टोंक में 33 केवी अंडरग्राउंड बिजली केबल में जोरदार ब्लास्ट, निजी अस्पताल के पास उठीं आग की लपटें

टोंक के महावीर नगर स्थित एक निजी अस्पताल के पास 33 केवी अंडरग्राउंड बिजली केबल में अचानक ब्लास्ट हो गया।

Jun 2, 2026 - 15:54
टोंक में 33 केवी अंडरग्राउंड बिजली केबल में जोरदार ब्लास्ट, निजी अस्पताल के पास उठीं आग की लपटें

राजस्थान के टोंक शहर में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब महावीर नगर स्थित एक निजी अस्पताल के पास से गुजर रही 33 केवी अंडरग्राउंड बिजली केबल में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। ब्लास्ट के साथ ही केबल में आग लग गई और ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। घटना के समय वहां से गुजर रहे वाहन और अस्पताल में भर्ती मरीज दहशत में आ गए।

अचानक हुआ धमाका, मची अफरा-तफरी

घटना सोमवार शाम करीब 6:40 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद जमीन के नीचे बिछी बिजली केबल से आग की लपटें निकलने लगीं। उसी दौरान वहां से गुजर रही एक स्कॉर्पियो वाहन बाल-बाल बच गई। कुछ सेकंड की देरी होती तो वाहन आग की चपेट में आ सकता था।

अस्पताल में भर्ती मरीजों में मचा हड़कंप

ब्लास्ट स्थल के नजदीक स्थित निजी अस्पताल में उस समय करीब 20 से 25 मरीज भर्ती थे। विस्फोट और आग की लपटें देखकर मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया। लोग किसी अनहोनी की आशंका से घबरा गए और अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

15 दिन पहले भी आया था फॉल्ट

अस्पताल संचालक डॉ. राजीव बंसल के अनुसार करीब 15 दिन पहले भी इसी अंडरग्राउंड बिजली लाइन में तकनीकी खराबी आई थी। उस समय बिजली निगम की टीम ने मरम्मत कार्य किया था।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मरम्मत के दौरान खोदे गए गड्ढे को ठीक तरीके से नहीं भरा गया और जिस स्थान पर केबल का ज्वाइंट लगाया गया था, वहीं तकनीकी खामी बनी रही। माना जा रहा है कि उसी ज्वाइंट वाले हिस्से में सोमवार को ब्लास्ट हुआ।

ज्वाइंट पॉइंट बना हादसे की वजह

जानकारी के अनुसार सोनवा रोड स्थित बिजली निगम के बड़े ग्रिड से शहर के साथ मेहंदवास, छान और डारडा समेत कई क्षेत्रों में बिजली सप्लाई की जाती है। करीब एक महीने पहले इस रूट पर नई अंडरग्राउंड बिजली लाइन डाली गई थी।

सोमवार शाम ज्वाइंट वाले हिस्से पर अचानक विस्फोट हुआ, जिससे केबल में आग लग गई और आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई।

अधिकारियों को दी गई सूचना

घटना के तुरंत बाद अस्पताल प्रशासन ने बिजली निगम और संबंधित अधिकारियों को फोन कर जानकारी दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद शुरुआती स्तर पर मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

बताया जा रहा है कि बाद में एक विभागीय वाहन मौके पर पहुंचा, लेकिन कर्मचारी स्थिति देखकर वापस लौट गए।

बारिश बनी राहत की वजह

घटना के कुछ ही मिनट बाद इलाके में हल्की बारिश शुरू हो गई, जिससे लगभग 15 मिनट के भीतर आग अपने आप बुझ गई। यदि बारिश नहीं होती और आग लंबे समय तक भड़कती रहती तो अस्पताल, आसपास के वाहनों और लोगों की जान को गंभीर खतरा हो सकता था।

CCTV में कैद हुई पूरी घटना

अस्पताल के पीछे लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया है। फुटेज में ब्लास्ट के बाद उठती आग की लपटें और आसपास का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। अब इस फुटेज के आधार पर तकनीकी जांच भी की जा सकती है।

जांच की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तकनीकी खामियों को दूर किया जाता तो इस तरह की घटना नहीं होती।

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।