पहलगाम हमले में बड़ा खुलासा: आतंकियों के मोबाइल कराची-लाहौर से पहुंचे, NIA को मिले बैसरन घाटी के स्क्रीनशॉट

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आतंकियों के पास से बरामद Redmi मोबाइल फोन कराची और लाहौर के पते पर डिलीवर हुए थे।

Jun 2, 2026 - 16:36
पहलगाम हमले में बड़ा खुलासा: आतंकियों के मोबाइल कराची-लाहौर से पहुंचे, NIA को मिले बैसरन घाटी के स्क्रीनशॉट

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी सफलता मिली है। जांच एजेंसी ने खुलासा किया है कि हमले में शामिल आतंकियों के पास से बरामद दोनों स्मार्टफोन पाकिस्तान के कराची और लाहौर से जुड़े हुए थे। मोबाइल की फोरेंसिक जांच में कई ऐसे अहम सबूत मिले हैं, जो हमले की सुनियोजित साजिश और पाकिस्तान स्थित नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।

NIA के अनुसार 28 जुलाई 2025 को ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए आतंकियों के पास से दो स्मार्टफोन बरामद किए गए थे। इनमें एक Redmi 9T (ऑरेंज) और दूसरा Redmi Note 12 (ब्लैक) था। इन दोनों मोबाइलों की जांच के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

बैसरन घाटी की लोकेशन पहले से सेव थी

फोरेंसिक जांच में पता चला कि आतंकियों ने पहलगाम हमले की तैयारी काफी पहले शुरू कर दी थी। मोबाइल में मौजूद नेविगेशन एप AlpineQuest में बैसरन घाटी की लोकेशन पहले से सेव थी। इतना ही नहीं, जांच एजेंसी को बैसरन इलाके के कई स्क्रीनशॉट भी मिले हैं, जिन्हें 15 और 16 अप्रैल 2025 को लिया गया था।

गौरतलब है कि आतंकी हमला 22 अप्रैल 2025 को हुआ था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इससे साफ है कि हमले से लगभग एक सप्ताह पहले आतंकियों ने इलाके की रेकी कर ली थी और पूरी योजना तैयार कर ली थी।

कराची पहुंचा था Redmi 9T

NIA ने Redmi 9T के IMEI नंबर के आधार पर Xiaomi Global से संपर्क किया और डिवाइस की सप्लाई हिस्ट्री हासिल की। रिकॉर्ड के अनुसार यह मोबाइल 1 जनवरी 2021 को पाकिस्तान पहुंचे एक बड़े कंसाइनमेंट का हिस्सा था।

जांच में सामने आया कि इस फोन को कराची की कंपनी Tech Sirat Pvt Ltd ने इम्पोर्ट कराया था। डिलीवरी का पता कराची स्थित Faysal Bank के मुख्य कार्यालय का दर्ज था। NIA का मानना है कि मोबाइल को कई वर्षों तक सुरक्षित रखकर बाद में आतंकियों को सौंपा गया।

सबसे अहम बात यह है कि फोन की डिलीवरी 2021 में हुई, लेकिन इसे सक्रिय 2025 में किया गया। इससे जांच एजेंसी को संदेह है कि इसे विशेष मिशन के लिए संरक्षित रखा गया था।

Redmi Note 12 भी पाकिस्तान से जुड़ा

दूसरा स्मार्टफोन Redmi Note 12 भी पाकिस्तान की सप्लाई चेन से जुड़ा मिला। जांच में सामने आया कि इसे 2023 में लाहौर स्थित Air Link Communications Limited ने इम्पोर्ट किया था।

यह फोन भी लंबे समय तक निष्क्रिय रहा और हमले से पहले ही सक्रिय किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार दोनों फोन में किसी प्रकार की कॉल हिस्ट्री, सोशल मीडिया चैट, मैसेज या इंटरनेट कम्युनिकेशन रिकॉर्ड नहीं मिला।

मोबाइल नेटवर्क नहीं, रेडियो तकनीक का इस्तेमाल

NIA के मुताबिक आतंकियों ने मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट के बजाय लंबी दूरी की रेडियो कम्युनिकेशन तकनीक का उपयोग किया। यह तकनीक कई किलोमीटर दूर तक सुरक्षित संपर्क बनाए रखने में सक्षम होती है और पारंपरिक निगरानी से बचने में मदद करती है।

इसी वजह से मोबाइल फोन में कोई कम्युनिकेशन डेटा नहीं मिला, जबकि हमले के दौरान आतंकियों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ था।

GoPro कैमरा भी चीन के रास्ते पहुंचा था

इससे पहले NIA ने खुलासा किया था कि आतंकियों के पास से बरामद GoPro कैमरा भी चीन के रास्ते जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों तक पहुंचा था।

जांच एजेंसी का मानना है कि कैमरा और मोबाइल की सप्लाई चेन को समझने से उन नेटवर्कों का पर्दाफाश हो सकता है जो आतंकियों तक हथियार, फंडिंग और तकनीकी उपकरण पहुंचाते हैं।

NIA अब यह पता लगाने में जुटी है कि चीन से पाकिस्तान और फिर जम्मू-कश्मीर तक यह नेटवर्क किस तरह संचालित हुआ।

चार्जशीट में पाकिस्तान कनेक्शन का दावा

15 दिसंबर 2025 को दाखिल चार्जशीट में NIA ने दावा किया था कि पहलगाम हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क का हाथ था। एजेंसी के अनुसार हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा था, जो पाकिस्तान के लाहौर क्षेत्र में सक्रिय है।

चार्जशीट के मुताबिक हमले के दौरान साजिद जट्ट लगातार आतंकियों को रियल टाइम निर्देश दे रहा था। बैसरन घाटी की लोकेशन भी उसी ने भेजी थी।

टूरिस्ट गाइड्स की भूमिका भी जांच के दायरे में

NIA की जांच में यह भी सामने आया कि स्थानीय टूरिस्ट गाइड परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद जोठार ने आतंकियों को हमले से पहले बैसरन इलाके में देखा था, लेकिन इसकी सूचना सुरक्षा एजेंसियों को नहीं दी।

एजेंसी का दावा है कि यदि समय रहते सूचना दी जाती तो हमला रोका जा सकता था। दोनों गाइड फिलहाल गिरफ्तार हैं और जांच जारी है।

ऑपरेशन महादेव में मारे गए थे तीनों आतंकी

NIA के अनुसार पहलगाम हमले में शामिल तीन पाकिस्तानी आतंकी फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी को 28 जुलाई 2025 को सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन महादेव के दौरान मार गिराया था।

इन आतंकियों के पास से बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सबूत अब जांच की सबसे अहम कड़ी बन गए हैं।

ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने लिया बदला

पहलगाम हमले के बाद भारत ने 6 मई 2025 को पाकिस्तान और पीओके में एयर स्ट्राइक कर जवाबी कार्रवाई की थी। इस अभियान को ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया था।

भारतीय वायुसेना ने 24 मिसाइलों के जरिए 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। सरकारी दावों के अनुसार इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे।

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