बीकानेर में नागणेचीजी मंदिर के पास बनेगा नया ओवरब्रिज: रानी बाजार इंडस्ट्रियल एरिया को मिलेगा बेहतर कनेक्टिविटी

बीकानेर के रानी बाजार इंडस्ट्रियल एरिया को नागणेचीजी मंदिर से जोड़ने के लिए 622 मीटर लंबा ओवरब्रिज बनेगा, पीडब्ल्यूडी को 40 करोड़ मिले, कुल लागत 52 करोड़

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
November 10, 2025 • 3:13 PM  11
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राजस्थान
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बीकानेर में नागणेचीजी मंदिर के पास बनेगा नया ओवरब्रिज: रानी बाजार इंडस्ट्रियल एरिया को मिलेगा बेहतर कनेक्टिविटी
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बीकानेर में नागणेचीजी मंदिर के पास बनेगा नया ओवरब्रिज: रानी बाजार इंडस्ट्रियल एरिया को मिलेगा बेहतर कनेक्टिविटी

शहर के रानी बाजार स्थित इंडस्ट्रियल एरिया को नागणेचीजी मंदिर से जोड़ने वाले लंबे समय से चली आ रही मांग अब धीरे-धीरे साकार होती नजर आ रही है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को इस महत्वाकांक्षी ओवरब्रिज प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार से 40 करोड़ रुपये की प्रारंभिक मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार कुल अनुमानित लागत 52 करोड़ रुपये है, जिसके कारण बाकी फंडिंग पर अभी स्पष्टता का इंतजार है। यदि फंडिंग में देरी हुई, तो निर्माण सामग्री और श्रम लागत में संभावित वृद्धि के चलते प्रोजेक्ट की कुल लागत और बढ़ सकती है। यह ओवरब्रिज न केवल स्थानीय उद्योगों को राहत देगा, बल्कि शहर के ट्रैफिक जाम की समस्या को भी काफी हद तक कम करने में सहायक सिद्ध होगा।

प्रोजेक्ट की प्रमुख विशेषताएं और महत्व;  बीकानेर जैसे ऐतिहासिक शहर में बढ़ते वाहनों की संख्या और इंडस्ट्रियल एरिया की व्यस्तता के कारण रानी बाजार से नागणेचीजी मंदिर तक का मार्ग अक्सर जाम से ग्रस्त रहता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए प्रस्तावित ओवरब्रिज कुल 622 मीटर लंबा होगा। यह संरचना मुख्य सड़क को क्रॉस करते हुए इंडस्ट्रियल एरिया को सीधे मंदिर क्षेत्र से जोड़ेगी, जिससे भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक के लिए वैकल्पिक रूट उपलब्ध हो सकेगा। डीपीआर के मुताबिक, ओवरब्रिज का डिजाइन आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों पर आधारित होगा, जिसमें मजबूत फाउंडेशन, सुरक्षित लेन-दर-लेन व्यवस्था और पैदल यात्रियों के लिए अलग साइडवॉक शामिल हैं। प्रोजेक्ट की शुरुआत में ही पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (ईआईए) और स्थानीय निवासियों की राय ली गई है, ताकि निर्माण के दौरान किसी प्रकार का असुविधा न हो। एक बार पूरा होने पर यह ओवरब्रिज बीकानेर के दक्षिणी हिस्से में यातायात प्रवाह को सुगम बनाएगा, खासकर उन सैकड़ों वाहनों के लिए जो रोजाना इंडस्ट्रियल एरिया में आ-जा रहे हैं।

फंडिंग और निर्माण समयसीमा पर अनिश्चितता;  राज्य सरकार द्वारा जारी 40 करोड़ रुपये की धनराशि प्रोजेक्ट की शुरुआती चरणों—जैसे भूमि अधिग्रहण, डिजाइन फाइनलाइजेशन और प्रारंभिक निर्माण कार्य—के लिए पर्याप्त मानी जा रही है। लेकिन कुल 52 करोड़ की लागत को पूरा करने के लिए शेष 12 करोड़ रुपये की आवंटन का इंतजार है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार, यदि वर्ष 2025-26 के बजट में यह फंडिंग सुनिश्चित हो जाती है, तो निर्माण कार्य अगले कुछ महीनों में शुरू हो सकता है। हालांकि, महंगाई दर और निर्माण सामग्री (जैसे स्टील, सीमेंट) की बढ़ती कीमतों को देखते हुए, देरी से लागत में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि संभव है। पिछले वर्षों में बीकानेर में कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, जैसे रेलवे स्टेशन अपग्रेडेशन और सड़क चौड़ीकरण, फंडिंग देरी के कारण प्रभावित हुए हैं। इस बार स्थानीय विधायक और उद्योग प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय से विशेष अपील की है, जिसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं। विभागीय स्रोतों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया दिसंबर 2025 तक पूरी हो जाएगी, और निर्माण कम से कम 18-24 महीनों में समाप्त होने की उम्मीद है।

स्थानीय निवासियों और उद्योगों की प्रतिक्रिया; रानी बाजार इंडस्ट्रियल एरिया में कार्यरत सैकड़ों छोटे-बड़े उद्योगों के मालिकों ने इस प्रोजेक्ट का स्वागत किया है। एक स्थानीय उद्योगपति ने बताया, "वर्तमान में मंदिर क्षेत्र के पास लेवल क्रॉसिंग के कारण हमारी डिलीवरी में घंटों की देरी हो जाती है। यह ओवरब्रिज न केवल समय बचाएगा, बल्कि दुर्घटनाओं को भी रोकेगा।" वहीं, नागणेचीजी मंदिर के आसपास रहने वाले निवासियों का कहना है कि इससे धार्मिक आयोजनों के दौरान भी ट्रैफिक प्रबंधन आसान हो जाएगा। हालांकि, कुछ स्थानीय संगठनों ने निर्माण के दौरान धूल प्रदूषण और शोर की समस्या पर चिंता जताई है, जिसके लिए पीडब्ल्यूडी ने ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्रोटोकॉल अपनाने का आश्वासन दिया है। मंदिर ट्रस्ट ने भी प्रोजेक्ट का समर्थन किया है, बशर्ते धार्मिक स्थल की पवित्रता बनी रहे।

भविष्य की संभावनाएं;  यह ओवरब्रिज बीकानेर को एक आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में, यदि प्रोजेक्ट सफल रहा, तो आसपास के अन्य क्षेत्रों जैसे कोटगेट और लूणकरणसर रोड पर भी इसी तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जा सकते हैं। राज्य सरकार की 'स्मार्ट सिटी' पहल के तहत बीकानेर को 100 करोड़ रुपये से अधिक का इंफ्रास्ट्रक्चर बजट मिल चुका है, जिसमें यह प्रोजेक्ट प्रमुख स्थान रखता है।

 

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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