हिमालय में खुला आस्था का दरवाज़ा… कपाट खुलते ही उमड़ा सैलाब, लेकिन 18 लाख रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा बना सबसे बड़ा सस्पेंस!

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत होते ही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल गए, जिससे पूरा हिमालयी क्षेत्र आस्था के सैलाब में डूब गया। लेकिन इस बार सिर्फ श्रद्धा ही नहीं, कुछ ऐसे संकेत भी सामने आए जिन्होंने लोगों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। कपाट खुलते ही पहली पूजा पीएम के नाम होना और लाखों श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन, इस यात्रा को और भी खास बना देता है। जहां एक ओर भक्त दर्शन के लिए उमड़ पड़े, वहीं केदारनाथ की डोली की अगली यात्रा और आने वाले दिनों के कपाट खुलने की तैयारियां भी धीरे-धीरे एक बड़े आध्यात्मिक आयोजन की ओर इशारा कर रही हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या इस बार चारधाम यात्रा कुछ नए रिकॉर्ड के साथ इतिहास बदलने जा रही है?

Apr 19, 2026 - 16:47
हिमालय में खुला आस्था का दरवाज़ा… कपाट खुलते ही उमड़ा सैलाब, लेकिन 18 लाख रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा बना सबसे बड़ा सस्पेंस!

चारधाम यात्रा 2026 शुरू: गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट खुले, पहली पूजा पीएम के नाम—18 लाख श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन, उत्तराखंड में उमड़ा आस्था का सैलाब

उत्तराखंड में आस्था, श्रद्धा और अध्यात्म का सबसे बड़ा पर्व मानी जाने वाली चारधाम यात्रा 2026 की आज विधिवत शुरुआत हो गई है। आज गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके साथ ही पूरे देवभूमि क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। जैसे ही कपाट खुले, “हर हर गंगे” और “जय मां यमुना” के जयकारों से पूरी घाटियां गूंज उठीं और श्रद्धालुओं का जनसैलाब दोनों धामों की ओर उमड़ पड़ा।

गंगोत्री धाम के कपाट आज दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद खोले गए, जबकि यमुनोत्री धाम के कपाट 12 बजकर 35 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले गए। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और घंटियों की आवाज़ तथा मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

गंगोत्री धाम में कपाट खुलने के बाद सबसे पहले विशेष पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गई, जिसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। इस पूजा के सम्पन्न होते ही आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए गए और मां गंगा के दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। भक्तों के चेहरों पर लंबे इंतजार के बाद दर्शन मिलने की खुशी साफ झलक रही थी।

इधर यमुनोत्री धाम में भी कपाट खुलते ही आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। खरसाली से निकली मां यमुना की डोली करीब 6 किलोमीटर की कठिन यात्रा तय कर मंदिर परिसर तक पहुंची। जैसे ही डोली मंदिर पहुंची, श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा और जयकारों के साथ उसका भव्य स्वागत किया। दर्शन के लिए घंटों से इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं की भीड़ धीरे-धीरे मंदिर की ओर बढ़ती नजर आई।

केदारनाथ धाम की तैयारी भी अंतिम चरण में

चारधाम यात्रा के अगले चरण में अब केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे। इससे पहले बाबा केदार की पंचमुखी डोली ओंकारेश्वर मंदिर से फाटा के लिए रवाना हो चुकी है। डोली 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी, जहां भव्य धार्मिक अनुष्ठानों के बीच कपाट खोलने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा यात्रा मार्ग पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालुओं का रजिस्ट्रेशन

इस बार चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। रविवार दोपहर तक ही 18 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। यह आंकड़ा इस पवित्र यात्रा के प्रति लोगों की गहरी आस्था और बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और तेजी से बढ़ सकती है।

प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। यात्रा मार्ग पर पुलिस बल, मेडिकल टीम और आपदा प्रबंधन इकाइयों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

कपाट खुलने के साथ ही पूरा उत्तराखंड एक बार फिर आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के महासागर में बदल गया है। हिमालय की वादियों में गूंजते मंत्रोच्चार, मंदिरों की घंटियां और भक्तों की भीड़ इस पवित्र यात्रा को और भी दिव्य और भव्य बना रही है।