केरल में ED की बड़ी कार्रवाई: पूर्व CM पिनाराई विजयन के घर छापा, बेटी वीना की कंपनी से जुड़े CMRL मामले में जांच तेज
CMRL-Exalogic फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन मामले में ED ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के घर समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी की
केरल की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहे CMRL-Exalogic मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को ED ने पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan के घर समेत राज्यभर में 10 जगहों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और उनकी बेटी वीना थाइकंडियिल की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के बीच कथित वित्तीय लेन-देन की जांच के तहत की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, ED अधिकारियों ने तिरुवनंतपुरम स्थित उस किराए के मकान की भी तलाशी ली, जहां हाल ही में पिनाराई विजयन शिफ्ट हुए थे। बताया जा रहा है कि उनकी बेटी वीना थाइकंडियिल भी वहीं रह रही थीं। जांच एजेंसी इस मामले में पैसों के लेन-देन और कथित अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद तेज हुई कार्रवाई
ED की यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब Kerala High Court ने 26 मई को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें ED द्वारा दर्ज ECIR (Enforcement Case Information Report) की जांच पर रोक लगाने की मांग की गई थी। यह याचिका CMRL और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच हुए कथित संदिग्ध फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस को लेकर दायर की गई थी।
हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद ED ने तेजी दिखाते हुए कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी। एजेंसी का मानना है कि कंपनी के बीच हुए कुछ भुगतान ऐसे थे, जिनके बदले कोई स्पष्ट सेवा या कारोबारी काम नहीं हुआ था।
क्या है पूरा CMRL-Exalogic मामला?
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब आरोप लगे कि Cochin Minerals and Rutile Limited ने वीना थाइकंडियिल की कंपनी Exalogic Solutions Private Limited को कथित तौर पर बिना किसी सेवा के भुगतान किया। विपक्ष ने इसे “मासिक भुगतान घोटाला” बताते हुए तत्कालीन लेफ्ट सरकार पर गंभीर सवाल उठाए थे।
हालांकि मामले में सीधे तौर पर पिनाराई विजयन का नाम शामिल नहीं बताया गया है, लेकिन उस समय वे मुख्यमंत्री थे, इसलिए यह मुद्दा राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बन गया। विपक्षी दल लगातार इस मामले को लेकर वाम सरकार को घेरते रहे हैं।
ED जांच पर पहले भी उठा था
इस मामले की जांच के दौरान ED पहले भी विवादों में आ चुकी है। कंपनी से जुड़े तीन अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि पूछताछ के दौरान उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया। इन आरोपों के बाद जून 2024 में केरल हाई कोर्ट ने ED को पूछताछ से जुड़े CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था।
इन घटनाओं ने जांच प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल खड़े किए थे। हालांकि ED लगातार यह कहती रही है कि जांच पूरी तरह कानून के दायरे में की जा रही है।
SFIO भी कर रहा है जांच
इस मामले की जांच केवल ED तक सीमित नहीं है। केंद्र सरकार की एजेंसी Serious Fraud Investigation Office (SFIO) भी पूरे मामले की जांच कर रही है। SFIO कॉर्पोरेट धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने वाली प्रमुख एजेंसी मानी जाती है।
अब ED और SFIO की समानांतर जांच के चलते इस मामले की राजनीतिक और कानूनी अहमियत और बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इस केस में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।