Ashok Gehlot का ‘डबल इंजन’ सरकार पर बड़ा हमला, महंगाई से लेकर रिफाइनरी तक उठाए कई सवाल

जोधपुर दौरे पर पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने राज्य की Bhajan Lal Sharma सरकार और केंद्र की Narendra Modi सरकार को घेरते हुए महंगाई, स्वास्थ्य योजनाओं, बाड़मेर रिफाइनरी, कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर गंभीर सवाल उठाए।

May 27, 2026 - 09:45
Ashok Gehlot का ‘डबल इंजन’ सरकार पर बड़ा हमला, महंगाई से लेकर रिफाइनरी तक उठाए कई सवाल

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। Ashok Gehlot ने जोधपुर दौरे के दौरान राज्य की Bhajan Lal Sharma सरकार और केंद्र की Narendra Modi सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार के दावों के बावजूद प्रदेश में महंगाई, स्वास्थ्य सेवाएं, विकास परियोजनाएं और प्रशासनिक व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं और जमीनी कामकाज के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों में भुगतान लंबित होने के कारण योजनाएं प्रभावित हो रही हैं और आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गहलोत ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर तालमेल की कमी साफ नजर आ रही है, जिससे विकास कार्यों की गति धीमी पड़ गई है।

स्वास्थ्य योजनाओं और भुगतान संकट पर सरकार को घेरा

गहलोत ने स्वास्थ्य क्षेत्र की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाएं अब कमजोर होती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने दावा किया कि निजी अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं मिलने से मरीजों को इलाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई अस्पताल कथित तौर पर सरकारी योजनाओं के तहत मरीजों को भर्ती करने से बच रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

उन्होंने सहकारी दवा दुकानों और जनऔषधि केंद्रों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। गहलोत के अनुसार, ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में ये केंद्र गरीबों के लिए राहत का बड़ा माध्यम थे, लेकिन भुगतान संकट के चलते कई केंद्रों के संचालन पर असर पड़ रहा है। शिक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हजारों विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिल रही, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

बाड़मेर रिफाइनरी को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग

Barmer में बन रही रिफाइनरी परियोजना को लेकर भी गहलोत ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी तरह तैयार हुए बिना राजनीतिक लाभ लेने की जल्दबाजी की गई। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से पहले किए गए तकनीकी ट्रायल्स के दौरान सामने आई घटनाओं और सुरक्षा चूक को उन्होंने चिंताजनक बताया।

गहलोत ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने रिफाइनरी को दिसंबर 2024 तक शुरू करने का व्यावहारिक लक्ष्य रखा था। लेकिन सरकार बदलने के बाद अधिकारियों और मंत्रियों ने वास्तविक स्थिति समझे बिना कार्यक्रम तय कर दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को वीवीआईपी दौरों की तैयारियों के बजाय परियोजना की सुरक्षा और तकनीकी तैयारी पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए था।

जोधपुर के विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप

Jodhpur के विकास कार्यों को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के तीसरे चरण के लिए करीब 1400 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे ताकि सूखाग्रस्त क्षेत्रों को पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। लेकिन वर्तमान सरकार परियोजना की उचित मॉनिटरिंग नहीं कर रही, जिससे काम की रफ्तार धीमी हो गई है।

उन्होंने जोधपुर में बनी सुमेर पब्लिक लाइब्रेरी, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, फिनटेक इंस्टीट्यूट और विभिन्न सैटेलाइट अस्पतालों का जिक्र करते हुए कहा कि भवन तैयार होने के बावजूद वहां पर्याप्त डॉक्टर, उपकरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। इससे आम जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

महंगाई और ईंधन कीमतों पर केंद्र सरकार को घेरा

देश में लगातार बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी गहलोत ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद धीरे-धीरे ईंधन की कीमतें बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर, टैक्सी चालकों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी किया जाए ताकि जनता को सही स्थिति की जानकारी मिल सके। गहलोत ने कहा कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कीमतें बढ़ रही हैं तो सरकार को पारदर्शिता के साथ सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए।

कांग्रेस प्रशिक्षण शिविर की तारीफ

राजनीतिक मुद्दों के साथ-साथ गहलोत ने Pushkar में आयोजित कांग्रेस जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि Rahul Gandhi के विजन के तहत आयोजित यह कार्यक्रम संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

गहलोत के अनुसार, इस प्रशिक्षण के जरिए जिला स्तर के नेताओं को संगठनात्मक प्रबंधन, स्थानीय समस्याओं और चुनावी रणनीतियों को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसे प्रशिक्षण कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाएंगे।

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