम मोदी ने युवाओं को 2047 के विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया और कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड विकास और प्रकृति के संतुलन का आदर्श राज्य बनेगा।
देहरादून में आयोजित उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के विकास, भविष्य की दिशा और उपलब्धियों को लेकर एक विस्तृत संबोधन दिया। अपने भाषण में उन्होंने उत्तराखंड को “प्रगति, प्रकृति और संस्कृति की त्रिवेणी” बताते हुए कहा कि आने वाले 25 साल राज्य के लिए बेहद निर्णायक और ऐतिहासिक होंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान है, जो अब तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
उत्तराखंड की 25 साल की विकास यात्रा — एक बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब 2000 में उत्तराखंड का गठन हुआ था, तब राज्य कई चुनौतियों से जूझ रहा था। सीमित संसाधन, कमजोर कनेक्टिविटी और आर्थिक बाधाएं बड़ी समस्याएं थीं।
लेकिन पिछले 25 सालों में राज्य ने अभूतपूर्व प्रगति की है:
- राज्य का बजट लगभग ₹4,000 करोड़ से बढ़कर ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो गया है
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है
- बिजली उत्पादन क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है
- शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई संस्थाओं की स्थापना हुई है
- डिजिटल सेवाओं और प्रशासन में सुधार हुआ है
पीएम मोदी ने इसे “उत्तराखंड के बदलाव की असली कहानी” बताया।
कनेक्टिविटी क्रांति — विकास की सबसे बड़ी आधारशिला
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के विकास के लिए मजबूत कनेक्टिविटी सबसे जरूरी है। उत्तराखंड में इस दिशा में ऐतिहासिक काम हुआ है।
प्रमुख परियोजनाएं:
- ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेजी से निर्माणाधीन है
- दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे लगभग पूरा होने की स्थिति में है
- पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण और नए मार्ग बनाए जा रहे हैं
- चारधाम यात्रा को आसान बनाने के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है
इससे न सिर्फ पर्यटन बढ़ेगा बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
पर्यटन और आस्था — उत्तराखंड की असली ताकत
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि उत्तराखंड केवल एक पर्यटन राज्य नहीं है, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक धरोहर है।
महत्वपूर्ण बातें:
- केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है
- बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री में सुविधाएं बेहतर हुई हैं
- आदि कैलाश यात्रा को वैश्विक पहचान मिल रही है
- हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना से यात्रा और आसान होगी
उन्होंने कहा कि “Year-round Tourism” यानी पूरे साल पर्यटन को बढ़ावा देना राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।
अर्थव्यवस्था में बड़ा उछाल
प्रधानमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और यह राज्य अब निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।
- औद्योगिक निवेश में लगातार वृद्धि हो रही है
- MSME और स्टार्टअप सेक्टर को बढ़ावा मिल रहा है
- पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई योजनाओं से सहारा मिल रहा है
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड “ग्रीन इकॉनॉमी मॉडल” का उदाहरण बन सकता है।
“वोकल फॉर लोकल” और GI टैग से पहचान
पीएम मोदी ने स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक चीजों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
उपलब्धियां:
- उत्तराखंड के 15 से अधिक उत्पादों को GI टैग मिला
- बासमती चावल, बद्री गाय का घी, और पहाड़ी उत्पादों की मांग बढ़ी
- “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है
- स्थानीय हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों को नया बाजार मिल रहा है
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
शिक्षा और युवाओं के लिए नए अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं को राज्य का भविष्य बताया।
- नए मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित हुए हैं
- स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स को बढ़ावा दिया जा रहा है
- डिजिटल शिक्षा और ऑनलाइन लर्निंग का विस्तार हुआ है
- स्टार्टअप्स को सरकारी सहायता मिल रही है
उन्होंने युवाओं से 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने की अपील की।
पर्यावरण और विकास का संतुलन
पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत उसका प्राकृतिक सौंदर्य है, और इसे बचाना बहुत जरूरी है।
- हरित ऊर्जा (Green Energy) पर जोर
- पर्यावरण संरक्षण के लिए कई योजनाएं
- आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत किया गया
- इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है
उन्होंने कहा कि विकास और प्रकृति साथ-साथ चलनी चाहिए। 2047 का विजन — विकसित उत्तराखंड
2047 का विजन — विकसित उत्तराखंड
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भारत 2047 में विकसित राष्ट्र बनेगा, तब उत्तराखंड को भी एक मॉडल राज्य बनना चाहिए।
उन्होंने कहा:
- हर गांव तक सड़क और इंटरनेट पहुंचे
- हर युवा को रोजगार मिले
- पर्यटन और उद्योग दोनों संतुलित रूप से बढ़ें
- राज्य आत्मनिर्भर बने
पीएम मोदी का यह भाषण केवल एक संबोधन नहीं था, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य का रोडमैप था। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य अब तेजी से विकास, पर्यटन, संस्कृति और तकनीक के संगम से एक नई पहचान बना रहा है।
आने वाले वर्षों में उत्तराखंड “डेस्टिनेशन ऑफ डिवाइन एंड डेवेलपमेंट” बन सकता है।