"मंत्री ने जानबूझकर कोई आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की होगी", गौतम दक विवाद पर बोले मदन राठौड़
राजस्थान के सहकारिता मंत्री गौतम दक के कथित वायरल ऑडियो विवाद पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रतिक्रिया दी है।
राजस्थान की राजनीति में चर्चाओं का विषय बने सहकारिता मंत्री गौतम दक के कथित वायरल ऑडियो मामले पर अब बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की प्रतिक्रिया सामने आई है। मंत्री पर पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने और उन्हें धमकाने के आरोप लगने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। इसी बीच मदन राठौड़ ने कहा कि उन्होंने इस मामले में स्वयं मंत्री गौतम दक से फोन पर बातचीत की है और उनका पक्ष भी जाना है।
मदन राठौड़ के अनुसार, गौतम दक ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि वायरल किए जा रहे बयान को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि मंत्री ने दावा किया है कि उन्होंने वैसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया, जैसा आरोप लगाया जा रहा है।
'मंत्री का व्यवहार हमेशा गरिमापूर्ण रहा'
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि गौतम दक लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं और उनका व्यक्तित्व हमेशा संतुलित एवं मर्यादित रहा है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर उन्हें कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि मंत्री जानबूझकर किसी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर सकते हैं।
राठौड़ ने बताया कि उन्होंने गौतम दक को विस्तार से चर्चा के लिए बुलाया है और पूरे मामले को समझने के बाद ही अंतिम राय बनाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी विवादित मामले में सभी पक्षों को सुनना जरूरी होता है।
जरूरत पड़ी तो माफी मांगने को तैयार
मदन राठौड़ ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं या किसी को मंत्री के कथित बयान से ठेस पहुंची है, तो गौतम दक माफी मांगने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने इसे मंत्री की सकारात्मक सोच और जिम्मेदार रवैये का परिचायक बताया।
क्या है पूरा विवाद?
सहकारिता मंत्री गौतम दक पर आरोप है कि उन्होंने एक पुलिस थाने में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया। सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक रूप से तूल पकड़ गया।
आरोप यह भी लगाया गया कि मंत्री ने थानाधिकारी को अपमानित करने के साथ-साथ डराने-धमकाने की कोशिश की। इस मामले में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है।
हालांकि गौतम दक पहले ही इस ऑडियो को फर्जी बता चुके हैं और अपनी आवाज होने से इनकार कर चुके हैं।
कांग्रेस ने साधा निशाना
इस विवाद को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार और संगठन दोनों को घेरने की कोशिश की है। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से सवाल करते हुए कहा था कि मंत्री के कथित ऑडियो वायरल हो रहे हैं, लेकिन बीजेपी इस पर चुप क्यों है।
खाचरियावास ने आरोप लगाया कि यदि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इसे महिला सम्मान और राजनीतिक मर्यादा से भी जोड़कर सवाल उठाए।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
गौतम दक ऑडियो विवाद को लेकर प्रदेश की राजनीति में बहस जारी है। जहां विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं बीजेपी नेतृत्व फिलहाल मंत्री का पक्ष सुनने और पूरे मामले की वास्तविकता जानने की बात कह रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के आधार पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।