बाड़मेर में करंट लगने से वेटेनरी डॉक्टर की दर्दनाक मौत: प्लॉट पर चारदीवारी का काम देखते समय टूटे बिजली तार की चपेट में आए

बाड़मेर के रीको थाना क्षेत्र स्थित बलदेव नगर में मंगलवार सुबह करंट लगने से एक पशु चिकित्सक की मौत हो गई।

Jun 2, 2026 - 16:18
बाड़मेर में करंट लगने से वेटेनरी डॉक्टर की दर्दनाक मौत: प्लॉट पर चारदीवारी का काम देखते समय टूटे बिजली तार की चपेट में आए

बाड़मेर जिले के रीको थाना क्षेत्र स्थित बलदेव नगर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में पशु चिकित्सक (वेटेनरी डॉक्टर) की मौत हो गई। चारदीवारी निर्माण कार्य के दौरान टूटे हुए बिजली के तार की चपेट में आने से डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

इस हादसे के बाद चिकित्सा विभाग, परिजनों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि मृतक चिकित्सक का करीब डेढ़ महीने पहले ही प्रमोशन हुआ था।

प्लॉट पर काम के दौरान हुआ हादसा

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 48 वर्षीय डॉ. चतराराम पुत्र खेमाराम निवासी भोजासर, बायतु हाल रामनगर, बाड़मेर के रूप में हुई है। मंगलवार सुबह वे बलदेव नगर स्थित अपने प्लॉट पर चारदीवारी निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रहे थे।

इसी दौरान सोमवार रात आए तेज तूफान के कारण ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन का तार टूटकर प्लॉट में गिरा हुआ था। अनजाने में तार के संपर्क में आते ही डॉ. चतराराम को जोरदार करंट लगा और वे गंभीर रूप से झुलस गए।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांसें

हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही रीको थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया गया।

पुलिस ने शुरू की जांच

रीको थाने के हेड कांस्टेबल गोमाराम ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसा सोमवार रात आए तूफान के दौरान टूटे बिजली तार के कारण हुआ।

डेढ़ महीने पहले मिला था प्रमोशन

जानकारी के अनुसार डॉ. चतराराम पशुपालन विभाग में कार्यरत थे और वर्तमान में शिवकर पशु अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। हाल ही में करीब डेढ़ महीने पहले उनका प्रमोशन हुआ था।

सहकर्मियों के अनुसार वे अपने सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और पशु सेवा के लिए जाने जाते थे। उनकी असमय मौत से विभाग में गहरा शोक व्याप्त है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

डॉ. चतराराम अपने पीछे पत्नी, एक बेटी और एक बेटे को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह हादसा किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बिजली लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और तूफान के बाद क्षतिग्रस्त तारों की समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

क्षेत्र में शोक का माहौल

हादसे की खबर फैलते ही इलाके में शोक का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल और मृतक के निवास पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे। पशुपालन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी चिकित्सक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

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