राजस्थान में बदला मौसम का मिजाज: 19 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, तूफान ने ली 3 जानें... गर्मी से मिली बड़ी राहत
राजस्थान में सक्रिय हुए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से मौसम ने करवट ली है। आंधी-बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में 5 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है।
राजस्थान में जून की शुरुआत मौसम के बड़े बदलाव के साथ हुई है। भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे प्रदेशवासियों को अब राहत मिलने लगी है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अचानक बदल गया। तेज आंधी, बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया है। हालांकि मौसम का यह बदलाव राहत के साथ-साथ तबाही भी लेकर आया है। जैसलमेर और बाड़मेर में तेज आंधी-तूफान के कारण अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।
19 जिलों में यलो अलर्ट, 5 जून तक रहेगा असर
जयपुर मौसम केंद्र ने प्रदेश के 19 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर 5 जून तक बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।
जैसलमेर में रिसोर्ट की दीवार गिरी, लोक कलाकार की मौत
जैसलमेर के प्रसिद्ध सम सैंड ड्यून्स क्षेत्र में सोमवार रात तेज आंधी के चलते जुमा हेरिटेज रिसोर्ट में बड़ा हादसा हो गया। लोक कलाकारों के ड्रेसिंग रूम की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में बेरसियाला गांव निवासी 25 वर्षीय लोक कलाकार स्वरूप खान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवतियों समेत तीन कलाकार घायल हो गए।
तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिलेभर में 400 से अधिक बिजली के पोल गिर गए। करीब 150 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।
बाड़मेर में कच्चे मकान ढहे, दो मासूमों की मौत
बाड़मेर जिले में भी तूफान ने भारी तबाही मचाई। बोला ग्राम पंचायत की भीलों की ढाणी में दो कच्चे मकान ढह गए, जिनके मलबे में दबकर दो बच्चों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान 8 वर्षीय खगेंद्र पुत्र शेराराम और 3 वर्षीय खुमानाराम पुत्र चनणाराम के रूप में हुई है।
वहीं रामसर क्षेत्र के पाबूसरिया गांव में टीनशेड का कमरा गिरने से पिता-पुत्र मलबे में दब गए। एक महिला भी लोहे की एंगल लगने से घायल हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत राहत कार्य चलाकर सभी घायलों को बाहर निकाला।
कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि
सोमवार को राजस्थान के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। जैसलमेर, फलोदी, जोधपुर, नागौर, पाली, अजमेर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर, कोटा, टोंक, अलवर, सवाई माधोपुर, बूंदी और भीलवाड़ा सहित कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई।
- चित्तौड़गढ़ में 20 एमएम बारिश
- नागौर में 13 एमएम बारिश
- अजमेर में 12.6 एमएम बारिश
- टोंक के निवाई में 11 एमएम बारिश
फलोदी और नागौर में बारिश के साथ ओले भी गिरे।
फलोदी रहा सबसे गर्म, फिर भी तापमान में गिरावट
प्रदेश में सोमवार को सबसे अधिक तापमान फलोदी में 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि यह तापमान भी पिछले दिनों की तुलना में कम रहा। अधिकांश शहरों में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई।
जयपुर में शाम को बदला मौसम
राजधानी जयपुर में दिन के समय हल्की गर्मी महसूस हुई, लेकिन शाम होते-होते आसमान में बादल छा गए और कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने जयपुर में अगले तीन दिनों तक इसी तरह के मौसम की संभावना जताई है।
कोटा में गर्मी से राहत
कोटा में भी मौसम सुहावना बना रहा। सुबह हल्की बारिश हुई और दिनभर बादल छाए रहे। शाम के समय ठंडी हवाएं चलने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
जोधपुर में चली तेज आंधी
जोधपुर में दोपहर बाद बादल छाने लगे और शाम को तेज आंधी चली। कई इलाकों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक आंधी और बारिश की संभावना जताई है।
उदयपुर और अलवर में भी राहत
उदयपुर में तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज हुई। वहीं अलवर के राजगढ़ समेत कई इलाकों में बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
किसानों और ग्रामीण इलाकों में चिंता
हालांकि बारिश और ठंडी हवाओं से आम लोगों को राहत मिली है, लेकिन तेज तूफान के कारण कई जगह बिजली के पोल, पेड़ और कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। ग्रामीण इलाकों में किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ा है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास नहीं जाने की अपील की है।