अर्थी से उठी महिला! अंतिम संस्कार से पहले हुआ ऐसा कि दंग रह गए लोग...डॉक्टरों ने बताया सच!
राजस्थान के दौसा जिले में एक महिला को परिजनों ने मृत मानकर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी थी। लेकिन करीब एक घंटे बाद उसके शरीर में हलचल होने लगी। परिजन इसे चमत्कार मान रहे हैं, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि महिला संभवतः गहरी अचेत अवस्था में थी और मौत के बाद दोबारा जीवित होना मेडिकल विज्ञान के अनुसार संभव नहीं है।
राजस्थान के दौसा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को हैरत में डाल दिया है। अजबगढ़ क्षेत्र की रहने वाली एक महिला को परिजनों ने मृत मान लिया था और उसके अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं। लेकिन करीब एक घंटे बाद महिला के शरीर में अचानक हरकत होने लगी, जिसके बाद परिजन और ग्रामीण स्तब्ध रह गए। यह घटना अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
मृत समझकर शुरू कर दी थी अंतिम संस्कार की तैयारी
जानकारी के अनुसार अजबगढ़ निवासी चमेली देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। परिजनों का दावा है कि काफी देर तक उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई और सांसें भी महसूस नहीं हो रही थीं। इसके बाद परिवार और आसपास के लोगों ने उन्हें मृत मान लिया।
महिला को परंपराओं के अनुसार जमीन पर लिटाया गया और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं। रिश्तेदारों को सूचना दे दी गई और घर पर शोक का माहौल छा गया। परिजन रो-रोकर बेहाल थे और अंतिम यात्रा की तैयारियां चल रही थीं।
अचानक हिलने लगे पैर, परिवार रह गया दंग
इसी बीच एक ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने सभी को चौंका दिया। जमीन पर लेटी चमेली देवी के पैरों में अचानक हरकत दिखाई दी। धीरे-धीरे उनके शरीर में मूवमेंट बढ़ने लगा और सांसें भी सामान्य होती नजर आईं।
यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग अवाक रह गए। कुछ देर पहले जिस महिला को मृत मानकर अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही थी, वह अचानक प्रतिक्रिया देने लगी। घटना की खबर पूरे गांव में तेजी से फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे।
तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे परिजन
महिला के शरीर में हरकत देखने के बाद परिजन बिना देर किए उन्हें दौसा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उपचार शुरू किया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार महिला की स्थिति फिलहाल स्थिर है और वह चिकित्सकीय निगरानी में है। डॉक्टर लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं।
डॉक्टरों ने चमत्कार की बात को नकारा
दौसा जिला अस्पताल के कार्यवाहक पीएमओ डॉ. जमशेर खान ने परिजनों द्वारा किए जा रहे ‘मृत्यु के बाद जीवित होने’ के दावे को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल विज्ञान के अनुसार किसी व्यक्ति का मृत्यु के बाद दोबारा जीवित होना संभव नहीं है।
डॉक्टरों का मानना है कि महिला संभवतः गहरी अचेत अवस्था (Unconscious State) में चली गई थीं या उनका ब्लड प्रेशर अत्यधिक कम हो गया था। ऐसी स्थिति में सामान्य व्यक्ति को लग सकता है कि मरीज की मौत हो गई है, जबकि वास्तव में वह जीवित होता है।
कैसे होती है ऐसी गलतफहमी?
विशेषज्ञों के अनुसार कई बार गंभीर बीमारी, अत्यधिक कमजोरी, लो ब्लड प्रेशर या अन्य चिकित्सकीय कारणों से व्यक्ति की शारीरिक गतिविधियां बेहद धीमी हो जाती हैं। सांसों और नाड़ी की गति इतनी कम हो सकती है कि बिना चिकित्सकीय जांच के व्यक्ति को मृत समझ लिया जाए।
डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को मृत घोषित करने का अधिकार केवल प्रशिक्षित चिकित्सक के पास होता है। ऐसे मामलों में चिकित्सकीय पुष्टि के बिना निष्कर्ष निकालना गलतफहमी पैदा कर सकता है।
पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी घटना
चमेली देवी के मामले ने पूरे अजबगढ़ और दौसा जिले में चर्चा छेड़ दी है। जहां ग्रामीण इसे किसी चमत्कार के रूप में देख रहे हैं, वहीं डॉक्टर इसे चिकित्सकीय स्थिति और गलतफहमी का परिणाम बता रहे हैं।
फिलहाल महिला का उपचार जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गंभीर रूप से अचेत व्यक्ति और मृत्यु की स्थिति में अंतर को समझना कितना जरूरी है।