चित्तौड़गढ़ में हफ्ता वसूली करने वाले बदमाशों का पुलिस ने निकाला जुलूस, ठेले वाले से माफी मांगते दिखे आरोपी
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पानीपूरी ठेला लगाने वाले युवक से हफ्ता वसूली की कोशिश करने और तोड़फोड़ करने वाले चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों का उसी जगह जुलूस निकाला जहां उन्होंने गुंडागर्दी की थी, और उन्हें हाथ जोड़कर "गलती हो गई, माफ करो" कहलवाया। यह कार्रवाई छोटे व्यापारियों में डर खत्म करने और पुलिस की सक्रियता का संदेश देने के लिए की गई। लोगों ने पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाए।
चित्तौड़गढ़ (राजस्थान)। शहर के सदर थाना क्षेत्र में ठेला लगाने वाले एक युवक से हफ्ता वसूली की कोशिश करने और तोड़फोड़ करने वाले चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने एक अनोखी कार्रवाई करते हुए आरोपियों का उसी जगह जुलूस निकाला, जहां उन्होंने दो दिन पहले दहशत फैलाई थी। जुलूस के दौरान आरोपी हाथ जोड़कर बार-बार "गलती हो गई, माफ करो" कहते नजर आए। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें स्थानीय लोग पुलिस के समर्थन में "पुलिस जिंदाबाद" के नारे लगा रहे हैं।
घटना की शुरुआत: 6 जनवरी की रात को हुई तोड़फोड़
मामला 6 जनवरी 2026 की रात का है। पीड़ित शंकर लाल पुत्र नाथूलाल डांगी रोजाना की तरह राजीव गांधी पार्क के बाहर अपना पानीपूरी और वड़ा पाव का ठेला लगाते थे। उसी दौरान चार बदमाश वहां पहुंचे और उनसे रोजाना का "हफ्ता" (वसूली) मांगा। जब शंकर लाल ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो बदमाश आग-बबूला हो गए। उन्होंने ठेले में जमकर तोड़फोड़ की, सारा सामान सड़क पर फेंक दिया और शंकर लाल के साथ मारपीट भी की। इससे ठेला संचालक को काफी नुकसान हुआ। बदमाश घटनास्थल से फरार हो गए।इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें बदमाशों की गुंडागर्दी साफ दिख रही थी। शंकर लाल ने अगले दिन सदर थाने में जाकर मारपीट, तोड़फोड़ और हफ्ता वसूली की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: CCTV से पहचान कर गिरफ्तार किए आरोपी
रिपोर्ट मिलते ही सदर थाना पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की। गुरुवार (8 जनवरी 2026) को पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी हैं:दीपेश पुत्र किशनलाल गमेती,घनश्याम पुत्र कैलाश गिरी,दीपक जायसवाल,उदयलाल पुत्र नारायण गुर्जर।पुलिस जांच में पता चला कि ये आरोपी पहले भी शराब पीकर इलाके में उत्पात मचाते थे और ठेला लगाने वालों से पैसे वसूलते थे। कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
जुलूस निकालकर दिया संदेश: डर निकालने के लिए खास कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक प्रतीकात्मक लेकिन सख्त कार्रवाई की। DSP शहर बृजेश सिंह के नेतृत्व में सदर थानाधिकारी निरंजन प्रताप सिंह, अनुसंधान अधिकारी ASI मुरलीदास और थाने के पूरे जाब्ते ने आरोपियों को राजीव गांधी पार्क के बाहर उसी जगह ले जाकर जुलूस निकाला। आरोपियों को हाथ जोड़कर चलने को कहा गया और वे बार-बार "गलती हो गई, माफ करो" कहते रहे।DSP बृजेश सिंह ने बताया कि यह जुलूस विशेष रूप से इसलिए निकाला गया ताकि आम लोगों, ठेला संचालकों और छोटे व्यापारियों के मन से बदमाशों का डर पूरी तरह निकल जाए। उन्होंने कहा, "अगर कोई भी व्यक्ति किसी व्यापारी, ठेले वाले या आम नागरिक के साथ गलत व्यवहार करता है, तो उसे बिना डरे पुलिस को सूचना देनी चाहिए। पुलिस हर हाल में पीड़ित के साथ खड़ी रहेगी।"जुलूस के दौरान मौके पर मौजूद ठेला संचालकों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की तारीफ की और "पुलिस जिंदाबाद" के नारे लगाए। इस घटना से इलाके में पुलिस की सक्रियता का संदेश गया और लोगों में विश्वास बढ़ा।
पुलिस की अपील: डरें नहीं, शिकायत करें
DSP ने आगे कहा कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से गुंडागर्दी पर अंकुश लगेगा। यह घटना राजस्थान पुलिस की उस नीति का हिस्सा लगती है, जहां छोटे अपराधियों को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करके समाज में संदेश दिया जाता है।