Balotra News: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों की हड़ताल, मेडिकल स्टोर बंद कर जताया विरोध
बालोतरा जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। जिलेभर में मेडिकल स्टोर बंद रहे और दवा व्यापारियों ने जनस्वास्थ्य सुरक्षा व छोटे केमिस्टों के संरक्षण की मांग उठाई।
ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ बालोतरा में केमिस्टों का विरोध
राजस्थान के बालोतरा जिले में बुधवार को दवा व्यापारियों ने अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। जिलेभर के मेडिकल स्टोर बंद रखे गए और केमिस्टों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त रोक लगाने की मांग उठाई।
इस दौरान बालोतरा जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की ओर से प्रधानमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया।
जनस्वास्थ्य के लिए खतरा बता रहे दवा व्यापारी
एसोसिएशन का कहना है कि इंटरनेट के माध्यम से दवाओं की अनियंत्रित बिक्री लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना उचित चिकित्सकीय परामर्श और संदिग्ध ई-प्रिस्क्रिप्शन के जरिए दवाओं की सप्लाई कर रहे हैं। इससे गलत दवाओं के इस्तेमाल और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम बढ़ सकते हैं।
छोटे केमिस्टों का कारोबार प्रभावित
बालोतरा जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सचिन हनुमान सिंह राजपुरोहित ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री के कारण लाखों लाइसेंसधारी छोटे दवा विक्रेताओं का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से संबंधित विभागों और सरकार से इस मामले में ठोस नीति बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
AIOCD और RCA के आह्वान पर हड़ताल
यह विरोध प्रदर्शन ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) और राजस्थान केमिस्ट एलायंस (RCA) के आह्वान पर आयोजित किया गया।
बालोतरा जिले के सभी दवा विक्रेताओं और केमिस्टों ने इस आंदोलन में हिस्सा लिया और मेडिकल स्टोर बंद रखकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
सरकार से स्पष्ट नीति बनाने की मांग
ज्ञापन में केंद्र सरकार से मांग की गई कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और नियम 1945 के तहत ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर स्पष्ट और सख्त नीति बनाई जाए।
साथ ही बिना अनुमति चल रही अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाने की भी मांग की गई।
व्यापारियों ने जताई चिंता
दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट देकर बाजार को प्रभावित कर रही हैं, जिससे स्थानीय मेडिकल स्टोर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो छोटे शहरों और कस्बों के हजारों मेडिकल स्टोर बंद होने की स्थिति में पहुंच सकते हैं।
कई पदाधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश सिंघल, जिला उपाध्यक्ष कांतिलाल मेहता, कोषाध्यक्ष प्रभुराम, राहुल पंवार सहित कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
केमिस्टों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो भविष्य में आंदोलन और तेज किया जा सकता है।