बांसवाड़ा में भाजपा नेता अर्जुन सिंह मईड़ा का सुसाइड, मौत के कारणों की जांच में जुटी पुलिस
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में भाजपा जिला मंत्री अर्जुन सिंह मईड़ा ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव घर के पास आम के पेड़ पर लटका मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से भाजपा से जुड़े एक नेता की आत्महत्या की खबर सामने आई है। जिले के छोटी सरवन क्षेत्र में भाजपा जिला मंत्री अर्जुन सिंह मईड़ा ने शनिवार रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और राजनीतिक व सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार छोटी सरवन क्षेत्र की ग्राम पंचायत छायन बड़ी के जुनाखेड़ा निवासी अर्जुन सिंह मईड़ा (47) का शव रविवार सुबह घर के पास एक आम के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। परिजनों और ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद दानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
दानपुर थाना के एएसआई रमेश चंद ने बताया कि अर्जुन सिंह मईड़ा ने शनिवार रात को यह कदम उठाया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में घरेलू विवाद जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के बेटे अभिमन्यु की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस परिजनों और करीबियों से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि आखिर भाजपा नेता ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।
अर्जुन सिंह मईड़ा क्षेत्र में भाजपा के सक्रिय और लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते थे। उनका राजनीतिक और सामाजिक जीवन लंबे समय तक संगठन और समाज सेवा से जुड़ा रहा। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते थे।
उन्होंने भाजपा संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे छोटी सरवन मंडल अध्यक्ष भी रह चुके थे। इसके अलावा पंचायत राजनीति में भी सक्रिय रहते हुए छोटी सरवन पंचायत समिति के सदस्य रहे। वर्तमान में वे भाजपा जिला मंत्री के पद पर कार्यरत थे।
अर्जुन सिंह मईड़ा की आत्महत्या की खबर सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है। कई नेताओं और समर्थकों ने उनके निधन पर दुख जताया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।