तपती धूप और रेत के धोरों में 3 दिन चला ऑपरेशन, सेड़वा प्रशासन ने खुलवाया 2.5 KM लंबा बंद सरकारी रास्ता
बाड़मेर के सेड़वा क्षेत्र में प्रशासन ने रेतीले धोरों के बीच तीन दिन तक अभियान चलाकर 2.5 किलोमीटर लंबे सरकारी रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करवाया।
बाड़मेर। जिले की सेड़वा तहसील में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्षों से बंद पड़े सरकारी रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करवाया है। रेतीले धोरों और भीषण गर्मी के बीच लगातार तीन दिन तक चले विशेष अभियान के बाद करीब 2.5 किलोमीटर लंबे रास्ते को दोबारा आमजन के लिए खोल दिया गया। इस कार्रवाई से जसनाथ नगर और जोरापुरा क्षेत्र की कई ढाणियों में रहने वाले करीब 260 घरों को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार राजस्व ग्राम जोरापुरा के खसरा नंबर 622/375, जो कि राजस्व रिकॉर्ड में गैर मुमकिन रास्ता दर्ज है, उसके बंद होने की शिकायत लगातार प्रशासन को मिल रही थी। ग्रामीणों ने जनसुनवाई और दैनिक शिकायत निवारण कार्यक्रमों में रास्ता बंद होने से हो रही परेशानियों को लेकर कई बार प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी। रास्ता बंद होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों, चिकित्सा सेवाओं, स्कूल-कॉलेज और बाजार तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा था।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपखण्ड अधिकारी बद्रीनारायण विश्नोई और तहसीलदार जोताराम मीणा के निर्देशन में विशेष राजस्व टीम का गठन किया गया। उपतहसीलदार महेंद्र सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करवाने की कार्रवाई शुरू की।
रेतीले धोरों और ऊबड़-खाबड़ इलाके में रास्ता खोलना आसान नहीं था। कई स्थानों पर बड़े-बड़े रेत के टीले जमा हो चुके थे, जिसके कारण मशीनों को भी काम करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद राजस्व टीम लगातार तीन दिन तक तपती धूप में मौके पर डटी रही। जेसीबी और ट्रैक्टरों की मदद से रास्ते को साफ कर पुनः चालू किया गया।
इस अभियान में हलका भू-अभिलेख निरीक्षक मांगीलाल, पटवारी दीपाराम गर्ग, पटवारी दीपाराम जानपालिया और पटवारी अमृतराम ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस थाना सेड़वा से हेड कांस्टेबल दुर्जन सिंह और कांस्टेबल खेमाराम भी मौके पर मौजूद रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता कई वर्षों से बंद पड़ा था, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर बारिश और आपातकालीन परिस्थितियों में आवागमन लगभग ठप हो जाता था। अब रास्ता खुलने से जसनाथ नगर और जोरापुरा की कई ढाणियों का भारतमाला सड़क से सीधा संपर्क जुड़ गया है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।
रास्ता खुलने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है।
सेड़वा तहसील प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि सरकारी रास्तों और सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने कहा कि भविष्य में अतिक्रमण करने वालों पर बेदखली, कुर्की और कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि सरकारी भूमि और आम रास्तों को सुरक्षित रखा जा सके।