ऑपरेशन अश्ववेग के तहत बालोतरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अंतरराज्यीय वाहन लूट गैंग का पर्दाफाश

बालोतरा और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही टैक्सी लूट की वारदातों ने पुलिस की नींद उड़ा रखी थी। चालक बंधक बनाए जा रहे थे और वाहन रहस्यमय तरीके से गायब हो रहे थे। महीनों की तलाश के बाद पुलिस ने ऐसा खुलासा किया जिसने सभी को चौंका दिया। 30 हजार के इनामी मुख्य आरोपी समेत पांच लोग पुलिस के शिकंजे में हैं।

Jun 2, 2026 - 20:25
ऑपरेशन अश्ववेग के तहत बालोतरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अंतरराज्यीय वाहन लूट गैंग का पर्दाफाश

बालोतरा पुलिस ने सम्पत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन अश्ववेग" के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए टैक्सी चालकों को बंधक बनाकर वाहन लूटने वाली एक अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 30 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी, एक विधि से संघर्षरत किशोर तथा लूटे गए वाहनों को खरीदने वाले तीन आरोपियों सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही लूटी गई दो स्विफ्ट कारें भी बरामद की गई हैं।

पुलिस अधीक्षक बालोतरा रमेश आईपीएस ने बताया कि जिले में सम्पत्ति संबंधी अपराधों के त्वरित खुलासे एवं शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरफूलसिंह आरपीएस तथा वृत्ताधिकारी विकास कुमार आरपीएस के निर्देशन में थाना कल्याणपुर पुलिस ने यह कार्रवाई की।

पहली वारदात: चालक को पेड़ से बांधकर लूट ले गए टैक्सी

पुलिस के अनुसार 2 मई 2026 को पाली निवासी टैक्सी चालक रमेश वैष्णव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 1 मई को दो अज्ञात व्यक्ति उसकी टैक्सी किराये पर लेकर कल्याणपुर के लिए रवाना हुए। नागाणा रोड पर सुनसान स्थान पर पहुंचने के बाद आरोपियों ने चाकू दिखाकर चालक को काबू में कर लिया। उसके हाथ-पैर बांध दिए और पर्स में रखे 15,500 रुपये नकद, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड तथा अन्य दस्तावेज छीन लिए।

इसके बाद आरोपी चालक को करीब डेढ़ घंटे तक कार में घुमाते रहे और भाटोलाई चारणान गांव के पास खेतों में एक पेड़ से बांधकर उसकी टैक्सी कार लेकर फरार हो गए। बाद में चालक ने ग्रामीणों की सहायता से स्वयं को मुक्त कराया और परिजनों को सूचना दी।

दूसरी वारदात: पिस्टल दिखाकर कार और नकदी लूटी

दूसरी घटना 20 मई 2026 की है। जालौर जिले के नोरवा निवासी चालक हनुमानराम मेघवाल अपनी स्विफ्ट डिजायर कार लेकर अस्पताल चौराहे पर खड़ा था। इसी दौरान दो युवक उसके पास पहुंचे और समदड़ी के पास सुरपुरा गांव जाने के लिए वाहन किराये पर लिया।

सुरपुरा गांव से आगे सुनसान क्षेत्र में पहुंचने पर आरोपियों ने कार रुकवाई और पिस्टल दिखाकर चालक को बंधक बना लिया। उसके हाथ-पैर बांधकर 15 हजार रुपये नकद, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज लूट लिए। बाद में चारलाई कला गांव की सरहद में सुनसान स्थान पर चालक को छोड़कर आरोपी वाहन लेकर फरार हो गए।

चालक ने किसी तरह स्वयं को मुक्त कर आपातकालीन सेवा 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज किया गया।

तकनीकी जांच से खुला राज

लगातार हुई इन सनसनीखेज वारदातों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। घटनास्थलों का निरीक्षण, तकनीकी विश्लेषण और परंपरागत पुलिसिंग के माध्यम से आरोपियों की पहचान की गई।

जांच में सामने आया कि दोनों घटनाओं को हुकमाराम पुत्र मदाराम निवासी पतासर, थाना मण्डली, जिला बालोतरा तथा उसके एक साथी विधि से संघर्षरत किशोर ने अंजाम दिया था। पुलिस द्वारा लगातार तलाश के बावजूद आरोपी फरार चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

विशेष तकनीकी डाटा और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर थाना कल्याणपुर पुलिस ने दोनों को दस्तयाब कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बालोतरा और सांचौर क्षेत्र में भी इसी प्रकार की कई वारदातें करना स्वीकार किया।

लूटे गए वाहन खरीदने वाले तीन आरोपी भी गिरफ्तार

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि लूटे गए वाहन उन्होंने अन्य लोगों को बेच दिए थे। इसके बाद पुलिस ने वाहनों के खरीददारों की तलाश शुरू की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—

भोमेश कुमार पुत्र कुम्भाराम, निवासी बालेसर दुर्गावतान, जोधपुर

इरफान अली पुत्र नासीर अली, निवासी बम्बाबाड़ी, जोधपुर

मोहम्मद इरफान पुत्र मोहम्मद सैयद, निवासी नई सड़क, जोधपुर

पुलिस ने इनके कब्जे से लूटी गई दो स्विफ्ट कारें बरामद कर ली हैं।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी हुकमाराम पहले भी चोरी और नकबजनी जैसी वारदातों में शामिल रहा है। उसने शीघ्र धन कमाने की लालसा में अपने साथी किशोर को भी साथ मिला लिया।

दोनों आरोपी विभिन्न शहरों के टैक्सी स्टैंडों की रेकी करते थे और बुजुर्ग या कमजोर चालकों को निशाना बनाते थे। किसी धार्मिक स्थल या अन्य स्थान पर जाने का बहाना बनाकर वाहन किराये पर लेते थे। रात के समय सुनसान इलाके में पहुंचकर चालक को चाकू और एयर पिस्टल दिखाकर बंधक बना लेते थे।

इसके बाद चालक से नकदी और दस्तावेज लूटकर वाहन लेकर फरार हो जाते थे तथा बाद में वाहनों को कम कीमत पर बेच देते थे। प्राप्त राशि को मौज-मस्ती और निजी खर्चों में खर्च करने के बाद फिर नई वारदातों की योजना बनाते थे।

गुजरात में भी कर चुके हैं वारदात

पूछताछ में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों ने 8 दिसंबर 2025 को गुजरात के धानेरा क्षेत्र से एक ईको वाहन किराये पर लेकर सांचौर क्षेत्र में चालक को बंधक बनाया था तथा वाहन और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। इस मामले में भी दोनों आरोपी वांछित चल रहे थे।

मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड

मुख्य आरोपी हुकमाराम के खिलाफ चोरी, नकबजनी और वाहन लूट सहित कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। उसके खिलाफ वर्ष 2023 से लेकर 2026 तक विभिन्न थानों में कुल छह मामले दर्ज पाए गए हैं। वहीं विधि से संघर्षरत किशोर के खिलाफ भी तीन आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

पुलिस टीम को मिली सफलता

इस पूरे ऑपरेशन में थाना कल्याणपुर के थानाधिकारी भंवरसिंह, थानाधिकारी सांकड़ा राणसिंह, उपनिरीक्षक जामीन खां, जगमालराम, हेड कांस्टेबल मोहनलाल, कांस्टेबल विनोद कुमार, जोगेन्द्र कुमार, घनश्याम और हरीराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बालोतरा पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल वाहन लूट की तीन बड़ी वारदातों का खुलासा हुआ है, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक शातिर वाहन लूट गैंग का भी भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस अब आरोपियों से अन्य संभावित वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।

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