आरटीओ टीम को देख ट्रक चालक ने लगाए अचानक ब्रेक, पीछे से घुसी स्कूटी; 12वीं के छात्र की मौत, गुस्साए लोगों ने लगाया जाम
जोधपुर के झालामंड इलाके में आरटीओ उड़नदस्ता टीम को देखकर ट्रक चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाने से पीछे चल रही स्कूटी ट्रक में घुस गई। हादसे में 12वीं के छात्र दिव्यांशु प्रजापत की मौके पर मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने रिंग रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर रास्ता खुलवाना पड़ा। परिजनों ने मुआवजा, नौकरी और आरटीओ कर्मचारियों के निलंबन की मांग की है।
जोधपुर के झालामंड इलाके में गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 12वीं कक्षा के छात्र की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा मोती मार्केट के पास रिंग रोड पर उस समय हुआ, जब परिवहन विभाग की उड़नदस्ता टीम को देखकर ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे चल रही स्कूटी सीधे ट्रक में जा घुसी। हादसे में स्कूटी सवार युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समाज के लोग मौके पर पहुंच गए तथा सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और देर रात तक समझाइश का दौर चलता रहा।
जिम से घर लौट रहा था छात्र
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान हनुमान नगर निवासी दिव्यांशु प्रजापत पुत्र कुलदीप प्रजापत के रूप में हुई है। दिव्यांशु 12वीं कक्षा का छात्र था। एडीसीपी (पश्चिम) नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे दिव्यांशु जिम से स्कूटी पर अपने घर लौट रहा था।
इसी दौरान मोती मार्केट के पास रिंग रोड पर आगे चल रहे ट्रक चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। बताया जा रहा है कि सड़क पर परिवहन विभाग की उड़नदस्ता टीम की कार्रवाई चल रही थी। टीम को देखकर ट्रक चालक ने वाहन रोकने की कोशिश की, जिससे पीछे आ रही स्कूटी ट्रक में घुस गई। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद भड़का गुस्सा
युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन, स्थानीय लोग और समाज के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। आक्रोशित लोगों ने रिंग रोड और सर्विस लेन पर पत्थर तथा बड़े केबल रोल डालकर रास्ता जाम कर दिया। करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई।
स्थिति को संभालने के लिए एडीसीपी (ट्रैफिक) शालिनी राज, एसीपी (बोरानाडा) आनंद सिंह सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी देर रात तक डटे रहे।
पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग
जब काफी देर तक जाम नहीं खुला और स्थिति बिगड़ने लगी तो पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद धीरे-धीरे भीड़ हटाई गई और यातायात बहाल कराया गया। पुलिस ने मृतक के शव को एम्स हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवाया है। मामले की जांच जारी है।
परिजनों ने रखीं तीन मांगें
प्रदर्शन कर रहे परिजनों और समाज के लोगों ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने मृतक के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी देने, एक करोड़ रुपए मुआवजा देने और हादसे के लिए जिम्मेदार माने जा रहे आरटीओ उड़नदस्ता कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की।