बाड़मेर कांग्रेस की कार्यशाला संपन्न: संगठन मजबूती पर फोकस, जिलाध्यक्ष ने भाजपा पर साधा निशाना – "भाजपा कन्फ्यूज्ड है, खुशी जाहिर करें या दुख"

बाड़मेर जिला कांग्रेस ने ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों की एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की, जिसमें संगठन मजबूती और चुनावी तैयारी पर फोकस रहा। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने बाड़मेर-बालोतरा जिला सीमाओं में बैकडेट फेरबदल को राजनीतिक साजिश बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा नेता खुद कन्फ्यूज्ड हैं कि इस फैसले पर खुशी जाहिर करें या दुख।

Jan 5, 2026 - 11:21
बाड़मेर कांग्रेस की कार्यशाला संपन्न: संगठन मजबूती पर फोकस, जिलाध्यक्ष ने भाजपा पर साधा निशाना – "भाजपा कन्फ्यूज्ड है, खुशी जाहिर करें या दुख"

बाड़मेर। कांग्रेस पार्टी की बाड़मेर जिला इकाई ने संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ब्लॉक और मंडल स्तर के अध्यक्षों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करने और आगामी चुनावों की तैयारी के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। कार्यशाला में जयपुर से आए विशेष ट्रेनरों ने पार्टी की नीतियों, संगठनात्मक ढांचे और वर्तमान राजनीतिक मुद्दों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।

कार्यशाला का आयोजन और मुख्य अतिथि बाड़मेर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आयोजित इस एकदिवसीय कार्यशाला में जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने मुख्य भूमिका निभाई। कार्यक्रम में बायतु विधायक हरीश चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष पदमाराम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। ट्रेनर के रूप में प्रदेश कांग्रेस से जुड़े सीताराम लांबा और मीनाक्षी जैदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने, मतदाता संपर्क मजबूत करने और पार्टी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने कार्यशाला के समापन पर कहा कि इस तरह की ट्रेनिंग सत्र कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हैं और पार्टी को चुनावी मोड में लाने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा, "जयपुर से आए ट्रेनरों ने मंडल और ब्लॉक अध्यक्षों को संगठन मजबूती के व्यावहारिक टिप्स दिए। यह कार्यशाला पार्टी की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

भाजपा पर तीखा हमला: सीमा फेरबदल को बताया राजनीतिक निर्णय कार्यशाला के दौरान जिलाध्यक्ष गोदारा ने हाल ही में बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं में किए गए फेरबदल पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 31 दिसंबर 2025 को आनन-फानन में अधिसूचना जारी कर बायतु उपखंड को बालोतरा से हटाकर बाड़मेर में शामिल किया, जबकि गुड़ामालानी और धोरीमन्ना उपखंडों को बाड़मेर से बालोतरा में स्थानांतरित कर दिया। यह निर्णय बैकडेट में लिया गया, जो पूरी तरह राजनीतिक मकसद से प्रेरित है।गोदारा ने आगे कहा, "ऐसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णयों में समय लेना चाहिए, लेकिन सरकार ने जानबूझकर एक खास कम्युनिटी और पार्टी (कांग्रेस) को टारगेट किया है। यह बाड़मेर और बालोतरा की जनता के साथ अन्याय है। भाजपा के लोग खुद कन्फ्यूज्ड हैं – उन्हें खुशी जाहिर करनी चाहिए या दुख। उन्होंने अभी तक न तो पटाखे फोड़े हैं (जैसे कुछ रिपोर्ट्स में भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया), न ही कोई खुशी दिखाई है। वे समझ नहीं पा रहे कि यह फैसला उनके लिए फायदेमंद है या नहीं।"यह सीमा परिवर्तन 31 दिसंबर 2025 की मध्यरात्रि को जारी अधिसूचना से प्रभावी हुआ, ठीक उस दिन जब जनगणना 2027 की तैयारी के लिए प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज हो रही थीं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इसे "तुगलकी फरमान" बताते हुए आलोचना की है, जबकि बायतु विधायक हरीश चौधरी ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। दूसरी ओर, कुछ भाजपा समर्थकों ने इस बदलाव पर खुशी जताई है, क्योंकि इससे कुछ क्षेत्रों में उनके राजनीतिक समीकरण मजबूत हो सकते हैं।

नाराज नेताओं को मनाने का प्रयास

कार्यशाला में कुछ नेताओं की अनुपस्थिति पर सवाल उठने पर जिलाध्यक्ष गोदारा ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम मुख्य रूप से मंडल और ब्लॉक अध्यक्षों के लिए था, हालांकि सभी को सूचना दी गई थी। उन्होंने कहा, "मेरा प्रयास शुरू से यही है कि सभी को साथ लेकर चलूं। जो नेता नहीं आए, वे व्यस्त होंगे। मैं अपनी ओर से पूरा प्रयास कर रहा हूं और सभी को पार्टी कार्यक्रमों में आमंत्रित करता हूं।"

यह कार्यशाला कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें पार्टी बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने पर फोकस कर रही है। आने वाले पंचायत और निकाय चुनावों को देखते हुए ऐसे आयोजन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.