दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पकड़े गए 40 टन मीट में गाय का मांस होने की पुष्टि, FSL रिपोर्ट के बाद मचा हड़कंप

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पांच दिन पहले पकड़े गए 40 टन मीट से भरे दो कंटेनरों में गाय का मांस होने की पुष्टि FSL जांच में हुई है। पुलिस अब मीट का निस्तारण करवा रही है, जबकि मामले में फरार ड्राइवरों की तलाश जारी है।

May 27, 2026 - 11:40
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पकड़े गए 40 टन मीट में गाय का मांस होने की पुष्टि, FSL रिपोर्ट के बाद मचा हड़कंप

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पकड़े गए 40 टन मीट से भरे दो कंटेनरों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की जांच रिपोर्ट में कंटेनरों में मिले मांस को गाय का मांस बताया गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन और गौ रक्षक संगठनों में हलचल तेज हो गई है।

बांदीकुई थाना प्रभारी जहीर अब्बास ने बताया कि FSL जांच में गाय का मांस होने की पुष्टि हो चुकी है। इसके बाद अब जब्त किए गए मीट का नियमानुसार निस्तारण करवाया जा रहा है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी जारी है।

22 मई को पकड़े गए थे कंटेनर

पुलिस के मुताबिक 22 मई की अलसुबह करीब 4 बजे गौ रक्षकों को सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश के मेरठ की ओर भारी मात्रा में मीट ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही लालसोट, दिल्ली, मेंहदीपुर बालाजी और बांदीकुई के गौ सेवकों की टीम सक्रिय हो गई और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कंटेनरों का पीछा शुरू कर दिया।

गौ रक्षकों के पीछा करने की भनक लगते ही दोनों कंटेनरों के ड्राइवर बांदीकुई थाना क्षेत्र के नंदेरा गांव के पास वाहन छोड़कर फरार हो गए।

पैकेटों पर लिखा था ‘बफेलो मीट’

जब पुलिस और गौ सेवकों ने कंटेनरों को खोला तो उसमें बड़ी मात्रा में पैकेटबंद मांस मिला। सभी पैकेटों पर ‘बफेलो मीट’ यानी भैंस का मांस लिखा हुआ था। हालांकि गौ सेवकों ने मौके पर ही संदेह जताया था कि यह गाय का मांस हो सकता है।

इसके बाद पुलिस ने दोनों कंटेनरों को जब्त कर धनावड़ रेस्ट एरिया पहुंचाया और मांस के सैंपल जांच के लिए FSL भेज दिए थे।

दस्तावेजों में भैंस का मांस बताया गया

पुलिस को कंटेनरों से कुछ दस्तावेज भी मिले हैं। इन कागजातों में मांस को भैंस का मांस बताया गया था। दस्तावेजों के अनुसार यह मीट महाराष्ट्र के एक बूचड़खाने से उत्तर प्रदेश की एक पेट फूड फैक्ट्री तक ले जाया जा रहा था।

हालांकि FSL रिपोर्ट में गाय का मांस होने की पुष्टि होने के बाद अब दस्तावेजों की सत्यता और पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है।

गौ सेवकों ने एक्सप्रेसवे पर किया पीछा

गौ सेवक सुरेश पुजारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद विभिन्न क्षेत्रों के गौ रक्षक एक्सप्रेसवे पर सक्रिय हो गए थे। उन्होंने कई किलोमीटर तक कंटेनरों का पीछा किया।

उन्होंने बताया कि जब ड्राइवरों को लगा कि उनका पीछा किया जा रहा है तो वे कंटेनरों को हाईवे पर छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कंटेनरों को कब्जे में लिया।

पुलिस फरार ड्राइवरों की तलाश में जुटी

मामले में पुलिस अब फरार ड्राइवरों और पूरे नेटवर्क की तलाश कर रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मीट की खेप कहां से तैयार हुई और किन लोगों की इसमें भूमिका थी।

FSL रिपोर्ट आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। प्रशासन अब संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटा है।

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