"भाटी vs रावणा विवाद" गरमाया सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ शिव पहुंचे छोटू सिंह, FIR से पहले दिखी ताकत या समर्थन की हुंकार?

बाड़मेर में छोटू सिंह रावणा और विधायक रविंद्र सिंह भाटी के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। FIR दर्ज कराने से पहले छोटू सिंह सैकड़ों गाड़ियों और समर्थकों के साथ शिव पहुंचे, जिससे क्षेत्र में हलचल मच गई। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ गई—कुछ लोग इसे न्याय की लड़ाई बता रहे हैं तो कुछ इसे शक्ति प्रदर्शन मान रहे हैं। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है।

Apr 1, 2026 - 16:05
Apr 1, 2026 - 16:07
"भाटी vs रावणा विवाद" गरमाया सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ शिव पहुंचे छोटू सिंह, FIR से पहले दिखी ताकत या समर्थन की हुंकार?

बाड़मेर 1 अप्रैल 2026 (राजस्थान):-

पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में इन दिनों एक सामाजिक और राजनीतिक विवाद तेजी से तूल पकड़ता नजर आ रहा है। चर्चित भजन गायक छोटू सिंह रावणा और शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी के बीच शुरू हुआ विवाद अब खुलकर सामने आ चुका है। बुधवार को यह मामला तब और गर्मा गया, जब छोटू सिंह रावणा सैकड़ों समर्थकों और लग्जरी वाहनों के लंबे काफिले के साथ शिव पहुंचे।

सड़क पर दिखा ‘काफिला’, लोगों ने उठाए सवाल

बाड़मेर शहर से शिव की ओर बढ़ते इस काफिले में बड़ी संख्या में SUV गाड़ियां और बाइक सवार समर्थक शामिल थे। सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार ने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस दौरान कई जगह लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए, जो तेजी से वायरल हो गए।

वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि यह सिर्फ FIR दर्ज कराने का मामला है या फिर शक्ति प्रदर्शन का संकेत।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

कुछ लोग इसे “न्याय की लड़ाई” बता रहे हैं

वहीं कई यूजर्स इसे विधायक के खिलाफ खुला शक्ति प्रदर्शन मान रहे हैं

इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।

FIR से पहले समाज की बैठक

शिव पहुंचने के बाद छोटू सिंह रावणा सीधे पुलिस थाने नहीं गए। उन्होंने पहले से आयोजित रावणा राजपूत समाज की सभा में हिस्सा लिया।

सभा में बड़ी संख्या में समाज के लोग, युवा और समर्थक मौजूद रहे। मंच से कई वक्ताओं ने विधायक के कथित व्यवहार की आलोचना की और छोटू सिंह को समर्थन देने की बात कही।

इस दौरान समाज की एकजुटता भी साफ तौर पर देखने को मिली।

राजनीति नहीं, सुरक्षा की मांग”

सभा और इससे पहले पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के दौरान छोटू सिंह रावणा ने साफ किया कि उनका उद्देश्य राजनीति करना नहीं है।

उन्होंने कहा कि वे एक कलाकार हैं और उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता है। उनके अनुसार, उन्हें धमकी मिली है और इसी कारण वे कानून का सहारा लेने आए हैं।

उन्होंने यह भी आशंका जताई कि प्रभाव के कारण उनकी शिकायत दर्ज करने में बाधा आ सकती है, इसलिए वे समर्थकों के साथ पहुंचे।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

पूरा मामला सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी से शुरू हुआ बताया जा रहा है।

छोटू सिंह रावणा का आरोप है कि विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने फोन पर उन्हें धमकाया

वहीं विधायक भाटी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोग दूसरों का इस्तेमाल कर रहे हैं और लोगों को बहकावे में नहीं आना चाहिए

दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया है।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

घटनाक्रम को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शिव क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

चूंकि दोनों पक्षों की क्षेत्र में मजबूत पकड़ और समर्थक आधार है, ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

भाटी और रावणा के बीच का यह विवाद अब सिर्फ व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रंग भी लेता जा रहा है। आने वाले दिनों में FIR दर्ज होने और जांच की दिशा इस पूरे मामले को नया मोड़ दे सकती है।

फिलहाल, सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई और दोनों पक्षों के अगले कदम पर टिकी हुई है।