बाड़मेर: 3 हजार रुपए के विवाद में युवक की मौत, परिजनों का धरना दूसरे दिन भी जारी
बाड़मेर में 3 हजार रुपए के विवाद में घायल युवक की मौत के बाद परिजन और समाज के लोग दूसरे दिन भी धरने पर बैठे हैं। आरोपी की गिरफ्तारी और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की जा रही है।
बाड़मेर जिले में 3 हजार रुपए के विवाद से जुड़े मामले में युवक की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। घटना के विरोध में मृतक के परिजन और समाज के लोग दूसरे दिन भी धरने पर डटे हुए हैं और अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।
धरना स्थल पर परिजनों का कहना है कि घटना को एक महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की है, जिससे वे बेहद नाराज हैं।
परिजनों की 5 सूत्री मांगें
परिजनों ने प्रशासन के सामने 5 प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें शामिल हैं—
- मुख्य आरोपी और उसके सहयोगियों की तत्काल गिरफ्तारी
- मामले की निष्पक्ष जांच
- संबंधित थानाधिकारी और जांच अधिकारी को निलंबित करना
- उच्च स्तरीय जांच कराना
- पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा देना
परिजनों का कहना है कि जब तक इन मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक पोस्टमार्टम प्रक्रिया भी पूरी नहीं होने दी जाएगी।
प्रशासन की समझाइश जारी
मंगलवार को धरना स्थल पर डीएसपी रमेश कुमार शर्मा और भाजपा नेता स्वरूप सिंह राठौड़ भी पहुंचे। उन्होंने परिजनों और समाज के लोगों से बातचीत कर समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
प्रशासन लगातार स्थिति को शांत करने और समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
क्या है पूरा मामला
मृतक के पिता नारणाराम ने 20 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 19 अप्रैल की शाम भादरेश गांव में चुतराराम (33) और उतमाराम खड़े थे। इसी दौरान बैंगलोर में काम करने वाला गणेश वहां पहुंचा और 3 हजार रुपए देने की बात कहकर युवक को घर बुलाया।
आरोप है कि घर बुलाकर आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले बाड़मेर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर जोधपुर रेफर किया गया।
करीब एक महीने के इलाज के बाद 22 मई को उसे छुट्टी दी गई थी, लेकिन बाद में तबीयत बिगड़ने पर 26 मई को उसकी मौत हो गई।
धरना जारी, तनाव बरकरार
युवक की मौत के बाद परिजन और समाज के लोग अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। अब वे आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।