बाड़मेर में बोर्ड परीक्षा केंद्र से छात्र का दिनदहाड़े अपहरण और बेरहमी मारपीट: ग्रामीणों में भारी आक्रोश, स्कूल स्टाफ की मिलीभगत पर सवाल
राजस्थान के बाड़मेर जिले के जैसार गांव में 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान एक 17 वर्षीय छात्र को परीक्षा केंद्र (सरकारी स्कूल) से ही चार बदमाशों ने दिनदहाड़े बोलेरो में डालकर अगवा कर लिया। उन्हें 10 किमी दूर ले जाकर बेरहमी से मारपीट की गई, उंगलियां तोड़ी गईं, नाखून उखाड़े गए और सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन ग्रामीण स्कूल स्टाफ की मिलीभगत पर सवाल उठा रहे हैं और फरार साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। घटना का वीडियो वायरल होने से व्यापक आक्रोश फैला है।
राजस्थान के बाड़मेर जिले के बीजराड़ थाना क्षेत्र (जैसार गांव) में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। 12वीं कक्षा के एक 17 वर्षीय छात्र को बोर्ड परीक्षा देने के लिए स्कूल पहुंचते ही बदमाशों ने परीक्षा केंद्र से ही अगवा कर लिया और उसके साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने स्कूल स्टाफ की संदिग्ध भूमिका पर सवाल उठाए और फरार साजिशकर्ताओं की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
घटना का पूरा विवरण
सोमवार को 12वीं बोर्ड परीक्षा का पॉलिटिकल साइंस का पेपर था। छात्र परीक्षा देने के लिए सरकारी स्कूल (राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जैसार) पहुंचा था। जानकारी के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से लगभग आधा घंटा पहले ही स्कूल का गेट बंद कर दिया गया था। इसी दौरान बोलेरो कैंपर में सवार चार बदमाश स्कूल परिसर में घुसे। उन्होंने छात्र को जबरन पकड़ा, उसके हाथ-पैर थामकर लगभग 100 मीटर तक घसीटा और फिर वाहन में डालकर ले गए।
बदमाश छात्र को करीब 10 किलोमीटर दूर सुनसान धोरे (रेगिस्तानी इलाके) में ले जाकर उतारा। वहां उन्होंने उसके साथ अत्यधिक बेरहमी से मारपीट की। छात्र की उंगलियां तोड़ दी गईं, नाखून उखाड़ लिए गए, दांत भी क्षतिग्रस्त हुए और शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। मारपीट के बाद बदमाश उसे सड़क किनारे लहूलुहान हालत में फेंककर फरार हो गए।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बदमाश छात्र को स्कूल से घसीटते हुए दिख रहे हैं। इस वीडियो ने लोगों में आक्रोश को और भड़का दिया। घायल छात्र को परिजनों ने तुरंत बाड़मेर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत स्थिर है, लेकिन गंभीर चोटों के कारण CT स्कैन आदि जांचें की गई हैं।
ग्रामीणों का प्रदर्शन और मांगें
घटना के अगले दिन मंगलवार को आक्रोशित ग्रामीण और छात्र के परिजन पहले चौहटन इलाके में एकत्र हुए। फिर वे बाड़मेर जिला मुख्यालय पहुंचे। महावीर पार्क से एक बड़ी रैली निकाली और जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
उनका मुख्य आरोप है कि स्टाफ की मौजूदगी में छात्र का अपहरण हुआ, लेकिन किसी शिक्षक या कर्मचारी ने रोकने की कोशिश नहीं की। यह स्कूल स्टाफ की मिलीभगत को दर्शाता है। ग्रामीणों ने कहा, "स्कूल के अंदर से बच्चे को उठाकर ले गए, लेकिन कोई नहीं बोला। यह साजिश के बिना संभव नहीं।"
उन्होंने एसडीएम से मांग की कि स्कूल के शिक्षकों और स्टाफ की निष्पक्ष जांच हो। दोषी पाए जाने पर उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए। साथ ही एसपी से अपील की कि वीडियो में दिखे चार युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन बोलेरो में सवार अन्य लोग और मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार हैं। उनकी जल्द गिरफ्तारी हो।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के नाम नारायणराम (40), बजरंग, तेजपाल और लक्ष्मण बताए जा रहे हैं, जो सभी बाड़मेर जिले के निवासी हैं। पुलिस का कहना है कि यह घटना किसी पुरानी रंजिश या आपसी विवाद (संभवतः लड़की से संबंधित) से जुड़ी हो सकती है। जांच जारी है और फरार अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।