कॉकरोच जनता पार्टी क्या है और क्यों ट्रेंड में है? और 3 दिन में लाखों फॉलोअर्स कैसे जुटाए , जानिए पूरा मामला
CJI की कथित टिप्पणी के बाद शुरू हुई “कॉकरोच जनता पार्टी” सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। जानिए कैसे इस डिजिटल मूवमेंट ने सिर्फ 3 दिनों में लाखों फॉलोअर्स जुटाकर देशभर में चर्चा छेड़ दी।
भारत में इन दिनों “कॉकरोच जनता पार्टी” (Cockroach Janata Party - CJP) सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। शुरुआत में इसे केवल एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान माना जा रहा था, लेकिन कुछ ही दिनों में यह युवाओं की नाराजगी और राजनीतिक असंतोष का प्रतीक बन गया। इस अभियान की शुरुआत 30 वर्षीय भारतीय छात्र अभिजीत दिपके ने की, जो फिलहाल अमेरिका में पढ़ाई कर रहे हैं।
कैसे शुरू हुई “कॉकरोच जनता पार्टी”?
16 मई को अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक गूगल फॉर्म शेयर किया। इसमें लोगों को “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम की एक नकली राजनीतिक पार्टी में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा “अगर आप बेरोजगार हैं, आलसी हैं, हमेशा ऑनलाइन रहते हैं और प्रोफेशनल तरीके से भड़ास निकाल सकते हैं, तो आप इस पार्टी में शामिल हो सकते हैं।”
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा: “क्या होगा अगर सारे तिलचट्टे एक साथ आ जाएं?”
यह पोस्ट भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की उस टिप्पणी के बाद आई, जिसमें कथित तौर पर सोशल मीडिया पर सक्रिय युवाओं को “कॉकरोच” और “परजीवी” कहा गया था। हालांकि बाद में CJI ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी फर्जी डिग्री वाले लोगों को लेकर थी, लेकिन तब तक यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था।
कुछ घंटों में हजारों रजिस्ट्रेशन
अभिजीत दिपके की यह पोस्ट इंटरनेट पर तेजी से फैल गई।
- शुरुआती कुछ घंटों में ही लगभग 15 हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया।
- 19 मई तक यह संख्या बढ़कर 80 हजार से ज्यादा हो गई।
- इंस्टाग्राम और X पर पार्टी के लाखों फॉलोअर्स जुड़ गए।
सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे केवल मजाक नहीं बल्कि युवाओं की हताशा और गुस्से की आवाज बताना शुरू कर दिया।
“आलसी और बेरोजगारों की आवाज”
कॉकरोच जनता पार्टी खुद को “आलसी और बेरोजगारों की आवाज” बताती है। हालांकि इसकी शुरुआत व्यंग्य के तौर पर हुई थी, लेकिन अभिजीत का कहना है कि युवाओं के भारी समर्थन ने इसे एक बड़े डिजिटल आंदोलन में बदल दिया।
उन्होंने कहा: “मुझे उम्मीद नहीं थी कि इतने लोग इससे जुड़ेंगे। इससे साफ है कि देश के युवा खुद को राजनीति में अनसुना महसूस करते हैं।”
उनका मानना है कि मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी केवल एक ट्रिगर थी, जबकि असली नाराजगी लंबे समय से युवाओं के भीतर मौजूद थी।
राजनीति और चर्चित हस्तियों की एंट्री
इस ऑनलाइन अभियान ने राजनीतिक नेताओं का भी ध्यान खींचा।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में इस पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई।
महुआ मोइत्रा ने एक पोस्ट री-शेयर करते हुए लिखा: “मैं भी इसमें शामिल होना चाहूंगी।”
वहीं कीर्ति आजाद ने पूछा: “इस पार्टी में शामिल होने की योग्यता क्या है?”
पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल ने दोनों नेताओं का व्यंग्यात्मक अंदाज में स्वागत भी किया।
कौन हैं अभिजीत दिपके?
अभिजीत दिपके महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले हैं।
उन्होंने पुणे में पत्रकारिता की पढ़ाई की और बाद में अमेरिका जाकर बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन में पोस्टग्रेजुएशन किया।
AAP से भी जुड़ चुके हैं
2020 से 2022 के बीच अभिजीत आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ वॉलंटियर के तौर पर काम कर चुके हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान पार्टी की मीम और डिजिटल कैंपेन रणनीति में उनकी भूमिका बताई जाती है।
बाद में वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए।
क्या यह आंदोलन राजनीति में बदलेगा?
अभिजीत का कहना है कि फिलहाल यह आंदोलन शुरुआती चरण में है, लेकिन लगातार बढ़ते समर्थन के कारण इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा: “हमारे पास 80 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इतने लोगों की उम्मीदों को यूं ही नहीं छोड़ा जा सकता। भारत लौटने के बाद हम सोचेंगे कि इस आंदोलन को आगे कैसे बढ़ाया जाए।”
हालांकि उन्होंने अभी किसी चुनावी राजनीति में उतरने की स्पष्ट घोषणा नहीं की है।
क्यों जुड़ रहे हैं युवा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरा मामला केवल एक वायरल ट्रेंड नहीं है।
- बेरोजगारी
- प्रतियोगी परीक्षाओं में विवाद
- राजनीतिक विमर्श से युवाओं की दूरी
- सोशल मीडिया की नई डिजिटल संस्कृति
इन सभी कारणों ने “कॉकरोच जनता पार्टी” को एक प्रतीकात्मक युवा आंदोलन बना दिया है।